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जानें,5 अनलकी क्रिकेटरों के बारें में।



जानें,5 अनलकी क्रिकेटरों के बारें में।

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क्रिकेट जगत के ऐसे सूरमा, जो बेहद अच्छी शुरूआत के बाद भी टीम में ज्यादा देर नहीं टिक सके। जानें, ऐसे 5 अनलकी क्रिकेटरों के बारें में।इन सूरमा क्रिकेटरों में एक भारतीय, दो पाकिस्तानी क्रिकेटर और दो ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शामिल हैं।पहले जानते हैं भारतीय क्रिकेटर नरेंद्र हिरवानी के बारे में। जनवरी 1988 में 19 साल की उम्र में नरेंद्र ने वेस्टइंडीज के खिलाफ धमाकेदार डेब्यू किया। इस मैच में इस लेग स्पिनर ने 16 विकेट झटके।महान ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर शेन वॉर्न से पहले क्रिकेट में पदार्पण करने वाले नरेंद्र हिरवानी ने अगले तीन टेस्ट में 20 विकेट लिए। हालांकि फिर अचानक ही उनकी जादुई गेंदबाजी गायब हो गई। उसके बाद अनिल कुंबले के टीम में इंट्री के बाद वह टीम से हमेशा के लिए बाहर हो गए। उन्होंने 17 टेस्ट और 18 वनडे मैचों में कुल 98 विकेट (66 टेस्ट, 23 वनडे) झटके।दूसरे अनलकी क्रिकेटर हैं ऑस्ट्रेलिया के बॉब मेसी। मध्यम गति के 25 साल के इस स्विंग गेंदबाज अपने डेब्यू मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 16 विकेट झटके थे। वह 26 जून 1972 का दिन था। जब मेसी की स्विंग के आगे इंग्लिश बल्लेबाज टिक नहीं पा रहे थे।एशेज सीरीज में डेब्यू करने वाले किसी ऑस्ट्रेलियाई का यह उस वक्त का सबसे शानदार आगाज था। लेकिन अगले पांच मैचों में अपनी लय बरकरार नहीं रख पाने के बाद वह 18 महीनों के भीतर ही टीम से बाहर हो गए। उन्होंने केवल 6 टेस्ट और 3 वनडे (31 टेस्ट और 3 वनडे) मैच खेले। ऑस्ट्रेलिया के ही एक और गेंदबाज जेसोन क्रेजा दुर्भाग्यशाली क्रिकेटरों में से एक हैं। 2008 में भारत के खिलाफ इन्होंने टेस्ट में शानदार आगाज किया था और 12 विकट झटके थे। 2011 वर्ल्ड कप के बाद यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से गायब हो गए। इन्होंने सिर्फ 2 टेस्ट और 8 वनडे खेले जिसमें कुल 20 विकेट (13 टेस्ट और 7 वनडे) ही ‌हासिल किए।अब बात करते हैं ऐसे पहले ‌पाकिस्तानी क्रिकेटर की जिसने अपने टेस्ट डेब्यू में विदेशी धरती में शतक लगाने का कारनामा किया। फवाद आलम ने कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ 2009 में टेस्ट में आगाज किया और पहली पारी में ही 168 रन ठोक डाले।टेस्ट में अद्भुत कारनामा करने वाला यह क्रिकेटर टेस्ट में सिर्फ 3 मैच ही खेल पाया। हालांकि फवाद आलम अभी भी वनडे टीम का हिस्सा हैं। इन्होंने वनडे में भी सेंचुरी लगाई है।आखिर में आते हैं पाक टीम के एक और क्रिकेटर पर। खालिद 'बिली' इबादुल्ला ने 1964-65 में कराची में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट का आगाज किया। डेब्यू मैच में ही इस ओपनर ने 166 रन ठोकने के बाद वह ऐसा कारनामा करने वाले पहले पाक बल्लेबाज बने। सिर्फ 4 टेस्ट मैच खेलने के बाद ये अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से गायब हो गए।

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