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संघ की मंथन बैठक, मुस्लिमों की आबादी को लेकर हो सकता है प्रस्ताव पास!

संघ की मंथन बैठक, मुस्लिमों की आबादी को लेकर हो सकता है प्रस्ताव पास!
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रांची: रांची के निकट महिलौंग के सरला बिरला स्कूल परिसर में शुक्रवार से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यमंडल की बैठक हो रही है। इसमें जनगणना के हाल के आंकडों में मुस्लिम आबादी 17 करोड से अधिक दर्ज किए जाने के मद्देनजर जनसंख्या वृद्धि में अंसतुलन पर एक प्रस्ताव लाया जाएगा, जिसमें इस विषय पर सरकार को ध्यान देने के लिए कहा जाएगा। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने बताया कि संघ के सबसे बडे नीति निर्धारक मंडल की 30 अक्टूबर से बैठक शुरू हुई।

यह बैठक दिवली के पहले हर साल होती है। दूसरी बैठक मार्च के पहले होती है। इसमें संघ के सांगठनिक 42 प्रांतों के प्रांत संघचालक, कार्यवाह और प्रांत प्रचारक से लेकर केंद्रीय पदाधिकारी भाग ले रहे हैं। इनके अलावा संघ के विविध क्षेत्रों में काम कर रहे सभी लोगों को मिलाकर करीब 400 लोग इसमें भाग ले रहे हैं। संघ का नए साल का काम जून-जुलाई के बाद शुरू हो जाता है। संघ देश के वर्तमान सामाजिक परिवेश के गंभीर विषय पर विचार करता है। इसके साथ ही अपने वार्षिक कार्यक्रमों का लेखा-जोखा करता है। संघ की कार्य दिशा को लेकर नए प्रयोग हो रहे हैं, इसकी भी चर्चा होगी। वैद्य ने बैठक की पूर्व संध्या पर कहा कि हाल ही में आए जनगणना के आंकडे जनसंख्या वृद्धि में अंसतुलन दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में इस विषय पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा और इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया जा सकता है।

बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत समेत संगठन के समस्त शीर्ष पदाधिकारी भाग लेंगे। वैद्य ने उपमन्यु हजारिका आयोग की इस रिपोर्ट पर भी देशव्यापी बहस की जरूरत बताई कि बांग्लादेश से अवैध पलायन के चलते 2047 तक असम में स्थानीय आबादी के सिमटकर अल्पसंख्यक हो जाने का खतरा है। उन्होंने कहा कि हाल में हजारिका आयोग की रिपोर्ट ने असम और बंगाल में बदलती जनसांख्यिकीय स्थिति के बारे में चौंकाने वाली जानकारी दी है। यदि यही प्रवृत्ति जारी रही तो भारतीयों की जनसंख्या कम हो जाएगी और विदेशी बढ जाएंगे। पिछले दिनों जारी जनगणना के आंकडों के अनुसार मुस्लिम समुदाय की आबादी 2001 से 2011 के बीच 10 साल में 0.8 फीसदी की वृद्धि के साथ 17.22 करोड पहुंच गई, वहीं हिंदुओं की जनसंख्या इस अवधि में 0.7 फीसदी कमी के साथ 96.63 करोड रह गई।

इससे पहले विजया दशमी पर अपने संबोधन में भागवत ने कहा था कि पिछली दो जनगणना रिपोटों के तथ्य और आंकडों और परिणामस्वरूप सामने आए असंतुलन पर व्यापक मंथन हो रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश के पूर्वोत्तर राज्यों में विदेशी घुसपैठियों की बढती संख्या को लेकर चिंतित है। असम और बंगाल में स्थानीय नागरिकों की तुलना में विदेशी घुसपैठियों की संख्या तेजी से बढ रही है। राज्यों का भौगोलिक स्वरूप भी बदल रहा है। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉक्टर मनमोहन वैद्य ने बैठक की पूर्व संध्या में मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी।
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