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अयोध्या में बनेगा भव्य राम मन्दिर सीबीआई ने कांग्रेस के इशारे पर सौंपी गलत रिपोर्ट

अयोध्या में बनेगा भव्य राम मन्दिर सीबीआई ने कांग्रेस के इशारे पर सौंपी गलत रिपोर्ट
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ललितपुर। सिद्धपीठ चण्डीमाता मंदिर स्थित मांगलिक भवन में आयोजित विश्व हिन्दू महासंघ का बुन्देलखण्ड स्तरीय प्रतिनिधि सम्मेलन में भाग लेने ललितपुर आये श्रीराम जन्म भूमि न्यास के उपाध्यक्ष पूर्व सांसद डा.रामविलास वेदान्ती ने सर्किट हाऊस में पत्रकारों से बात करते हुये कहा कि अयोध्या में जब कोई बाबरी था ही नहीं तो मस्जिद कैसी। कहा कि खण्डहर होते ढ़ांचे को करीब 20 लाख कारसेवकों के साथ उन्होंने संकल्प पत्र पढ़ते हुये गिरवाया था। ताकि भव्यता के साथ श्रीराम मंदिर का निर्माण कराया जा सके। लेकिन सीबीआई ने कांग्रेस के इशारे पर विवादित ढ़ाचा गिराने की गलत रिपोर्ट देकर वहां मौजूद कई लोगों पर मुकद्दमें दर्ज करा दिये। इतना ही नहीं सीबीआई द्वारा चलाये जा रहे 120बी के मामले को भी उन्होंने गलत ठहराया।
पत्रकारवार्ता के शुरूआत में उन्होंने कहा कि विश्व हिन्दू महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगी आदित्यनाथ अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और केन्द्र में भी भाजपा की सरकार है। कहा कि पांच राज्यों के होने वाले चुनाव के उपरान्त राज्यसभा में बहुमत मिलने के बाद एक प्रस्ताव राज्यसभा व लोकसभा में पास कराते हुये राम मंदिर का निर्माण कराया जायेगा। विवादित ढांचे को लेकर उन्होंने बताया कि वर्ष 1992 में विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल ने एक बैठक आयोजित की थी, जिसमें कहा गया था कि खण्डहर गिरने से श्रीरामलला के मंदिर को क्षति पहुंच सकती है। जिसके बाद यह रणनीति बनायी गयी कि खण्डहर को गिराते हुये श्रीराम मंदिर भव्यता से निर्माण कराया जायेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां कोई मस्जिद थी ही नहीं, बल्कि एक खण्डहर था। बताया कि 5 दिसम्बर 1992 को खण्डहर को हटाने के लिए कारसेवकों का आह्वान किया गया। जिस पर करीब 20 लाख कारसेवक अयोध्या पहुंचे। इतना ही नहीं वेदान्ती जी ने यह भी कहा कि 5 दिसम्बर 1992 को उनके पास भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.बी.नरसिम्हा राव का फोन आया, जिन्होंने मामले की जानकारी ली। तब बताया गया कि विवादित ढांचे को गिराया जाना है। यहां अशान्ति न फैले इसके लिए मिलेट्री फोर्स को न भेजा जाये। बताया कि 6 दिसम्बर को उनके द्वारा संकल्प पत्र पढऩे के लिए मंच पर पहुंचते उससे पहले कारसेवक विवादित ढांचे पर चढ़ गये और उसे वहां लगे पाइपों से तोडऩे लगे थे। बताया कि विश्व हिन्दू महासंघ के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष महन्त अवैधनाथ व अशोक सिंघल की मौजूदगी में यह कार्य किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकरण के बाद सीबीआई ने गलत आरोप लगाते हुये गलत रिपोर्ट प्रस्तुत कर निर्दाेषों को दोषी बनाया दिया और निर्दाेषों पर चलाये जा रहे 120बी का मामला भी उन्होंने गलत बताया। इस दौरान श्रीराम जन्म भूमि न्यास के उपाध्यक्ष पूर्व सांसद डा.रामविलास वेदान्ती के साथ विश्व हिन्दू महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति, विहिम महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश नाथ जी महाराज, सम्मेलन आयोजक/प्रदेश उपाध्यक्ष व बुन्देलखण्ड प्रभारी रविशंकर अगारिया, संयोजक/मण्डल प्रभारी झांसी पवन जैन शिवाजी व कार्यक्रम प्रभारी जिलाध्यक्ष ललितपुर हरीकिशोर नरवरिया, प्रदेश महामंत्री ओमप्रकाश यादव, धर्माचार प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष मुनिश्री फलारी बाबा, विहिम प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेंद्र विराठ आदि मौजूद रहे

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