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इसके नाम से ही काँप जाता है अपने को डान बताने वाला दाऊद



इसके नाम से ही काँप जाता है अपने को डान बताने वाला दाऊद

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नई दिल्ली -दाउद का नाम आते ही खुनी दरिन्दे का चेहरा लोगों के जेहन में सामने आता है लेकिन यही दरिंदा खौफजदा हो जाता है जैसे ही इसके सामने आर्थर जेल का नाम सामने आता है | यह भी खुलासा हुआ है कि दाउद पहले भी सरेंडर करने को तैयार था लेकिन उसने शर्त राखी थी की उसे आर्थर जेल में न रखा जाए वहां उसे जान का खतरा हो सकता है |
राजस्थान के उदयपुर आए अंडर वर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के वकील श्याम केसवानी ने दावा किया है कि दाऊद अपनी पुरानी शर्तों पर भारत आने को तैयार हो सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि इसको लेकर दाऊद से बात करनी होगी।
लन्दन में जेठमलानी से भी मिल चुके हैं पैरोकार दाऊद के वकील ने बताया कि 5 साल पहले दाऊद ऑर्थर रोड जेल में नहीं रखने की शर्त पर भारत आने को तैयार था। लेकिन उस समय की मनमोहन सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। श्याम केसवानी ने बताया कि दाऊद के नुमाइंदे लंदन में राम जेठमलानी से मिले थे और मुंबई की ऑर्थर रोड जेल में नहीं रखने की शर्त पर भारत आने की बात कही थी। लेकिन इस छोटी सी शर्त को भी तत्कालीन भारत सरकार ने नहीं माना था जबकि अबू सलेम और छोटा राजन के मामलों में सरकारें शर्तों को मानते हुए उन्हें भारत लेकर आई हैं।सुरक्षा चाहता है दाउद श्याम केसवानी ने कहा कि दाऊद द्वारा रखी गई शर्त काफी छोटी है। लेकिन सरकार फिर भी उन्हें नहीं लाना चाहती इसके पीछे कुछ और ही कारण हैं। वर्तमान में दाऊद इब्राहिम भारत आने को तैयार है या नहीं इस सवाल पर श्याम केसवानी ने दाऊद से पूछने की बात कही। लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अगर उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने की गारंटी सरकार दे, तो वे क्यों भारत नहीं आएंगे, वे तो पहले भी इसके लिए तैयार थे।इब्राहिम के वकील श्याम केशवानी ने कहा कि डॉन के नुमाइंदे जब राम जेठमलानी से लंदन में मिले थे, तो वे भारत आने को तैयार थे, लेकिन उनकी एक ही शर्त थी कि उन्हें मुंबई की ऑर्थर रोड जेल में नहीं रखा जाए क्योंकि वहां उन्हें जान का खतरा था। उस समय मनमोहन सिंह की सरकार थी और उन्होंने शर्त नहीं मा​नी थी।
मोदी सरकार बनने  के बाद जिस तरह से प्रत्यर्पण की कार्यवाई की जा रही है उससे इस बारे में सम्भावना व्यक्त की जा रही है कि दाउद को भी देर सबेर भारत लाकर उसके विरुद्ध कार्यवाई की जाए लेकिन दाउद जिन शर्तो पर भारत आना चाहता है क्या सरकार उसे मानती है या नहीं |
सौर्स वेब 


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