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आखिर क्‍यों किन्‍नरों की शव यात्रा सबसे छुपकर रात में निकालते है जानें क्‍या है रहस्‍य



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डेस्क-किन्नरों को तो हम सब ने देखा है। हम ये भी जानते हैं कि इनकी जिंदगी हमारी तरह सामान्य नहीं होती। इनके जीवन जीने के तरीके, रहन-सहन सब कुछ अलग होता है। हमारे समाज में इन्हें तीसरे लिंग यानी कि थर्ड जेंडर का दर्जा दिया गया है। इनका अपना एक अलग समाज होता है और ये लोग उसी समाज में रहते हैं। जैसे हर समाज के अपने अलग- अलग रीति- रिवाज होते हैं, वैसे ही किन्नरों के समाज में भी उनका अपना रिवाज है। जन्म से लेकर मरने तक इनके अलग- अलग नियम है। कभी आपने किसी किन्नर की शव यात्रा देखी है, नहीं ना। ऐसा क्यों है ये हम आपको बताते हैं। किन्नरों के शव यात्रा में भी छुपे हैं कई राज।


किसी के घर में नई शादी हुई हो या फिर किसी बच्चे का जन्म हुआ हो। वहां किन्नरों को नाचते- गाते नेक मांगते हुए आपने देखा होगा। कुछ पैसे लेकर आपको ढेर सारा आशीर्वाद दे जाते हैं ये किन्नर। लेकिन क्या आपको मालूम है कि जब इन किन्नरों की जब मौत होती है, तब इनके शव को सभी से छुपा कर रखा जाता है। जी हां, जहां ज्यादातर शव यात्रा दिन में निकाली जाती है, वहीं किन्नरों की शव यात्रा रात में निकाली जाती है।

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