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नाबालिग दोषी को छोड़ने पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को करेगा फैसला

नाबालिग दोषी को छोड़ने पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को करेगा फैसला
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नई दिल्ली। 16 दिसंबर के ‘निर्भया’ गैंगरेप के आरोप में तीन साल की सजा भुगतने के बाद कल रिहा हो रहे नाबालिक को कुछ दिन के लिए तिहाड़ जेल से किसी अज्ञात जगह पर शिफ्ट कर दिया गया है। बता दें कि निर्भया का दोषी अब 21 साल का हो चुका है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, नाबालिक पर खतरे की आशंका को देखते हुए उसकी सुरक्षा के लिए उसे किसी सुरक्षित जगह पर शिफ्ट कर दिया है।वहीं दूसरी ओर नाबालिग के पैत्रिक गांव में एक पक्ष उसे गांव में दाखिल होने का विरोध करने की तैयारी में है। नाबालिग आरोपी का पैतृक गांव बदायूं में है और वहां के अनेक लोग नहीं चाहते कि निर्भया का दोषी अब कभी अपने गांव लौटे।
दिल्ली में 14 दिसंबर 2012 को निर्भया के साथ 3 साल पहले जब दरिंदगी हुई थी, तो पूरे देश में कोहराम मच गया था। लोग सड़कों पर उतरे। निर्भया ने काफी संघर्ष के बाद दम तोड़ दिया था। मामले में कुल 6 दरिंदों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से राम नाम के आरोपी ने तिहाड़ जेल में खुदकुशी कर ली थी, तो 4 आरोपियों को फांसी की सजा दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाई। पर इनके अलावा जिस दरिंदे ने सबसे ज्यादा हैवानियत दिखाई थी, वो आज रिहा हो रहा है।क्योंकि उसे नाबालिग होने का फायदा मिला था और महज 3 सालों तक ही उसे सुधार गृह में रखा गया था। पर उसकी रिहाई का जमकर विरोध हो रहा है। दिल्ली महिला आयोग आधी रात में उसकी रिहाई रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची, पर रात 2 बजे तक चली हलचल के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने उसकी रिहाई पर रोक नहीं लगाई है। हालांकि दिल्ली महिला आयोग की अर्जी मंजूर कर ली गई है और इसकी सुनवाई सोमवार को होगी।

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