Top
Aap Ki Khabar

स्मृति ईरानी कि हुई प्रदेश में" प्रोजेक्शन "की "इंट्री "

स्मृति ईरानी कि हुई प्रदेश में प्रोजेक्शन की इंट्री
X
लखनऊ - भले ही भाजपा स्मृति ईरानी को उत्तर प्रदेश में प्रोजेक्ट करने की बात से किनारा कर रही है लेकिन जो अहसास है उससे यह लगता है की स्मृति ईरानी को प्रदेश में प्रोजेक्ट करके पहले चर्चित कराया जाए लोगों के बीच उनकी डिमांड बढ़ाई जाए और उसके बाद सबकी सहमति बताकर स्मृति ईरानी को प्रोजेक्ट कर दिया जाए । कहीं रायबरेली रणनीति का हिस्सा तो नहीं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की पिछले लोकसभा चुनाव से ही उत्तरप्रदेश में विशेष सक्रियता है. हालांकि वे नेहरू-गांधी परिवार के गढ़ अमेठी पर फोकस हैं, लेकिन अब जब उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव करीब आ चुका है, तो सवाल उठता है कि क्या स्मृति की निगाह में सिर्फ अमेठी ही है या पूरा उत्तरप्रदेश. असम में भाजपा ने जिस तरह एक युवा चेहरे सर्बानंद साेनोवाल को प्रोजेक्ट कर चुनावी सफलता पायी है, उसके बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या उत्तरप्रदेश में भी भाजपा किसी को मुख्यमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट कर चुनाव लड़ेगी? अगर ऐसा होता है तो पार्टी किन नामों पर विचार कर सकती है : राजनाथ सिंह, योगी आदित्यनाथ, वरुण गांधी, दिनेश शर्मा या फिर स्मृति ईरानी. स्मृति ईरानी युवा हैं, भाजपा के शीर्ष नेता नरेंद्र मोदी की विश्वस्त हैं और उनमें भीड़ को खींचने का आकर्षण भी है. आज जब सहारनपुर से मोदी अपनी सरकार की दो साल की उपलब्धियों के बहाने एक प्रकार से उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव अभियान का आगाज कर रहे हैं तो यह सवाल और भी मौजूं हो जाता है. ध्यान रहे कि कल ही इलहाबाद में वरुण को सीएम उम्मीदवार बनाने के पक्ष में और स्मृति ईरानी को बीमार बताने वाले पोस्टर लगे थे. नेहरू गांधी परिवार को निशाने पर लेना भी हो सकता है टास्क का हिस्सा स्मृति ईरानी मोदी सरकार के दो साल के होने पर आज अमेठी में थीं और जनसभा को संबोधित किया एवं उन्होंने वहां फिर नेहरू-गांधी परिवार पर राजनीतिक हमले किये और उत्तरप्रदेश सहित मोदी सरकार के संबंध में पत्रकारों से बात की. स्मृति ईरानी ने नेहरू-गांधी परिवार पर जनता से वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आज कहा कि इसी वजह से गत लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की जीत का अंतर 80 फीसदी तक कम हो गया. भाजपा में भी स्मृति को लेकर पैनिक वरुण गांधी और स्मृति ईरानी के पोस्टर को लेकर जिस तरह से राजनीती की जा रही है उससे साफ़ है कि भाजपा में अगर स्मृति ईरानी को ऊपर से थोपा गया तो यह बात कइयों को नागवार लग सकती है इसलिए धीरे धीरे पहले डिमांड पैदा किया जा रहा है और उसके बाद ही घोषणा की जा सकती है । मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी पर पार्टी करेगी निर्णय यह पूछे जाने पर कि क्या वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी चुनाव में मुख्यमंत्री पद की दावेदार होंगी, उन्होंने कहा, ‘‘हम पार्टी के कार्यकर्ता हैं, पार्टी जो भी निर्णय लेगी, उस पर अमल करेंगे.' अमेठी के प्यार ने ही दीदी बना दिया लोकसभा चुनाव हारने के बाद भी अमेठी को लेकर पूरी तरह सक्रिय होने की वजह के बारे में पूछने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘मैं जब अमेठी में चुनाव लड़ने आयी थी, तब केवल स्मृति ईरानी बनकर आयी थी, लेकिन यहां के लोगों के प्यार ने हमें दीदी बना दिया. इसलिए यहां से हमारा लगाव बढ़ गया और इसके विकास के लिए हम काम करते रहेंगे.' स्मृति ने एक अन्य सवाल पर कहा कि भारत माता की जय बोलना हर भारतीय का जन्मसिद्ध अधिकार है लेकिन इसे किसी पर थोपा नहीं जा रहा है.
Next Story
Share it