Top
Aap Ki Khabar

कैसे आएंगे "अच्छे दिन "जब राजधानी एक्सप्रेस में ही नहीं मिलती "मेडिकल "की सुविधा

कैसे आएंगे  अच्छे दिन जब राजधानी एक्सप्रेस में ही नहीं मिलती मेडिकल की सुविधा
X
इटावा-भुवनेश्वर से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस तकनीकी खामी के कारण इटावा मे रेलवे स्टेशन के पास सुबह सात बज कर नौ मिनट से खडी । रेलवे अफसरो के अनुसार राजधानी एक्सप्रेस का पिंटो टूट गया है सभी रेल यात्री रेलवे लाइन के किनारे बाहर खडे हुए है । रेलवे के अफसर मौके पर पडताल मे जुटी । करीब सवा दो घंटे के बाद राजधानी एक्सप्रेस इटावा से नई दिल्ली के लिए की गयी रवाना । राजधानी का पिन्टो टूटने से तकनीकी खामी के कारण खड़ी रही राजधानी । इटावा भुवनेश्वर से नयी दिल्ली जा रही राजधानी ट्रेन का पिंटो सेट टूट जाने से ट्रेन इटावा स्टेशन से पहले रुकी.दिल्ली हावड़ा मार्ग हुआ बाधित.कई ट्रेने जहा की तहा रुकी .ट्रेन के एक कोच में महिला की हालत हुयी गंभीर.उपचार ना मिलने से यात्रियों ने स्वय उस महिला को ट्रेन से उतार एम्बुलेंस से आगरा ले गए.रेल प्रशासन की तरफ पीड़ित महिला को नहीं सुविधा , भुवनेशवर से नयी दिल्ली जा रही 22811-22823 राजधानी ट्रेन जैसे ही इटावा रेलवे स्टेशन पर पहुँचती उससे पहले ही महेरा फाटक के पास पहुँचती तभी इंजन और बिजली वायर को जोड़ने वाला पिंटो सेट टूटकर गिरा गया जिसकी वजह से ट्रेन दो घंटे तक ट्रेन रुकी रही .यह पिंटो सेट गिरने की घटना सायद इससे पहले नहीं हुयी है .पिंटो सेट ढूढने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी .ट्रेन काफी देर तक खडी रहने पर ट्रेन में यात्रा कर रही एक महिला की हालत खराब हो गयी जिसको आनन फानन में एम्बुलेंस को बुलाकर आगरा के लिए ले गए.इससे साफ़ जाहिर होता है की राजधानी जैसी महत्त्वपूर्ण ट्रेन में डाक्टर मौजूद नहीं था और ना ही किसी तरह इलाज उस पीड़ित महिला को नहीं मिल सका .यह हाल है राजधानी ट्रेन का और अन्य ट्रेनों का क्या होगा .ट्रेन को दो सवा दो घंटे बाद रवाना किया जा सका. इस ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्रियों का कहना है कि यह ट्रेन पिछले एक घंटे से ज्यादा देर से खडी है इस ट्रेन के इंजन का पिंटो सेट टूट गया है आत्रा से दिल्ली जा रहा हू सुनने में आ रहा है ठीक हो रहा है .वहीं मौके पर पहुंचे अधिकारी का कहना है कि इसमें इंजन का पिंटो होता है वह टूट गया है हमको जैसी ही सूचना मिली में मौके पर पहुंचा .पिंटो को सही कर दिया गया है और बहुत जल्द ट्रेन को चलाया जायगा और पीछे पिंटो को ढूढने के लिए इंजन गया है.मुझे इससे पहले कभी भी पिंटो टूटने की बात सुनी है . सौरभ दुबे (इटावा)
Next Story
Share it