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जीएसटी की मार झेल रहे लोगों के लिए अच्छी खबर

जीएसटी की मार झेल रहे लोगों के लिए अच्छी खबर
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नई दिल्ली-यह आसार दिखने लगा है कि भविष्य में जीएसटी की मार झेल रहे लोगों को राहत मिल सकती है | वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है की यदि कर स्तर भविष्य में यानी तय सीमा से अधिक राजस्व आता है तो वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के स्लैब कम किए जा सकते हैं।जेटली ने नेशनल एकेडमी ऑफ कस्टम्स, इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड नारकोटिक्स के स्थापना दिवस के मौके पर यह बात कही।

और क्या कहा जेटली ने

  • अब, जब लोगों के पास विकास की मांग करने का अधिकार है तो उनके ऊपर विकास के लिए जरूरी चीजों के लिए भुगतान करने की भी जिम्मेदारी है और इस पैसे को समाज और देश के व्यापक लाभ के लिए ईमानदारी से खर्च करने की जरूरत है।
  • समाज में जहां बड़े पैमाने पर वित्तीय घाटा है, एक ऐसा समाज जो पारंपरिक तौर पर कर का भुगतान नहीं करने वाला समाज है। ऐसे समाज में आज बदलाव आ रहा है, यहां लोग धीरे-धीरे कर के अधिक अनुकूल होने के गुण को पहचानने लगे हैं और यही उन कारणों में से एक है कि हमने एकीकृत कर (जीएसटी) प्रणाली को चुना है।
  • हमारे पास सुधार की गुंजाइश है। एक बार ‘रेवेन्यू न्यूट्रल प्लस’ पर पहुंचने के बाद यानी तय सीमा से अधिक राजस्व आने के बाद जीएसटी के स्लैब घटाए जाएंगे।
  • मौजूदा समय में देश में कर के चार स्लैब यानी पांच प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत हैं। इसके साथ ही जीएसटी लागू होने के शुरुआती पांच वर्षो में राज्य सरकारों को होने वाले राजस्व घाटे की भरपाई के लिए कार, बोतलबंद पेय, तंबाकू उत्पाद जैसे लग्जरी सामानों पर अतिरिक्त कर का भी प्रावधान है।
  • जीएसटी के तहत 81 फीसदी सामानों पर 18 फीसदी या इससे कम कर है और सिर्फ 19 फीसदी सामानों पर अधिकतम 28 फीसदी कर है।
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