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कभी जो अपने थे वही अब घेरने में लगे "मायावती" को

कभी जो अपने थे वही अब घेरने में लगे मायावती को
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लखनऊ-मौसम चुनावी है तो दांव भी चुनावी होंगे सी बी आई पर पहले भी केंद्र के इशारे पर काम करने के आरोप लगते रहे हैं अब जैसे ही माया ने चुनावी पींगे मारनी शुरू की उन पर नकेल कसना शुरू हो गया है भले ही शुद्ध रूप से यह काली कमाई पर नकेल कसने की तयारी है लेकिन चूँकि आरोप एक राजनीतिक हैसियत के व्यक्ति पर लगा है तो आरोप भी राजनीती परक ही होगा सुप्रीम कोर्ट बुधवार को आय से अधिक संपत्ति‍ के मामले में उनके खिलाफ सुनवाई के लिए राजी हो गया|अब मायावती के खिलाफ एक नई
एफआईआर दर्ज करने की मांग की जा रही है
याचिकाकर्ता कमलेश वर्मा ने इस मामले में मायावती के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि मायावती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस है लेकिन सीबीआई केस दर्ज नहीं कर रही, जबकि हाईकोर्ट ने आयकर मामले में उनकी आय और उपहारों पर सवाल उठाए थे.सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हैं. जस्टिस एआर दवे की बेंच ने कहा कि मामले की विस्तार सुनवाई की जाएगी.
टिकट न मिलने से नाराज हैं याचिका कर्ता
हालांकि केंद्र सरकार की ओर से अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि इस मामले में नई एफआईआर दर्ज करने का कोई आधार नहीं है.
मायावती के वकील ने कोर्ट से कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ता कमलेश वर्मा बीएसपी के ही पूर्व सदस्य हैं और यह मामला पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है. विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से वर्मा पार्टी प्रमुख से नाराज चल रहे हैं.
क्या है पूरा मामला

बीएसपी प्रमुख मायावती पर ताज कारीडोर से संबंधित आय से अधिक संपत्ति का मामला चल रहा है. सीबीआई ने इसका कड़ा विरोध किया था. सुनवाई के दौरान सीबीआई ने मायावती का बचाव किया. उसके वकील ने कहा कि मायावती के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट क्लीनचिट दे चुकी है और अब वह कुछ नहीं कर सकती. वहीं सुप्रीम कोर्ट उनके मामले को 2011 में ही खारिज कर चुका है.अब इस मामले में कमलेश वर्मा द्वारा अपनी खीज मिटाने के लिए यह याचिका दायर की गई है |
जानकार बताते हैं की कमलेश की याचिका में कोई दम नहीं है बाकी कोर्ट में सुनवाई के बाद ही इस पर फैसला आएगा|


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