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यहां मिलती है कैदियों को नई जिंदगी- जाने क्यों

यहां मिलती है कैदियों को नई जिंदगी- जाने क्यों
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डेस्क (सिद्दीका रिज़वी): अक्सर हमने देखा है की फ़िल्मी दुनिया और असली दुनिया में जो होता है दोनों में बहुत फर्क है . फ़िल्मी दुनिया में जो दिखाते हैं वपो असलियत में बहुत कम ही दिखाई देता है लेकिन फ़िल्मी दुनिया की एक बाते ज़रूर सच्ची साबित हो गयी हैं. फिल्म "कर्मा" और दो "आंखे और बारह हाथ" में जो कैदियों को सुधरने के लिए दिखाया गया वो असली दुनिया में सच साबित हुआ है. और वो जगह है शिमला में जहाँ कैदियों को सुधारने के लिए बुक कैफे नाम एक कैफे में कम दिया जाता है. ताकि वो जेल से छुटने के बाद अपनी नै ज़िन्दगी शुरुआत एक नए तरीके से कर सकें. ये होटल शिमला में काफी प्रसिद्द है.

आपको बता दें की इस कैफे को 20 लाख रुपए की लगत से बनाया गया है . जिसका उद्घाटन पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने किया यह कैफे रिज के ऊपर स्थित है और प्रसिद्ध जाखू मंदिर के रास्ते में पड़ता है. देश में ये पहला कैफे है, जिसका वित्तपोषण राज्य का पर्यटन विभाग कर रहा है. यह सुबह 10 बजे से लेकर रात नौ बजे तक खुला रहता है. यंहा काम करने वाले कैदी रात में वापस जेल लौट जाते हैं.

इस कैफे के बारें में जानने के लिए लोग काफी उत्साहित रहते है औइर दूर दराज़ से लोग यंहा आते भी हैं यंहा कैदियों के दुस्सर मौका मिलता है ताकि वो समाज से जुड़ सकें. इस कैफे में कैफे में चेतन भगत, निकिता सिंह तथा फ्रांस के उपन्यासकार जूल्स वार्न की पुस्तकों के अलावा, शैक्षिक किताबें, पत्रिकाएं व समाचारपत्र मौजूद हैं.

सबसे खास बात ये है कि यहाँ कैदी सिर्फ कम ही नहीं बल्कि इस कैफे में होने वाले कायर्क्रम में भाग लेकर अपने अन्दर की कला को प्रस्स्तुत भी करते है जिसे देखने के लिए मुख्यमंत्री भी आते हैं.

महानिदेशक (कारा) सोमेश गोयल ने कहा कि कैफे को चार लोग -जयचंद, योगराज, रामलाल तथा राजकुमार- संचालित कर रहे हैं, जो शिमला के निकट कायथू जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. इस कैफे में काम करने वाले एक कैदी ने बताया कि अन्य कैदी योगराज ने कहा कि इस कैफे से उन्हें जेल से बाहर आने पर नौकरी करने का मौका मिलेगा.

उन्होंने कहा, "यह हम चारों द्वारा स्वतंत्र रूप से संचालित किया जा रहा है. यहां आगंतुक तथा स्थानीय लोग हमसे बातचीत करने में कोई शंका महसूस नहीं करते हैं. वस्तुत:, लोग हमारे बदलाव के बारे में जानने को इच्छुक रहते हैं."


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