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जानलेवा कैंसर के प्रति ग्रामीण क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता की आवश्यकता बताई है: नाईक

जानलेवा कैंसर के प्रति ग्रामीण क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता की आवश्यकता बताई है: नाईक
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लखनऊ -- उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने जानलेवा कैंसर के प्रति ग्रामीण क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता की आवश्यकता बताई है। नाईक ने आज यहां साइंटिफिक कंवेन्शन सेंटर में एसोसिएशन आफ रेडिएशन आंकोलॉजिस्ट आफ इण्डिया द्वारा आयोजित 37वीं वार्षिक संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए कहा कि कैंसर के प्रति ग्रामीण क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता की जरुरत पर बल देते हुए कहा कि ग्रामीणें अंचल में कैंसर की प्राथमिक जांच के लिए स्वयं सेवी संगठनों को जोड़कर काम करने पर विचार किया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि विज्ञान की आधुनिक प्रगति एवं अद्यतन शोध का लाभ उठाकर कैंसर के महंगे इलाज के खर्च को कैसे कम किया जा सकता है, इस पर भी विचार होना चाहिये। संगोष्ठी के निष्कर्ष से उन्हें भी अवगत कराया जाय। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पडऩे पर कैंसर के इलाज, खर्च एवं शोध में सहयोग के लिए क्या करना है उस संबंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं राज्य सरकार से वह चर्चा करेंगे।नाईक ने कहा कि कैंसर पीड़ितों का इलाज करते समय रोगी के मन में विश्वास एवं इच्छा शक्ति को मजबूत करें। कैंसर पीड़ित के साथ-साथ उनके परिजनों को भी विश्वास में लेना चाहिए। सही समय पर सही इलाज हों तो कैंसर ठीक हो सकता है, इसके प्रति समाज में जागरूकता लाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी बताया कि 21 वर्ष पहले उन्हें भी कैंसर हुआ था लेकिन आज वे पूर्णतया स्वस्थ हैं। राज्यपाल ने संगोष्ठी में अपने अनुभव भी साझा किये। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रविकान्त ने कहा कि साक्षरता एवं स्वच्छता से कैंसर जैसे रोग से बचा जा सकता है। कैंसर का इलाज टीम वर्क जैसा है। हमें सस्ते इलाज के तरीके भी ढूढने होंगे। उन्होंने कहा कि उचित समय पर टीकाकरण कराने से कई तरह के कैंसर रोग से बचा जा सकता है। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो0 राकेश कपूर ने कहा कि कैंसर के इलाज से ज्यादा बचाव के तरीके के प्रति जागृति लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कैंसर रोग से बचाव आसान है जबकि इलाज महंगा और मुश्किल है। संगोष्ठी में एसोसिएशन आफ रेडिएशन आंकोलॉजिस्ट आफ इण्डिया के पूर्व अध्यक्ष स्व0 डा0 एम0सी0 पंत को याद करते हुए उनकी सेवाओं के लिए उनकी पत्नी को मैडल और स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। संगोष्ठी में डा0 कृष्ण नारायण, डा0 सुब्रमण्यम, डा0 एन0पी0 महाजन, डा0 एम0एस0 गुजराल, डा0 एस0पी0 शर्मा, डा0 वी0 सान्याल, डा0 एस0पी0 पाण्डेय, डा0 तिजेन्द्र कटारिया और अन्य को राज्यपाल ने अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने डा0 तिजेन्द्र कटारिया की रेडियोलॉजी पर लिखी एक पुस्तक का विमोचन भी किया।


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