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माया के गुस्से से भाजपा आई" बैकफुट "पर जताया खेद

माया के गुस्से से भाजपा आई बैकफुट पर जताया खेद
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लखनऊ -मायावती के खिलाफ अभद्र टिप्पड़ी करने का मामला तूल पकड़ लिया है मायावती ने चेतावनी दी है की बसपा कार्यकर्त्ता सड़कों पर उतर आएंगे और इसके लिए वे जिम्‍मेदार नहीं होंगी। बता दें कि सिंह ने कथित तौर पर मायावती की तुलना वेश्‍या से की थी। दयाशंकर को हटाया गया बीजेपी ने मामले पर बढ़ते विवाद को देखते हुए दयाशंकर सिंह को प्रदेश उपाध्‍यक्ष पद से हटा दिया है। उन्‍हें हफ्ते भर पहले ही पार्टी ने यह जिम्‍मेदारी सौंपी थी। प्रदेश बीजेपी अध्‍यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने 12 जुलाई को प्रदेश कार्यकारिणी का ऐलान किया था। इसमें 15 उपाध्‍यक्ष बनाए गए थे, जिनमें दयाशंकर सिंह भी शामिल थे। भाजपा के प्रान्तीय अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, ‘दयाशंकर सिंह को उपाध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है। ऐसी भाषा का उपयोग करने वाले व्यक्ति का भाजपा में कोई स्थान नहीं है।’ उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बयान देने में भाषा का ध्यान रखने की ताकीद करते हुए कहा है कि किसी पर टिप्पणी करने में मर्यादा का ध्यान रखें। बाद में दयाशंकर सिंह ने बलिया में कहा कि मायावती छोटे परिवार से निकली बड़ी नेता हैं। उनका मकसद किसी को दुख या किसी के सम्मान को ठेस पहुंचाना नहीं था। अगर उनके मुंह से कोई ऐसी बात निकल गयी हो, तो वह इसके लिये माफी चाहते हैं। राज्‍यसभा में यह मामला उठने पर नेता सदन अरुण जेटली ने मायावती से निजी तौर पर खेद जताया। जेटली ने कहा कि पार्टी इस तरह के बयानों का कभी भी समर्थन नहीं करती। जेटली ने कहा, ‘यह काफी निंदनीय है कि एक राजनीतिक नेता एक प्रमुख महिला नेता के खिलाफ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करे। मैं इस तरह के शब्दों के प्रयोग पर खेद जताता हूं और सुनिश्चित करूंगा कि संबंधित प्लेटफॉर्म पर मामला उठाया जाए। मैं व्यक्तिगत रूप से मायावती से खेद जताता हूं और गरिमा की रक्षा के लिए हम आपके साथ हैं।’ सीनियर बीजेपी नेता मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने भी कहा कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। क्‍या कहा था दयाशंकर ने भाजपा उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने मऊ में संवाददाताओं से कहा, ‘मायावती कांशीराम के सपने को चूर…चूर कर रही हैं। मायावती … की तरह टिकट बेच रही हैं।’’ सिंह ने आरोप लगाया, ‘मायावती एक करोड़ रुपए में टिकट बेचती हैं और अगर किसी ने दो करोड़ रूपए दे दिए तो एक घंटे के अंदर वह इसे दो करोड़ में बेच देती हैं। अगर शाम तक किसी ने तीन करोड़ रुपए दे दिए तो वह उसी को टिकट दे देती हैं।’ सिंह ने कहा, ‘वह … से भी बदतर हैं। कांशीराम के समय से बसपा के लिए काम कर रहे इसके कार्यकर्ता पार्टी छोड़ रहे हैं।’ अन्‍य दलों की प्रतिक्रिया उपसभापति पी. जे. कुरियन ने कहा कि सदन चाहता है कि सरकार भाजपा नेता के खिलाफ उनकी ‘अक्षम्य’ टिप्पणी के लिए कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे। बता दें कि सिंह के बयान की चौतरफा निंदा हुई। निंदा करने वालों में राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, द्रमुक की कनिमोई, कांग्रेस की कुमारी शैलजा और रेणुका चौधरी, माकपा के टी. के. रंगराजन और बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा शामिल हैं और उन्होंने भाजपा नेता के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की। विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि भले ही उनकी पार्टी के बसपा के साथ राजनीतिक मतभेद हैं किन्तु इसका यह मतलब नहीं है कि वह किसी ऐसी महिला पर इस तरह की टिप्पणी को अनुमति दे जो स्वयं एक राजनीतिक दल की नेता और चार बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता द्वारा प्रयुक्त किये गये शब्दों से उनकी मानसिकता झलकती है तथा उसके खिलाफ एससीएसटी उत्पीड़न निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया जाए। वहीं, बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा एवं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने संबंधित भाजपा नेता के खिलाफ एससी-एसटी कानून के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग की। डीएमके की नेता कानिमोई ने कहा कि मायावती के खिलाफ इस्‍तेमाल किए गए शब्द अस्वीकार्य हैं। तृणमूल कांगे्रस के डेरेक ओ ब्रायन ने भी इसकी भर्त्सना करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष की महिला सदस्यों को भी इसकी निंदा करनी चाहिए। सपा ने कहा, कार्रवाई होगी उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी ने मायावती के प्रति भाजपा के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की टिप्पणी का संज्ञान लेते हुए कहा है कि सरकार उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी। सपा के प्रान्तीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने यहां कहा, ‘अभ्रद टिप्पणी के मामले में सरकार उचित कार्रवाई करेगी। पार्टी ऐसे बयानों की निन्दा करती है, जो किसी महिला की गरिमा के खिलाफ हों। यही भाजपा नेताओं का असली चरित्र है।’ उन्होंने कहा कि भाजपा को दयाशंकर सिंह को बर्खास्त करके उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी करनी चाहिए। एक ऐसा व्यक्ति जिसके पास राजनीतिक शिष्टाचार नहीं है, भाजपा को उसे सम्भालना चाहिये। मायावती ने निकाला गुस्‍सा सदन में मौजूद मायावती काफी क्षुब्ध दिखीं और सिंह की टिप्पणी की निंदा करने के लिए जेटली तथा अन्य सदस्यों को धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह सहित भाजपा नेता मामले पर चर्चा करें और सिंह को पार्टी से निष्कासित करें तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। मायावती ने कहा, ‘उनकी टिप्पणी अपनी बहन … बेटी के लिए है न कि मेरे लिए। पूरा देश भाजपा को माफ नहीं करेगा… लोग सड़कों पर उतरेंगे।’ मायावती की इस चेतावनी के बाद उत्‍तर प्रदेश भाजपा के लखनऊ स्थित मुख्‍यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मायावती ने कहा कि भाजपा नेता की टिप्पणी ‘पूंजीवादी मानसिकता’ को दर्शाता है और कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में कभी भी मैंने अपने विरोधियों के खिलाफ अपमानजनक या निजी टिप्पणी नहीं की या उनके चरित्र पर सवाल नहीं उठाए भले ही विचारधारा को लेकर मतभेद रहा हो। बसपा प्रमुख ने कहा कि वह देश के सबसे दबे-कुचले और शोषित लोगों का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और अपना संपूर्ण जीवन उनके लिए समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांशीराम द्वारा शुरू किए गए आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए बसपा ने हमेशा गरीबों से चंदा लिया है ताकि इसे पूंजीपतियों पर निर्भर नहीं रहना पड़े। Courtesy jansatta
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