ट्रेनों की बढ़ेगी रफ़्तार

नई दिल्ली- मोदी सरकार में ट्रेनों की रफ़्तार बढ़ाने के लिए अब डीजल किं जगह इलेक्ट्रिक ट्रेनों की रफ्तार में तेजी लाने के लिए रेलवे ने पहल शुरू की है। भारतीय रेलवे ने डीजल से चलने वाले इंजन वाली रेल गाड़ियों की जगह तेज रफ्तार से चलने वाली इलैक्ट्रॉनिक ट्रेनों को पटरियों पर उतारने का मन बना लिया है। मिशन रफ्तार के तहत रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इस पहल का ऐलान इस साल के रेल बजट में किया था। रेलवे का मानना है कि इस पहल के बाद ट्रेनों की रफ्तार में सुधार आएगा। इससे रफ्तार को 25 किलोमीटर प्रति घंटे बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही इससे होने वाले प्रदूषण से भी निजात मिल जाएगी। इससे दूसरा फायदा खर्चे का है। बता दें कि डीजल पर होने वाले खर्च के मुकाबले बिजली से चलने वाली ट्रेनों का खर्च कम होता है। इसके तहत अगले पांच महीनों में माल गाड़ियां दोगुनी रफ्तार से दौड़ सकेंगी। रफ़्तार बढ़ने से यात्री ट्रेनों को भी फायदा होगा जिससे लोग अपना सफ़र कम समय में पूरा करेंगे वहीँ माल गाड़ियां भी जल्दी माल पंहुचा सकेंगी ।

Share this story