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इंसानो ने किया दरिंदो वाला काम



इंसानो ने किया दरिंदो वाला काम

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लखनऊ-- 'जाकों राखे साइयां मार सके ना कोई' यह कहावत इस मासूम पर बिल्कुल सही साबित होती है, जिसे इंसानों ने जिंदा दफना दिया, लेकिन चील-कौवे अपने कुदरती असर की वजह से उस जिंदा मासूम के जमीन से बाहर निकले पैर के कुछ हिस्सों पर चोंच मारने लगे। इसे देखकर गांववालों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कब्र को खुदवाया तो बच्चा जिंदा निकला।बाराबंकी जिले के एक गांव में नवजात को जिन्दा दफनाने का मामला सामने आया है। मामला संज्ञान में तब आया, जब गांव के लोगों ने जमीन में दफन बच्चे के पैर के कुछ हिस्से को कब्र के बाहर चील- कौवों को नोंचते हुए देखा। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कब्र को खुदवाया तो बच्चा जिन्दा निकला।चाइल्डलाइन सोसाइटी की अध्यक्ष नाहिदा अकील ने बताया कि अभी तक बच्चे के माता- पिता का पता नहीं चल पाया है। बच्चा दो से तीन दिन का लग रहा है। क्षेत्र में कार्यरत एएनएम सहित कई लोगों से बच्चे के बारे में जानकारी की जा रही है। क्षेत्र के कोठी थाने में भी एफआईआर दर्ज करा दी गयी है। पुलिस जांच में जुटी है।बताते चलें कि बाराबंकी जिले के कोठी थानाक्षेत्र के सैदपुर गांव में एक जिन्दा बच्चे को दफन कर दिया गया। 21 नवंबर को गांव की रहने वाली संबारा नाम की महिला सुबह शौच के लिए गयी थी। वहां पर उसने बच्चे के कब्र से निकले पैर के कुछ हिस्से को चील- कौवों को नोंचते देखा। इसके बाद उसने गांव के अन्य लोगों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे गांव वालों ने पुलिस को सूचना दी और कब्र से बच्चे को खोदने पर वह जिन्दा निकला।चाइल्डलाइन की अध्यक्ष नाहिदा अकील ने बताया कि गांव के रामप्रसाद नामक व्यक्ति को बच्चे का संरक्षक बनाया गया है। वहीं, बच्चे को डफरिन अस्पताल लेकर आया था। रामप्रसाद संबारा का पति है।उन्होंने बताया कि जब तक बच्चे को जिन्दा दफ़नाने वाले लोगों को सजा नहीं मिल जाती तब तक चाइल्ड लाइन ही बच्चे की देखभाल करेगा।

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