aapkikhabar aapkikhabar

कैंसर और डायबिटीज को भी मात कर सकती है यह तीखी मिर्च



कैंसर और डायबिटीज को भी मात कर सकती है यह तीखी मिर्च

aapkikhabar.com

डेस्क -तीखी और बेहद कम पाई जाने वाली मिर्ची के नियमित प्रयोग से डायबिटिक और कैंसर को मात दी जा सकती है । यह दावा एक शोध में किया गया है । जैया मिर्ची के नाम से जानी जाने वाली मिर्ची पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाती है ।हालांकि अब इस मिर्च की पैदावार काम होती जा रही है । लेकिन अगर इसे व्यावसायिक रूप से उगाया जाए तो काफी फायदा हो सकता है । बताया जा रहा है कि इस मिर्च  में कैप्सेसीन नामक एल्कॉइड यौगिक पाया जाता है जो शुगर लेवल को कम करने में सहायक हो सकता है। इस मिर्ची का गुण एन्टी बैक्टेरियल और कैंसर के प्रति लाभकारी होने की भी संभावना है। इसमें विटामिन एबीसी भी पाई जाती है। इसके सभी स्वास्थ्यवर्धक गुणों को लेकर रिसर्च किया जा रहा है। 



  • छत्तीसगढ़ के वाड्रफनगर के रहने वाले एक छात्र ने ऐसी मिर्ची की खोज की है, जो मधुमेह और कैंसर दोनों के मरीजों के लिए लाभकारी है। रायपुर के शासकीय नागार्जुन विज्ञान महाविद्यालय में एमएससी अंतिम वर्ष (बायोटेक्नोलॉजी) के छात्र रामलाल लहरे ने इस मिर्ची की खोजा है। 

  • लहरे सरगुजा के वाड्रफनगर में इस मिर्ची की खेती कर रहे हैं। इस मिर्ची की एक खासियत यह भी है कि यह ठंडे क्षेत्र में पैदा होती है और कई सालों तक इसकी पैदावार होती है। 

  • छत्तीसगढ़ के जिला बलरामपुर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. के.आर. साहू ने छात्र लहरे को शोध में तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन देने का आश्वासन दिया है। इसके लिए शासकीय विज्ञान महाविद्यालय से प्रस्तावित कार्ययोजना बनाकर विभागाध्यक्ष से मंजूरी लेनी होगी।

  • लहरे ने एक साक्षात्कार में कहा कि पहाड़ी इलाकों में पाई जाने वाली तीखी मिर्ची को सरगुजा क्षेत्र में जईया मिर्ची के नाम से जाना जाता है। रामलाल लहरे इन दिनों जईया मिर्ची पर शोध कर रहे हैं।

  • लहरे ने कहा कि इस मिर्ची के पौधे की उंचाई दो से तीन मीटर होती है साथ ही इसके स्वाद में सामान्य से ज्यादा तीखापन होता है। इसका रंग हल्का पीला होता है और आकार 1.5 से 2 सेमी तक होता है। इसके फल ऊपरी दिशा में साल भर लगते रहते हैं।

  • चिल्लिएस एस फूड स्पाइस एंड मेडिसिन पर्सपेक्टिव, सुरेशदादा जैन इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, जामनेर जिला जलगांव महाराष्ट्र के वर्ष 2011 में हुए एक रिसर्च में कहा है कि मिर्ची में प्रचुर मात्रा में कैप्सेसीन नामक एल्कॉइड यौगिक पाया जाता है, जिसके कारण मिर्ची तीखी होती है। यह तत्व शुगर लेवल को कम करने में सहायक हो सकती है, लेकिन इस मिर्ची में ये अधिक मात्रा में पाया जाता है इसलिए इस मिर्ची का गुण एन्टी बैक्टेरियल और कैंसर के प्रति लाभकारी होने की भी संभावना है। इसमें विटामिन एबीसी भी पाई जाती है। इसके सभी स्वास्थ्यवर्धक गुणों को लेकर रिसर्च किया जा रहा है।

  • रायपुर के शासकीय नागार्जुन विज्ञान महाविद्यालय के बायोटेक्रोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. संजना भगत ने कहा कि उपरोक्त रिसर्च पेपर के आधार पर यह दावा किया जा सकता है, लेकिन जब तक मिर्ची पर रिसर्च नहीं पूरा होगा कैंसर के प्रति लाभकारी होने का दावा नहीं किया जा सकता। अभी मिर्ची पर रिसर्च जारी है। 

  • लहरे ने कहा कि इस मिर्ची के तीखेपन को चखकर ही जाना जा सकता है। यह स्थान और जलवायु के आधार पर सामान्य मिर्ची से अलग है। सामान्यत: ठंडे जलवायु में जैसे- छत्तीसगढ़ के सरगुजा, बस्तर, मैनपाट, बलरामपुर और प्रतापपुर आदि ठंडे क्षेत्रों में इसकी पैदावार होती है। इसके पैदावार के लिए प्राकृतिक वातावरण शुष्क और ठंडे प्रदेश में उत्पादन होगा। 

  • कृषि विश्वविद्यालय केन्द्र अंबिकापुर के प्रोफेसर डॉ. रविन्द्र तिग्गा ने कहा कि यह मिर्ची दुर्लभ नहीं प्राकृतिक कारणों से विलुप्त हो रही है। इसे कई क्षेत्रों में धन मिर्ची के नाम से भी जाना जाता है। इस मिर्ची में सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ती है, मानसून की वर्षा पर्याप्त रहती है। केवल नमी में यह पौधा सालों जीवित रहते हैं, और फलते रहता है।

  • तिग्गा ने कहा कि यह मिर्ची दुर्लभ नहीं थी, पहले गौरैया-चिरैया बहुतायत में रहती थी और वे मिर्ची चुनकर खाती और मिर्ची लेकर उड़ जाती थीं। जहां-जहां चिड़िया उड़ती थी, वहां-वहां मिर्ची के बीज फैल जाते थे और मिर्ची के पेड़ उग जाते थे। 

  • अब गौरैया-चिरैया लुप्त होने की कागार पर है और गांव, कस्बों व शहरों में तब्दील हो रहे हैं, जिसके कारण यह मिर्ची कम पैदा हो रही है। पहले पहाड़ी इलाकों में घरों घर धन मिर्ची (जईया मिर्ची) के पौधे होते थे। इसे व्यावसायिक रूप से भी पैदा किया जा सकता है।


Source Ian's 


-



सम्बंधित खबरें



खबरें स्लाइड्स में


खबरें ज़रा हट के


Latest news with Aapkikhabar

"आज के ताज़े समाचार' के साथ आपकी ख़बर

भारत के सबसे लोकप्रिय समाचार के स्रोत में आपका स्वागत है ताजा समाचार और रोज के ताजा घटनाक्रम के लिए दैनिक समाचार को पढने के लिए हमारी वेबसाइट सही और प्रमाणिक समाचारों को खोजने के लिए सबसे अच्छी जगह है। हम अपने पाठकों को पूरे देश और उसके मुख्य क्षेत्रों में नवीनतम समाचारों के साथ प्रदान करते हैं। हमारा मुख्य लक्ष्य खबरों को एक उद्देश्य के साथ मूल्यांकन भी देना है और इस तरह के क्षेत्रों में राजनीति, अर्थव्यवस्था, अपराध, व्यवसाय, स्वास्थ्य, खेल, धर्म और संस्कृति के रूप में क्या हो रहा है, इस पर भी प्रकाश डालना है। हम सूचना की खोज करते हैं और सबसे महत्वपूर्ण ग्लोबल घटनाओं से संबंधित सामग्री को तुरंत प्रकाशित करते हैं।.

Trusted Source for News

ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए सबसे विश्वसनीय स्रोत है आपकी खबर

आपकी खबर उन लोगों के लिए एक बेहतरीन माध्यम है जिनके कई मुद्दों पर अपनी अलग राय है हम अपने पाठकों को भी एक माध्यम उपलब्ध कराते हैं जो ख़बरों का विश्लेषण कर सकें निर्भीक रूप से पत्रकारिता कर सकें | आपकी खबर का प्रयास रहता है की ख़बरों के तह तक जाएँ पुरी सच्चाई पता करें और रीडर को वह सब कुछ जानकारी दें जो अमूमन उन्हें नहीं मिल पाती है | यह प्रयास मात्र इस लिए है कि रीडर भी अपनी राय को पूरी जानकारी से व्यक्त कर सके |
खबर पढने वाले पाठकों की सुविधा के लिए हमने आपकी खबर में विभिन्न कैटेगरी में बात है जैसे कि विशेष , बड़ी खबर ,फोटो न्यूज़ , ख़बरें मनोरंजन,लाइफस्टाइल, क्राइम ,तकनीकी , स्थानीय ख़बरें , देश की ख़बरें उत्तर प्रदेश , दिल्ली , महाराष्ट्र ,हरियाणा ,राजस्थान , बिहार ,झारखण्ड इत्यादि |

Develop a Habit of Reading

अब अखबार नहीं डिजिटल अखबार पढ़िए “आप की खबर” के साथ

आपकी खबर सामाचार ताजा सामाचारों का एक डिजिटल माध्यम है जो जनता को सच्चाई देने में समाचारों का एक विश्वसनीय स्रोत बनने का प्रयास है। हमारे दर्शकों के पास समाचार पर टिप्पणी करने और अन्य पाठकों के साथ अपनी स्वतंत्र राय साझा करने का अंतिम अधिकार है। हमारी वेबसाइट ब्राउज़ करें और आप की खबर (आज की ताजा खबर) की जाँच करें, साथ ही आपको मिलेगा आपकी खबर के एक्सपर्ट्स की टीम खबरों की तह तक जाने का प्रयास करती है और कोशिस करती है कि सही विश्लेषण के साथ खबर को परोसा जाए जिसमे वीडियो और चित्र की भी प्रमंकिता हो । इसके लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें और भारत में कुछ भी नया घटनाक्रम को घटित होने पर अपने को रखें अपडेट |