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15 मिनट की पूजा कामख्या मंदिर में ,उसके बाद मोदी का असम में विपक्ष पर हमला

15 मिनट की पूजा कामख्या मंदिर में ,उसके बाद मोदी का असम में विपक्ष पर हमला
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गुवाहाटी- किसी हाथ में रिमोट कंट्रोल मत देना लेकिन आप लोग बैक सीट ड्राइविंग मत होने देना मोदी ने असम दौरे के दौरान यह बातें कहीं नवरात्र के पहले दिन नरेंद्र मोदी ने यहां के कामाख्या मंदिर में दर्शन किए। मोदी इस बार भी नौ दिन तक सिर्फ पानी पीकर व्रत रखेंगे। मंदिर के बाद नौगांव के रोहा में हुई रैली में उन्होंने कहा, ''कुछ लोगों के मुंह से यह सोचकर पानी टपक रहा है कि असम में हंग असेंबली होने वाली है और हम ही कारोबार चलाने वाले हैं। । मोदी वोटरों से बीजेपी के लिए अपील कर रहे थे।
कामाख्या मंदिर के दर्शन किए
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्र के पहले दिन कामाख्या मंदिर के दर्शन किए। हर बार की तरह इस बार भी मोदी नौ दिन सिर्फ पानी पीकर व्रत रखेंगे। मंदिर के पुजारी ने बताया कि मोदी ने 15 मिनट तक पूजा की। योनिकुंड की परिक्रमा की और दीपदान किया। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मंदिर के बाह हर-हर मोदी और बीजेपी जिंदाबाद के नारे भी लगाए। मोदी इससे पहले 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान भी कामाख्या मंदिर आए थे
इक्यावन शक्तिपीठों में सर्वोच्च स्थान है कामाख्या पीठ का
असम की राजधानी दिसपुर के पास गुवाहाटी से 8 किलोमीटर दूर कामाख्या मंदिर है। यह मंदिर एक पहाड़ी पर बना है व इसका तांत्रिक महत्व है। प्राचीन काल से सतयुगीन तीर्थ कामाख्या वर्तमान में तंत्र सिद्धि का सर्वोच्च स्थल है। पूर्वोत्तर के मुख्य द्वार कहे जाने वाले असम राज्य की राजधानी दिसपुर से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नीलांचल अथवा नीलशैल पर्वतमालाओं पर स्थित मां भगवती कामाख्या का सिद्ध शक्तिपीठ सती के इक्यावन शक्तिपीठों में सर्वोच्च स्थान रखता है। यहीं भगवती की महामुद्रा (योनि-कुण्ड) स्थित है। यह स्थान तांत्रिकों के लिए स्वर्ग के समान है। यहां स्थित श्मशान में भारत के विभिन्न स्थानों से तांत्रिक तंत्र सिद्धि प्राप्त करने आते हैं।
सौर्स वेब
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