मायावती ने कहा पहले बताओ कितनी सीटें दोगे

बीएसपी को लेकर भ्रांतियां फैलाई जा रही है - मायावती ।
आरजेडी की ओर से रैली में शामिल होने को लेकर देश भर की नज़र - मायावती ।
बीएसपी सेकुलर पार्टी - मायावती ।
बीजेपी और आरएसएस की मानसिकता सबको पता - मायावती ।
पटना की रैली सफ़ल होगी तो टिकट का बंटवारा कैसे होगा - मायावती ।
अविश्वास पैदा न हो इसलिए सब साफ रखना चाहिए - मायावती ।
बीएसपी ने पुराने कड़वे अनुभव से काफी कुछ सीखने की कोशिश की - मायावती ।
आरजेडी को बता दिया गया है कि बीसपी किसी के साथ गठजोड़ तभी करेगी जब सीटों का बंटवारा स्पष्ट हो - मायावती ।
सीटों का बंटवारा पहले तय हो - मायावती ।
ऐसा करने से बीजेपी को धराशायी करना आसान - मायावती ।
मायावती-सर्कुलर फ्रंट में बीएसपी में शामिल होने को लेकर अपनी पार्टी के स्टैंड को रखना है। मुझे इसलिए सामने आना पड़ा की पिछले दिनों कई अलग अलग बात हो रही है। लालू 27 अगस्त को पटना में रैली कर रहे हैं। उन्होंने मुझे भी आमंत्रित किया है। इस पर पूरे देश की निगाहें लगी है।
राष्ट्रीय जनता दल को बता दिया गया है कि बीएसपी अपने आप में सेकुलर पार्टी है।
बीजेपी एन्ड कंपनी बसपा के मिशन को कमजोर करना चाहती है।
पटना की रैली में बसपा के शामिल होने की बात है तो बसपा की चिंता यह भी है कि अगर रैली सफल भी हो गयी तो बाद में इन सेकुलर पार्टियों के बीच टिकट बंटवारे को लेकर घमासान और विश्वासघात से बीजेपी को फायदा मिल सकता है। बीएसपी इसके खिलाफ नहीं है लेकिन यह पूरी ईमानदारी से होना चाहिए। बिहार का पिछला गठबंधन यही दिखाता है।
बसपा इससे सबक ले चुकी है और ठोस रणनीति के साथ फैसला लेंगे

बीएसपी क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पार्टी के साथ कोई मंच तभी साझा करेगी जब यह तय हो जाए की गठजोड़ वाली पार्टियों को कितनी सीटें मिलेंगी। क्योंकि गठबंधन का बनना बिगड़ना सीटों के बंटवारे पर ही तय होता है। यह इसलिए भी जरूरी है कि तब अंतिम समय में टिकटों के लिए मची मारकाट से बचा जा सकता है। बसपा कभी सम्मानजनक सीटों के साथ समझौता नहीं कर सकती।

वर्तमान में बीजेपी अन्य राज्यों में भी आना चाहती है। वह सेकुलर पार्टियों को बदनाम करने के लिए गलत तरह से इस्तेमाल कर रही है। विपक्ष को ठोस रणनीति बनानी होगी ताकि जनता का विश्वास हासिल किया जा सके।

गठबंधन में सीटों का बंटवारा जरूरी है। नहीं तो गठबंधन बिखरेगा जिसका फायदा बीजेपी को मिलेगा।
बीजेपी साम, दाम, दंड भेद के ज़रिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है - मायावती ।
ठोस रणनीति बनाकर काम करना होगा - मायावती ।
बीसपी सावधान, सतर्क और सचेत है - मायावती ।
पटना की रैली में बीसपी भागीदार नहीं होगी - मायावती ।
मंच साझा करने से पहले बहुत कुछ सोचना होगा - मायावती ।

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