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दरोगा ने कहा छेड़छाड़ का मुकदमा न कराओ 500 लो सुलह करा देंगे

दरोगा ने कहा छेड़छाड़ का मुकदमा न कराओ 500 लो सुलह करा देंगे
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अमेठी शिवकेश शुक्ला: इनको वर्दी मिली थी लोगों की सुरक्षा के लिए इनके ऊपर भी कानून लागू होता है लेकिन शायद कुर्सी मिल जाबे के बाद यह अपनी जागीर उसे समझ लेते हैं ।बात हो रही है अमेठी के मुसाफिरखाना कोतवाली की जहां तैनात एक दरोगा जो मामले की कार्रवाई करने के बजाय सुलह के लिए कहता है ,यही नही वह इतना नेक दिल है कि पीड़िता के परिवार को 500 का नोट देकर कहता है कि मामले में सुलह करवा देंगे ।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि थाना प्रभारी को हर संगेय अपराध पर मुकदमा कायम करना ही होगा लेकिन लगता हसि इस दरोगा को कानून पता नही या फिर कानून से अपने आपको ऊपर समझता है ।
यह हैं वो पुलिस वाले जिसके वजह से योगी सरकार बदनाम हो रही है । छेड़छाड़ पर रोकथाम के लिए सरकार ने एंटी रोमियो सेल बनाया लेकिन उन पुलिस वालों का क्या जो छेड़छाड़ होने पर मामले को रफ दफा करने का प्रयास करते हैं ।
आरोप लगाने वाली महिला उस दरोगा का नाम नही जानती लेकिन उसके जो आरोप है वह यह बताने के लिए काफी है कि पुलिस संस्कृति सरकार बदलने के बाद भी नही बदली और ऊपर के अधिकारी कुछ भी फरमान जारी करते रहें थाना तो यह पुलिस वाले अपने हिसाब से ही चलाते हैं ।

क्या था मामला
एक किशोरी के साथ गाँव के कुछ लोगो ने जबरदस्ती की कोशिश के मामले में पुलिस के उपर कार्रवाई न करने के आरोप लग रहे हैं कार्यवाही तो दूर कोतवाली के एक दारोगा पर पीड़िता की माँ ने आरोप लगाया कि हमे दारोगा जी ने हमे 500 रुपये देकर रिपोर्ट न दर्ज कराकर सुलह के लिए दबाव बना रहे है ।
ऐसा ही एक मामला अमेठी के मुसाफिरखाना कोतवाली में हुआ, जहां गाँव के दबंगों द्वारा छेड़छाड़ और अभ्रदता के साथ मारपीट की शिकार एक किशोरी और उसके परिजनों के साथ पुलिस के पास मामला दर्ज कराने पहुंची लड़की की माँ का आरोप लगाया कि मामला दर्ज करने के बजाय कोतवाली में बैठे एक दारोगा ने 500 रुपये देकर रपट न दर्ज कराने की बात कहकर सुलह का दबाव डाल रहे है !देर से पहुँची डायल 100 पुलिस ने मामला थाने में दर्ज कराने की दी सलाह-
पीड़िता के परिजनों ने बताया कि फ़ोन करने पर घण्टो देर से पहुँची डॉयल 100 पुलिस ने किशोरी और उसके परिजनों को कोतवाली जाकर मामला दर्ज कराने की सलाह दी। कोतवाली पहुंचे तो उन्हें वहां न्याय मिलने के बजाए दारोगा जी की कुंठित मानसिकता का शिकार होना पड़ा और रपट न दर्ज कराने के एवज में 500 रुपये की दिया गया।

करेंगे कड़ी कार्रवाई
अपर पुलिस अधीक्षक अमेठी बी सी दूबे ने कहा मामला संज्ञान में नही है जानकारी करता हूँ यदि आरोप सही पाया गया तो कड़ी कार्यवाही की जायेगी ।

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