औकात की बात मत करना मेरे दोस्त एक भारतीय ने खरीद डाले बुर्ज खलीफा में 22 फ़्लैट

नई दिल्ली-औकात का क्या है बनती बिगडती रहती है जिस आदमी को उसके दोस्त ने बोला था कि तुम्हारी औकात भी नहीं है बुर्ज खलीफा में घुसने की उसकी औकात कुछ साल में ही इतनी हो गई की उसने बुर्ज खलीफा में एक नहीं एक साथ 22 फ़्लैट खरीद डाले | यह कहानी केरल के त्रिशूर में पैदा हुए जॉर्ज वी नेरयमपरमपिल की है जो कुछ साल पहले एक मैकेनिक मात्र था और आज उसकी औकात इतनी बढ़ गई की उसने वह कर दिखाया गया जिससे उसकी चर्चा आज पूरी दुनिया में हो रही है|दुबई में नाम पैदा करने के बाद अब अपने देश में भी जार्ज कुछ करना चाहते हैं और केरल में एक नहर बनाना चाहते हैं बिजली बनाना चाहते हैं और मछली पालन करना चाहते हैं |
आइए जानते हैं जॉर्ज वी नेरयमपरमपिल के बारे में

11 साल की उम्र में पढ़ाई के साथ साइड बिजनेस शुरू किया। बड़े हुए तो मैकेनिक बन गए। पैसा बचाया। शारजाह गए। यहां एयरकंडीशनर का बिजनेस शुरू किया। बात 2010 की है, जॉर्ज दुबई में दोस्त के साथ दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग बुर्ज खलीफा देखने गए थे। दोस्त ने कहा ये बुर्ज है। इसमें 163 मंजिल हैं। सोचना भी मत, तुम्हारी औकात इतनी नहीं है कि इसमें कभी रह सको। इसमें घुसने के भी पैसे लगते हैं। जॉर्ज ने उसी बुर्ज में छह सालों में 22 फ्लैट खरीद डाले। यह किसी एक व्यक्ति द्वारा बुर्ज में खरीदे गए सबसे ज्यादा फ्लैट हैं। 16 कंपनियों के ग्रुप के मालिक, पढ़िए जॉर्ज की पूरी कहानी..- जॉर्ज वी नेरयमपरमपिल जियो इलेक्ट्रिकल एंड कॉन्ट्रैक्टिंग को एलएलसी कंपनी के मालिक हैं। अाज जियो ग्रुप में 16 और कंपनियां हैं।- यूएई में कुल एक हजार से ज्यादा लोग काम करते हैं। कंपनी के प्रापर्टी का काम मेयदान और रास अल खैयमाह में है। जबकि कारखाने शारजाह, अजमान में हैं।- जॉर्ज के मुताबिक,''यदि मुझे एक अच्छी डील मिलती है तो मैं और जमीन खरीदता हूं। मैं हमेशा ख्वाब देखने वाला व्यक्ति हूं। इसे देखना कभी बंद भी नहीं कर सकता हूं।''- ''मुझे याद है जब मैं 11 साल का था। उन दिनों सोचता था कि एक दिन मैं प्रापर्टी खरीदने-बेचने का काम करूंगा। मेरी खुद की ढेर सारी जमीन होगी। पिता कपास की खेती करते थे। मैं उनकी मदद करता था।''- ''रोजाना सुबह-शाम खेत से कपास को मार्केट में बेचने जाता था। इसके बाद पढ़ने जाता था। एक दिन मुझे आइडिया आया कि लोग कपास का तो इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उसके बीज को फेंक देते हैं।''- ''इसके बाद मैंने बीज को बटोरना शुरू कर दिया। उससे गोंद बनाता और बेचता। यह मेरा पढ़ाई के साथ पहला साइड बिजनेस था। बड़ा हुआ तो मैकेनिक की दुकान खोली। लेकिन मन नहीं लगा।''
बुर्ज खलीफा है। यहां फ्लैट खरीदने के बारे में मत सोचने लगना

- जॉर्ज बताते हैं,'' दुबई के बारे में बहुत सुना था कि वहां जो जाता है वो अमीर हो जाता है। बचाए हुए पैसे से 1976 में शारजाह पहुंचा। यह मेरी पहली विदेश यात्रा थी। यहां मैंने एयरकंडीशनर का बिजनेस शुरू किया।''- ''यूएई में गर्मी ज्यादा होने से कारोबार चल निकला। फिर 1984 अपनी एक छोटी सी कंपनी बनाई। प्रापर्टी डीलिंग का भी काम शुरू किया। जोकि बचपन का सपना था। एक दिन दोस्त के साथ ऐसे ही बुर्ज खलीफा घूमने गया था।''- ''वह मुझसे मजाक में बोला, यह बुर्ज खलीफा है। यहां फ्लैट खरीदने के बारे में मत सोचने लगना। लेकिन उसकी बात मुझे चुभ गई। मैंने सोच लिया कि उसे बुर्ज खलीफा में फ्लैट खरीद कर जरूर दिखाऊंगा।''सेविंग्स के पैसे लगाकर लिया फ्लैट- जॉर्ज कहते हैं, ''एक दिन अखबार में बुर्ज में फ्लैट बिकने का ऐड पढ़ा। मैंने फौरन सेविंग्स की पूरी रकम लगाकर बुर्ज में अपना पहला फ्लैट खरीदा। बुर्ज में कुल 900 फ्लैट हैं।''- ''इसमें अभी मैंने अपना 22वां फ्लैट खरीदा है। ये सभी अलग-अलग फ्लोर पर हैं। अब मेरा अगला ख्वाब अपने देश में कुछ करने का है।''- ''मैं त्रिवेंद्रम से कासारकोड तक नहर बनाना चाहता हूं। यह नहर जंगलों से गुजरेगी।- ''इससे बिजली बनाने, सब्जी उगाने व मछली पालन की योजना है। साथ ही प्रकृति को सौंदर्य प्रदान करना भी है।''

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