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जे के की पहली महिला सी एम बनी महबूबा

जे के की पहली महिला सी एम बनी महबूबा
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नई दिल्ली -जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-भाजपा गठबंधन की सरकार एक बार अस्तित्व में आ जाएगी। कुछ देर बाद पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में राज्यपाल एनएन वोहरा राजभवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। सरकार गठन से पहले महबूबा ने भाजपा विधायक दल के नेता और उपमुख्यमंत्री बनने बनने वाले निर्मल सिंह से रविवार को मंत्रीमंडल में शामिल होने वाले विधायकों के नामों पर चर्चा की।राज्य में 8 जनवरी को तत्कालीन मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद से ही राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। उस समय महबूबा मुफ्ती तत्काल सरकार बनाने को तैयार नहीं थीं। इस करीब ढाई माह के अंतराल में सरकार बनाने या नहीं बनाने को लेकर पीडीपी और भाजपा में बातचीत चलती रही। केंद्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह शपथ ग्रहण समारोह के लिए श्रीनगर पहुंच चुके हैं।उपमुख्यमंत्री पद के लिए नामित निर्मल सिंह ने कहा है कि महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार का ध्यान अच्छा प्रशासन मुहैया करवाने पर केंद्रित होगा।

चुनौती पूर्ण होगा महबूबा का सफ़र

एक-दूसरे से पूरी तरह विपरीत विचारधारा रखने वाले दो दलों पीडीपी और भाजपा के गठबंधन से गठित सरकार का नेतृत्व महबूबा के लिए चुनौतीपूर्ण है क्योंकि वह अपने पिता की मरहम लगाने की विरासत को आगे ले जाने की पूरी कोशिश करेंगी। दो बेटियों की मां महबूबा की छवि एक दबंग नेता की है और उन्होंने अपना पहला विधानसभा चुनाव कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में अपने गृहक्षेत्र बिजबेहड़ा से जीता था।

कांग्रेस ने बताया था अपवित्र गठबंधन

कांग्रेस ने जम्मू कश्मीर शपथ ग्रहण समारोह से दूर रहने का फैसला करते हुए कहा कल ही कह दिया था कि पीडीपी-बीजेपी का गठबंधन ‘‘अपवित्र’’ है. कांग्रेस के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने कहा ने कहा था कि, ‘‘हमने भावी मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के कल के शपथ ग्रहण समारोह से दूर रहने का फैसला किया है क्योंकि यह गठबंधन शुरू से अपवित्र है और उन्होंने एक बार फिर यह अपवित्र गठबंधन बनाया है.’
सौर्स टी वी



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