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एक ऐसी शिक्षिका जिनको शिक्षक दिवस पर है सैलूट

एक ऐसी शिक्षिका जिनको शिक्षक दिवस पर है सैलूट
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रायबरेली -कुछ ऐसे होते हैं जो पद पा कर अपने आपको गौरवान्वित महसूस करते हैं जबकि कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनसे पद सम्मानित होता है और अपने ही लिए नहीं समाज के लोगों के लिए आदर्श बन जाते हैं आज शिक्षक दिवस है जहाँ शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा है वहीँ रायबरेली की एक शिक्षिका ने यह साबित कर दिया कि अगर जज्बा हो तो कहीं भी शारीरिक कमी आड़े नहीं आती |
आज हम आप को एक ऐसीे शिक्षिका से मिलाएंगे जो दोनों हाथों से दिव्यांग होने के बाद भी अच्छे से लिख सकती है यही नहीं बहुत ही खूबसूरत चित्रकला भी बनाती है। इस शिक्षिका से न सिर्फ स्कूल के बच्चे बल्कि आस पास के गाँव के लोग सीख ले रहेहै।
दर्द भी छलक गया
दोनों हाथों से दिव्यांग इस शिक्षिका को जरा गौर से देखिये इसका नाम रिज़वाना बानो है और यह रायबरेली के सलोन ब्लाक स्थित प्राथमिक विद्यालय धरई में सहायक शिक्षिका के पद पर कार्यरत है। दिव्यांग होने के बावजूद यह शिक्षिका बहुत खूबसूरत चित्रकला बनाती है और साथ ही आम लोगो की तरह लिखती पढ़ती है। दिव्यांगता इसके काम में बिलकुल भी बाधा नहीं उत्पन्न कर पाई और इसने कड़ी मेहनत से आज यह मुकाम हासिल किया है । इस शिक्षिका से उन लोगो को सीख लेनी चाहिए जो लोग सक्षम होते हुए भी उचाइयां हासिल नहीं कर पाते। शिक्षिका ने कैमरे के आगे अपना दर्द भी बताया और कहा कि बचपन में आतिशबाजी से मेरे दोनों हाथ कट गए पर मुझे पढ़ने की ललक थी और उसी वजह से आज हम यहाँ तक पहुचे है यही नहीं शिक्षिका का यह भी दर्द है कि वह शिक्षामित्र थी और आज सहायक अध्यापिका पर अभी भी सहायक अध्यापिकाओं पर तलवार लटक रही है मेरी माग है कि जिस पद पर हम लोग को बिठाया गया है वहाँ से फिर नीचे न किया जाये।
वही स्कूल के बच्चो की माने तो रिजवान मैडम रोज टाइम पर स्कूल आती है। दोनों हाथ न होने की वजह से भी ये वह सब कर लेती है जिनके हाथ होते है। जब से स्कूल में रिजवान मैडम आई है स्कूल में बच्चो की संख्या बढ़ रही है ।

वही प्राथमिक स्कूल के पास ही बने पूर्व माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों से जब दिव्यांग शिक्षिका के बारे में बात की गई तो सभी ने उनकी खूब तारीफ की और कहां की दिग्वांग होने के बावजूद मैडम सब काम कर लेती है यही नहीं उनका कहना है पेन से भी माइड सब लिख लेती है। यही नहीं उनका कहना है कि जब यह दिव्यांग होकर यह ओहदा प्राप्त कर ली है तो बाकी लोगो को इनसे सीख लेनी चाहिए जो लोग आगे नहीं बढ़ पा रहे है।




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