शहीद की पत्नी बोली पाकिस्तान से लड़ने वाली फौज तैयार करूंगी

डेस्क -जम्मू-कश्मीर आंतकी में हमले में राजस्थान के धौलपुर जिले के राजाखेड़ा क्षेत्र के राघवेन्द्र सिंह परिहार शहीद हो गए। आतंकियों की घुसपैठ की सूचना पर सेना द्वारा इलाके में चलाए गए सर्च आपरेशन के दौरान राघवेन्द्र को वीरगति प्राप्‍त हुई। 21 दिन पहले घर से आये थेशहीद राघवेन्द्र सिंह परिहार उर्फ सीटू भारतीय सेना की 3 ग्रेनेडियर में साल 2010 में भर्ती हुए थे। जो वर्तमान में जम्मू कश्मीर में तैनात थे।शहीद राघवेन्द्र सिंह परिहार के तीन भाई और दो बहनें हैं। जिनमें शहीद का सबसे बड़ा भाई बृजेश खेती का कार्य करता है। उससे छोटा भाई प्रवेन्द्र भारतीय सेना की 43 आरआर बटालियन का जवान है। वहीं सबसे छोटा भाई नरेश उच्च माध्यमिक का छात्र है। दो बहनों की शादी हो चुकी है। मेरे पति तो शहीद हो गए लेकिन अभी पांच माह का बेटा है उसे भी देश सेवा के लिए भेजूंगी। मुझे जब भी मौका मिलेगा तब पूरी सेना तैयार करूंगी। आखिर पाकिस्तान कितने बेटों की शहादत लेगा। रुंधे गले से यह कहना था शहीद की पत्नी अंजू का।अंजू मध्यप्रदेश के जोरा से बीएड कर रही है। अंजू ने बताया कि अब उनका मकसद केवल राजस्थान के हर स्कूल में भारतीय फौज के लिए जवान तैयार करना होगा। अंजू ने कहा कि उसे गर्व है कि उसके पति देश के लिए शहीद हुए हैं।मां को कहा था चिंता मत करना जल्दी घर लौटकर आऊंगा शहीद राघवेंद्र सिंह परिहार ने सोमवार शाम को ही मां से फोन पर बात की थी। शहीद की मां ने बताया कि बेटे ने शाम को ही कहा था कि मां अपना ख्याल रखना, वह जल्दी ही घर आएगा, लेकिन मंगलवार को सूचना आई कि बेटा शहीद हो गया। रोते-बिलखती हुई मां ने कहा कि उसे अगर पता होता कि अब उसके बेटे से कभी बात नहीं होगी तो वह फोन को नहीं काटती। उधर, ग्रामीणों ने बताया कि शहीद राघवेंद्र अपनी मां से अत्यधिक प्यार करता था।

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