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तो क्या कांग्रेसियों की विरासत में है ‘लूट’



तो क्या कांग्रेसियों की विरासत में है ‘लूट’

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लखनऊ में नेहरू की सभा के बाद ‘लूट’ ली गयी थी बांस बल्लियां
लखनऊ- उत्तर प्रदेश में अपने आपको स्थापित करने में लगी कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी की कुशीनगर में हुयी खाट-सभा के बाद खाट के लूटने की चर्चा इन दिनों पूरे जोरों पर छायी हुयी है, इस तरह की लूट कांग्रेस के लिये कोई नई नहीं है, लगता है यह उसकी विरासत में है, जी हां यह हम नहीं इसके लिये आपको लगभग साठ साल पूर्व इतिहास के पन्ने पलटने होंगे। इस तरह की लूट एक बार और हो चुकी है, यह लूट खाट की नहीं बल्कि बांस बल्लियों की हुयी थी। यह मामला वर्ष पचास के बाद का है जब लखनऊ शहर में गोमती के किनारे जहां अब के0डी0 सिंह बाबू स्टेडियम बन चुका है, वहां सन् 1950 के बाद कांग्रेस का कार्यक्रम था और उसमें भाग लेने के लिये तत्कालीन प्रधानमंत्री पं0 जवाहर लाल नेहरू आये हुये थे। उस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले आज भी शहर में मौजूद है, और कई कांग्रेसी भी होंगे। जब कुशीनगर से खाट लूट की खबर आयी तो पचास के दशक में नेहरू की सभा के बाद बांस बल्लियों की हुयी लूट की घटना दिमाग में उभर आयी। बातचीत में 75 वर्षीय अमीनाबाद निवासी महेन्द्र नाथ तिवारी बताते है कि नेहरू की सभा में काफी भीड़ थी। लखनऊ विश्वविद्यालय पास में होने के कारण वहां के काफी छात्र भी शामिल हुए थे। इसके अलावा भी जनता भी काफी संख्या में थी। पण्डित नेहरू प्रभावशाली व आकर्षक व्यक्तित्व के धनी थे। उनकी सभाओं में काफी भीड़ हुआ करती थी। सभा स्थल जाने के लिये दोनों तरफ बांस गाड़े गये थे। झण्डियां भी खूब सजायी गयी थी। तब वहां पर कोई पार्क न था सभा स्थल पहंुचने के लिये काफी बांस बल्लियों का प्रयोग किया गया था। सभा में काफी अव्यवस्था थी। नौजवानों के झुण्ड इधर उधर चहलकदमी में व्यस्त थे। लाउडस्पीकर भी बीच बीच में गड़बड़ कर रहा था। जैसे ही पण्डित नेहरू का भाषण का खत्म हुआ लोग बंधी बांस बल्लियों को एकाएक उखाड़ने लगे और अपने साथ ले जाने लगे। पुलिस की व्यवस्था भी नाकाफी थी। लौटते हुए लोगों के हाथों में बांस और अन्य सामान जो सभा स्थल पर उपलब्ध था, अपने हाथों में लिए हुए थे। अब आज राहुल गांधी की खाट सभा में खटियों की जो लूट हुई, जो यह दर्शाता है कि आज भी उस समय से चली आ रही लूट की विरासत आज भी कायम है। खैर उस समय यानी पण्डित नेहरू की सभा के बाद जो लूट हुई थी उसको लोगों ने पसन्द नहीं किया और काफी लोगों ने युवा कांग्रेसियों द्वारा लूटे गये बांस बल्ली आदि सामान को घर में जगह नहीं दी गयी। अब लोग इस तरह की लूट में गर्व करते है और मौका मिलने पर बढ़ चढ़कर भाग लेते है। कुशीनगर में खाट लूट के बाद राजनीति गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया के बाद राहुल गांधी ने अगले दिन गोरखपुर में खाट लूट को लेकर कहा कि गरीब खाट लूटे तो लुटेरे और माल्या लूटे तो डिफाल्टर, इस बयान से साफ हो चला है कि भविष्य में कांग्रेस की सभा में इस तरह की लूट होती है, तो उसे गलत न ठहराया क्योंकि यह कांग्रेस की विरासत है।
शैलेश पाण्डेय 

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