मनबढ़ मैडम के आगे बेबस हुआ विभाग, कार्यवाही कोसों दूर

Gonda News (khabar)HP Srivastavकानून का पाठ केवल उन लोगों के लिए है जिनकी पहुंच नही हैं अगर रसूखदार अधिकारी हैं तो फिर क्या कहने गोंडा में लोकसेवक केवल सरकारी किताबों मे लिखी हुई बात है ।

यातायात सुरक्षा माह बीत गया लोगों को सुरक्षा और यातायात के कानून का पाठ पढ़ाया गया लेकिन शायद ARTO बबिता वर्मा जैसे लोगों को इस पाठ से बाहर कर दिया गया ।

गोण्डा़ में हनक,...है कोई माई का लाल जो उतरवा सके निजी गाड़ी का हूटर....। मनबढ़ मिजाज मैडम एआरटीओ कानून को धता बताने में ही अपनी शान समझ रही हैं। शायद इसी का नतीजा की मंडलीय उच्चाधिकारियों के आदेश भी इनके शान के आगे पानी भरता दिख रहा है। इतना सुधार जरूर हुआ है कि मोटरवाहन एक्ट का पाठ पढ़ाने वाले विभाग के पोर्च पर ये गाड़ी अब कम दिखती है। लेकिन है एकदम अब भी दबंग स्टाइल हूटर,बीम लाइट से सजी सवरी निजी गाड़ी।जो मैंडम को उनके कार्यालय में परिवहन विभाग का पाठ पढ़ाने के लिये छोड़कर फुर्र हो जाती है। हाँ ये जरूर है जब मैंडम परिवहन का कानून नियम न तोडने का पाठ पढ़ाती तब उनकी निजी गाड़ी सड़कों पर फर्राटा भर कानून के चीथड़े उड़ाती है।

क्या है पूरा मामला--

बताते चले इनकी एआरटीओ प्रशासन बबिता वर्मा की निजी गाड़ी परिवहन विभाग के पोर्च में खड़ी परिवहन नियमों का मखौल उड़ा रही थी। प्रतिबन्धित हूटर व बीम लाइट से सजी सवरी निजी वाहन को देख पत्रकारों का एक दल इस गाड़ी का विजुवल करने लगा। तभी आवेश में आकर एआरटीओ ने पत्रकारों से अभद्रतापूर्ण व्यवहार करते हुए धौस जमाते हुए मुकदमें में फंसाने की धमकी भी दे डाली। फिलहाल विभागीय सूत्रों की माने तो यह मामला करना अब मैंडम को खल रहा है, इनको न निगलते बन रहा है न उगलते। क्योंकि हूटर व बीम लाइट उतारती हैं तो विभाग में फजीहत होगी। वही अगर गाड़ी विभाग के पोर्च में खड़ी करती हैं तो नियम कानून तोड़ने का बदनुमा दाग धब्बा लगेगा। वहींं विभागीय लोग यह भी चर्चा करते पाए गए कि मैडम कह रही हैं कि मेरा मेंटल हैरेसमेंट हुआ है । बहरहाल इस मामले को लेकर पत्रकारों का दल मंडलायुक्त एसवीएस रंगाराव से भी मिल चुका है। उन्होंने भी जांच कराकर नियम तोड़ने पर कारवाई करने को कह चुके हैं। पत्रकारों द्वारा जिलाधिकारी गोंडा मार्कण्डेय शाही को कवरेज के दौरान किया गया विजुअल दिखाकर 5 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन दिया गया जिस पर जिलाधिकारी गोंडा द्वारा जांच कराने के बाद कार्यवाही करने की बात कही है । वहींं आरटीओ सुरेंद्र कुमार ने भी हूटर व बीम लाइट का प्रयोग गलत मानते हुए निजी गाड़ी से इसे उतरवाने का आदेश के साथ एआरटीओ प्रशासन बविता वर्मा से जवाब तलब करने की जानकारी दी है। इन आदेशों में दम नही है या फिर मैंडम मनबढ़ है इसको लेकर लोग कयास लगा रहे हैं।





क्या कह रहा है मोटर यान अधिनियम 210 बी --

मोटरयान अधिनियम के संशोधन अधिनियम की धारा 210-B में कहा गया है कि अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने का अधिकार प्राप्त किसी भी प्राधिकरण या अधिकारी द्वारा यदि इस अधिनियम के तहत अपराध किया जाता है, तो उस अपराध के लिए दोगुना दंड के लिए उत्तरदायी होगा। यानी कि यदि कोई पुलिसकर्मी ट्रैफिक नियमों का उलंघन करता है तो उसे 200 प्रतिशत ज्यादा जुर्माना भरना होगा।





मैडम के निजी गाड़ी पर हूटर व हाई बीम लाइट वीआईपी होने की बन गई निशानी--

मंडलीय कार्यालय में बैठने वाले एआरटीओ का पद आरटीओ से भले ही छोटा हो लेकिन उसके नाम की प्लेट बड़ी होने के साथ ही गाड़ी पर हूटर बीआईपी की निशानी बन गई है। सड़कों पर निकलते समय सायरन बजने से आम आदमी सड़क पर असहज महसूस करता है।कई बार सायरन से दुर्घटना की आशंका भी बनती है।इसके साथ ही कई बार हूटर का दुरूपयोग सामने आया है।

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