Top
Aap Ki Khabar

रास न आया बिहार में शराब पर प्रतिबन्ध,दायर हुई याचिका

रास न आया बिहार  में शराब पर प्रतिबन्ध,दायर हुई याचिका
X
पटना -शराब के खिलाफ मुहिम तो कई बार सुना गया नितीश सरकार द्वारा पूरी तरह से शराब पर पाबन्दी लगाने के बाद जहाँ उनके इस कदम की सराहना की गयी वही यह निर्णय कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा है राज्य में पूर्ण शराबबंदी के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में लोकहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका पटना जिले के बाली गांव निवासी अवध नारायण सिंह की ओर से अधिवक्ता श्रुति सिंह ने दायर की है।
आवेदक के वकील भूपेंद्र नारायण सिंह ने मामले पर जल्द सुनवाई करने का अनुरोध कार्यकारी चीफ जस्टिस आईए अंसारी व जस्टिस समरेंद्र प्रताप सिंह की खंडपीठ से की। अदालत ने उनके अनुरोध को खारिज करते हुए कहा कि पहले अर्जी पर नंबर पड़ने दें, फिर सुनवाई होगी।अर्जी में कहा गया है कि राज्य के करीब दो करोड़ लोग शराब का सेवन करते हैं। नागरिकों को खाने-पीने पर प्रतिबंध लगाना मानवाधिकार का उल्लंघन है। नए कानून में किए गए संशोधन काफी भयावह हैं। सजा के प्रावधान काफी सख्त हैं। यह संविधान के तहत नागरिकों को दिए गए अधिकार का हनन है। कानून लागू होने से राज्य में पुलिसिया राज कायम होगा। उनका कहना है कि आवेदक वायुसेना से अवकाशप्राप्त हैं। उन्हें हर माह शराब मिलती है।लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में शराब पीने की मनाही होने के कारण उन्हें मिली शराब बेकार है। अर्जी में कहा गया है कि अभी राज्य में पंचायत चुनाव चल रहा है और आचार संहिता लागू है। लेकिन सरकार पूरे राज्य में एक साथ फरमान जारी किया है, जो कानूनन गलत है। अर्जी में नए कानून पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की गुहार लगाई गई है।

अभी देशी शराब पर होगा प्रतिबन्ध

बिहार में 1 अप्रैल से देसी शराब की खरीद और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। यह फैसला राज्य सरकार ने लिया है। इस बीच नीतीश सरकार ने इस सम्बन्ध में एक और निर्णय लेते हुए खुलेआम शराब पीने पर 10 साल की जेल और पांच लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान भी कर दिया है।

महिलाओं और पुलिस पर है सरकार को भरोसा

नई शराब नीति लागू हो जाने के बाद राज्य में विदेशी शराब की बिक्री निजी हाथों से सरकार के कर्मचारियों के जिम्मे आ जाएगी। हालांकि पड़ोसी राज्यों जैसे झारखण्ड, उत्तर प्रदेश और बंगाल में देशी शराब पर प्रतिबन्ध न होने के कारण बिहार में यह कदम कितना प्रभावी हो पाएगा उस पर एक लम्बी बहस इन दिनों चल रही है। लेकिन नीतीश कुमार का दावा है कि राज्य पुलिस और महिलाएं इस प्रतिबन्ध को प्रभावी रूप से लागू करने में असरदार साबित होंगी।
सौर्स वेब

Next Story
Share it