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भीमा कोरेगांव युद्ध की याद में अपनो के हराने के जश्न में फैल गई हिंसा

भीमा कोरेगांव युद्ध की याद में  अपनो के हराने के जश्न में फैल गई हिंसा
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मुंबई -देश अंग्रेजों से आजाद हुए भले ही काफी साल हो गए लेकिन अभी भी अंग्रेजों के हिमायती इस देश मे मौजूद हैं और यही कारण रहा कि अपनों के बीच ही दूसरों के लिए खाई पैदा हो गई । एक भाषण के बाद शांत पड़े प्रदेश में हो तरक्की की बात लगातार सोचता है वहां रूढ़िवादी सोच ने दो वर्गों के बीच संघर्ष पैदा कर दिया ।

अब राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर अरोप्लग रही हैं । मुम्बई के प्रोग्रेस पर ब्रेक लगा है और सबसे बड़ी समस्या रोज कमाने खाने वाले लोगों को है लेकिन उनकी कोई पूछने वाला नही है ।

पुणे हिंसा के बाद आज दलित नेताओं द्वारा मुम्बई बंद के बीच स्कूल बसों को भी अभी न चलाने का फैसला लिया गया है । मुम्बई स्कूल बस ऑनर्स एसोसिएशन के कहना है कि वह बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला ले रहे हैं । दोपहर 11 बजे के बाद यह फैसला लिया जाएगा कि दूसरे समय बसों को परिस्थितियों का आकलन करते हुए बसों को चलाया जाए ।


Won't run school buses in Mumbai today, can't risk students' safety and security. Will take a second decision at 11 AM if we can run them in the second half, depending on the situation: Anil Garg, School Bus Owners' Association #BhimaKoregaonViolence https://t.co/8MyAiJBHiy

वही बीआर अम्बेडकर के पौत्र प्रकाश अम्बेडकर द्वारा इस घटना के विरोध में महाराष्ट्र बैंड का एलान किया गया है ।
Activist and grandson of BR Ambedkar, Prakash Ambedkar gave a call for Maharashtra bandh today: Visuals from Chembur #BhimaKoregaonViolence https://t.co/MUBpKgTVX7

महाराष्ट्र के पुणे जिले में भीमा कोरेगांव युद्ध की 200वीं सालगिराह के दौरान हुई हिंसा के आरोप गुजरात के विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवानी और जेएनयू के छात्र उमर खालिद पर लगे हैं. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक मंगलवार देर शाम अक्षय बिक्कड और आनंद डॉन्ड नाम के दो युवकों ने पुणे के डेक्कन पुलिस स्टेशन में जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद के खिलाफ लिखित में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद ने कार्यक्रम के दौरान भड़काऊ भाषण दिया था, जिसके बाद यह हिंसा फैली है.


आरोप है कि जिग्नेश मेवानी ने अपने भाषण के दौरान एक खास वर्ग के लोगों को सड़क पर उतरने के लिए उकसाया था. उमर खालिद ने भी अपने भाषण में जाति विशेष के लोगों को उकसाने वाली बातें कही थी. इन दोनों लोगों के भाषण के बाद एक खास वर्ग के लोग विरोध करने के इरादे से सड़क पर निकलने लगे, जो बाद में हिंसक रूप ले लिया. आरोप है कि विधायक जिग्नेश मेवानी 14 अप्रैल को नागपुर में जाकर आरएसएस मुक्त भारत अभियान की शुरुआत करने की भी बात कही थी. इस भाषण के दौरान प्रकाश आंबेडकर, पूर्व न्यायाधीश बी.जी. कोलसे पाटिल, लेखिका और कवि उल्क महाजन आदि लोग मौजूद रहे.

कितनी अजीब बात है कि आज अपने ही लोगों के हारने के कार्यक्रम मनाया जाता है । यह कार्यक्रम भीम कोरेगांव युद्ध को याद करने के लिए मनाया जाता है जिसमे दलितों ने ब्रिटिश सेना का साथ दिया था और पेशवा युद्ध हार गए थे ।

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