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मोदी के मंत्री के आते ही भाग खड़े हुए योगी के डॉक्टर्स - प्राइवेट डॉक्टर्स ने किया मंत्री का इलाज

मोदी के मंत्री के आते ही भाग खड़े हुए योगी के डॉक्टर्स - प्राइवेट डॉक्टर्स ने किया मंत्री का इलाज
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रिपोर्ट - शारिक परवेज, पीलीभीत - यूॅ तो उ0प्र0 सरकार अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं देने की बात करते थकती नहीं लेकिन पीलीभीत में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की पोल उस वक्त खुली जब मेनका गांधी अचानक खुद बीमार हो गयी। आयी तो थी मेनका गांधी जिला अस्पताल में जैपनीज़ इन्सेफेलाईटिस के टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ करने लेकिन उनकी पित्ती की थैली में मौजूद पथरी के दर्द की वजह से उन्हे खुद यहाॅ मरीज बनना पडा जिसके बाद मानों पीलीभीत के स्वास्थ्य विभाग के मातहतों के पसीने छूट गये। जिला अस्पताल में निजी चिकित्सकों द्वारा मेनका गांधी का इलाज कराया गया जिससे साफ जाहिर है यहाॅ धरातल पर आम मरीजों को कितनी सेवाएं मिल रही है। देखिये यह खास खबर
‘‘सरकारी अस्पताल में मेनका का इलाज, लेकिन करने वाले निजी चिकित्सक’’
  • ताजा मामला पीलीभीत का है यहाॅ बीते दिन केन्द्रीय मंत्री महिला एंव बाल विकास मेनका संजय गांधी दो दिवसीय दौरे पर पीलीभीत आयी थी। केन्द्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी यहाॅ जिला विकास समन्वय एंव निगरानी समिति ‘‘दिशा’’ की बैठक में अध्यक्ष के रूप में शामिल हुयी। इसके बाद उन्हे पीलीभीत के जिला अस्पताल में जैपनीज़ इन्सेफेलाईटिस या जापानी बुखार या दिमागी बुखार के टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ करना था।
  • लेकिन जैसे ही मेनका गांधी जिला अस्पताल पहुॅची तो उनके गालब्लैडर (पित्त) की थैली में मौजूद पथरी ने मोशन शुरू कर दिया और असहनीय दर्द के कारण उनकी कार सीधे अस्पताल के इमरजेन्सी वार्ड के आगे रूकी। पहले तो वहाॅ ड्यिूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मी यह समझे कि मेनका गांधी निरीक्षण कर रही है लेकिन जब उन्होने यह कहा कि मेरे पेट में बहुत दर्द हो रहा है तो सबके हाथ-पांव फूल गये।
  • यूॅ तो जिला अस्पताल यहाॅ का हाईटेक कहा जाता है लेकिन बीते दिन सत्यतः सामने आयी। जिला अस्पताल में ना तो कोई फिजीशियन था, ना कोई सर्जन, ना कोई यूरोलाजिस्ट, ना कोई हार्ट विशेषज्ञ और ना ही कोई रेडियोलाजिस्ट। सीएमओ डा0 ओम प्रकाश सिंह के हाथ-पांव फूल गये यही नहीं सीएमएस डा0 आर. सी. शर्मा के भी हाथ-पांव फूल गये। क्योंकि इस बार किसी आम नागरिक का नहीं बल्कि एक वीआईपी का अचानक उन्हे इलाज करना था।
  • जिसके बाद जिलाधिकारी शीतल वर्मा ने कमान सम्भांली उन्होने शहर के निजी चिकित्सकों से सम्पर्क साधा जिसके बाद शहर के नामी गिरामी डाक्टरों की फौज सरकारी अस्पताल में मंत्री के इजाल के लिये खडी हो गयी। मंत्री के इलाज के लिये जनपद के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा0 महेश चन्द्रा को बुलाया गया उन्होने मेनका गांधी की पूरी जाॅचे की अपनी निजी मशीने लेकर वो स्वंय आये थे, इसके बाद अल्ट्रासाउण्ड के लिये जनपद के सबसे बडे अल्ट्रासोनोलाजिस्ट डा0 के.एन. तिवारी को बुलाया गया जिन्होने पुष्टि की कि मेनका गांधी के गालब्लैडर यानी पित्त की थैली में पथरी है।
  • इसके बाद जनपद के सबसे बडे यूरोलाजिस्ट पथरी के सर्जन डा0 पी. डी सिंह को बुलाया गया। गौरलतब हो कि जिला अस्पताल में नाही कोई हृदय रोग सम्बंधित कोई मशीन या इलाज की व्यवस्था है, ना ही कोई सर्जन है और नाही कोई अल्ट्रासाउण्ड मशीन व उसे करने वाला है।
  • इन सबसे यही जाहिर है आम इंसान को कैसी स्वास्थ्य सेवाएं यहाॅ विभाग दे रहा है। वहीं सीएमओ से जब पूछना चाहा तो वो बात को टालने लगे और मीडिया के सवालों पर मुहॅ छुपाते नजर आये।
  • हालाकिं जिलाधिकारी के अनुसार मेनका गांधी को मेदान्ता गुरूग्राम की एयर एम्बूलेन्स से वहाॅ भेजा गया है लेकिन मेनका गांधी अपना इलाज एम्स दिल्ली में करा रही है। सूत्रों के अनुसार उनका आप्रेशन आज या कल होगा।

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