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नहीं "ठगे "जायेंगे अब "शादी "के" ऑनलाइन" कारोबार से

नहीं ठगे जायेंगे अब शादी के ऑनलाइन कारोबार से
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नई दिल्ली -जिस तरह से ऑनलाइन कारोबार बढे हैं उसी तरह से ऑनलाइन शादी ढूंढने का चलन भी बढ़ा है और साथ में धोखेबाजी का प्रचलन भी बढ़ा है पिछले कुछ वर्षों में शादी के कई साइट्स के जरिये लोगों ने शादी की और बाद में पता चला कि वह ठगे जा चुके हैं इसी को देखते हुए संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मेट्रिमोनियल साइट्स के जरिए हो रही धोखाधड़ी को रोकने के लिये नये नियमों को मंजूरी प्रदान कर दी है। नए नियमों के तहत विवाह का विज्ञापन देनेवाले को अपना सरकार प्रदत्त आईडी और एड्रेस प्रूफ भी वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। इससे लोग नकली नाम से विवाह का विज्ञापन नही दे पाएंगे। मेट्रिमोनियल साइट्स के लिए अनिवार्य होगा कि वह विज्ञापन बुक कराने वाले का आईपी एड्रेस एकाउंट डिएक्टिवेट होने के एक साल बाद तक सुरक्षित रखे। वेबसाइट को शिकायत निपटाने के लिए एक तंत्र बनाना होगा। अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी। उसका नंबर भी वेबसाइट पर डालना होगा। विज्ञापन देने वाले को सभी जानकारी सही होने की घोषणा करनी होगी। आई टी एक्ट के तहत होगी कार्यवाही रविशंकर प्रसाद ने कहा नियमों का पालन नहीं करने वाली साइटों पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।जिससे साइट्स पर विज्ञापन देते समय जहाँ आई डी प्रोफ़ाइल के जरिए लोगों की प्रासंगिकता तय की जा सके वहीँ मेट्रिमोनियल साइट्स की भी जिम्मेदार ठहराया जा सके।
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