शादी से पहले एचआईवी टेस्ट करवाओ फिर होगी शादी

शादी से पहले एचआईवी टेस्ट करवाना होगा जरूरी एचआईवी को मात देने लिए नई पहल -भिवानी के गांव चंदेनी की पंचायत ने लिया फैसला -दुल्हा-दुल्हन ने शादी से पहले एचआईवी टैस्ट रिपोर्ट पेश की कैथल - जिले के चरखी दादरी उपमंडल का गांव चन्देनी में दूल्हा-दुल्हन को शादी से पहले एक रस्म और निभानी होगी और वह है एचआईवी टेस्ट पास करना। दरअसल एचआईवी को मात देने लिए चन्देनी गांव की पंचायत ने नई पहल करते हुए यह फैसला लिया है। यह फैसला पंचायत ने समाजिक कार्यकर्ता, अभिनेता व मॉडल संजय रामफल के सहयोग व प्रेरणा से लिया है। गौरतलब है की चन्देनी गांव की महिला युवा सरपंच ममता सांगवान हैं जो गांव में निर्विरोध चुनी गई है। ममता ने सरपंच बनते ही गांव में कुछ नया करने का जजबा लेते हुए नई पहल शुरू की है। ममता ने संजय रामफल से मिलकर एचआईवी टैस्ट मिलने के बाद शादी करने की योजना बनाई। जो गांव के बीच बैठकर ग्रामीणों की सहमती से यह निर्णय लिया गया। युवा महिला सरपंच ममता सांगवान का कहना है कि हम गांव में कुछ नया करने की ओर आगे बढ़ते हुए शादी के दौरान दुल्हा-दुल्हन की एचआईवी रिपोर्ट देखेंगे। अब हमारे गांव में कोई भी शादी होगी तो दुल्हा व दुल्हन को एचआईवी टैस्ट रिपोर्ट पेश करनी होगी। अगर पहले कोई दूल्हा-दुल्हन ये करे तो उनकी मर्जी है बाद में उन्हीं युवक-युवती को शादी की अनुमति दी जाएगी जो एचआईवी टेस्ट में पास होगा। यानी दूल्हा-दुल्हन एचआईवी टेस्ट पास करने के बाद ही शादी कर सकेंगे। पंचायत प्रतिनिधि हवा सिंह व रामकुमार ने बताया कि एचआईवी के इन्फेक्शन से निपटने के लिए गांव के मौजिज लोग बुलाये गये। आने वाली पीढिय़ों को एड्स मुक्त बनाने के लिए शादी से पहले टेस्ट कराने का फैसला किया है। पंचायत में देश की सभी पंचायतों से ऐसा ही करने की अपील की गई है। उनका दावा है कि पंचायत के इस फैसले से सभी गांवों के लोग सहमत हैं। इसी कड़ी में हमने गांव में मंगलवार देर रात एक शादी समारोह में दुल्हा व दुल्हन को शपथ भी दिलाई है। बॉक्स- संजय रामफल के अनुसार चन्देनी गांव की पंचायत ने मिलकर जो फैसला लिया है, उससे देश की भावी पीढ़ी एचआईवीमुक्त रहेगी। दरअसल इस गांव के लोग अपने इलाके को एचआईवीमुक्त करने की मुहिम चला रहे हैं। हरियाणा में अभी एक गांव के लोगो ने मिलकर यह फैसला लिया है। शादी करने से पहले लड़के या लड़की को सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर एचआईवी टेस्ट करवाना होगा और वहां से सर्टिफिकेट भी लेना होगा। ऐसा ही फैसला गांव चन्देनी के एक नव विवाहित जोड़े धर्मजीत ग्रेवाल और मुकेश ने अपने विवाह से एक दिन पहले सरकारी स्वास्थ्य केंद्र एचआईव के टेस्ट का सॢटफिकेट लाकर गांव की पंचायत को सौंपकर इस नई पहल का मिशाल बने। बॉक्स- दूल्हा धर्मजीत एक सरकारी स्कूल में जियोग्राफिक के लेक्चर्र हैं। धर्मजीत का कहना है कि आज समाज में अनेक बीमारियां हमारी युवा पीढ़ी को खत्म कर रही है उनमें से एचआईव भी एक भयंकर बीमारी है इसे जड़ से मिटाने के लिए मेरे गांव की पंचायत ने संजय रामफल से प्रेरणा लेकर जो पहल की वह अत्यंत सराहनीय है। धर्मजीत ने अपनी शादी में जो दुल्हन पक्ष द्वारा कीमती सामान दिया था वह भी वापिस लौटा दिया और दहेज में तुलसी का पोधा और गीता की पुस्तक लेकर दहेज जैसी बीमारी को भी मिटाने का उदाहरण पेश किया है। बॉक्स- वहीं नवविवाहित दुल्हन मुकेश ने अपने होने वाले जीवनसाथी की पहल देखकर गांव की इस नई पहल को सहरानीय बताते हुए कहा हम सब का फर्ज बनता है की समाज में फैल रही इन बीमारियों को जड़ से मिटाना होगा तभी हम एक सभ्य समाज के साथ-साथ आने वाली युवा पीढ़ी को विरासत में स्वस्थ वातावरण दे सकें। हमें अपनी ग्राम पंचातो के फैसले पर अमल करते हुए अपना कर्तव्य निभना चहिये। दूल्हा धर्मजीत व दुल्हन मुकेश ने हर गांव की पंचायतो से अपील की है हमारी इस पहल को अपनाकर और सब को मिलकर इस एचआईव बीमारी को जड़ से खत्म करके एक नये आगाज करे। (राजकुमार अग्रवाल )

Share this story