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मैडम को कहीं दुर्गंध न आ जाये इस लिए शौचालय में जड़ दिया ताला



मैडम को कहीं दुर्गंध न आ जाये इस लिए शौचालय में जड़ दिया ताला

तहसील परिसर में लगा शौचालय पर ताला


  • एसडीएम सदर ने तहसील परिसर के शौचालय में लगवाया ताला

  • कार्यालय के ठीक सामने शौचालय होने से मैडम को दुर्गंध का एहसास ना हो इसलिए लगा ताला


गोंडा  ( एच पी श्रीवास्तव ) जनपद देश में भले ही सबसे गंदे शहरों में शुमार हुआ हो लेकिन यहां के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां उड़ाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं लगाई जा रही है जनपद में स्वच्छता के नाम पर करोड़ों रुपए फूकने के बाद भी यहां के अधिकारी जनता को गंदगी में रहने के लिए विवश कर रहे हैं और स्वयं जहां इनको उठना बैठना रहता है उस परिसर की सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद करने की कौन कहे उल्टे ही वहां स्थित शौचालय में ताला लगवा देते हैं जिससे उसकी दुर्गंध उन तक ना पहुंच सके !
आइए आपको रूबरू करवाते हैं गोंडा सदर तहसील के परिसर से जहां पर उप जिलाधिकारी अर्चना वर्मा का कार्यालय है और उसके ठीक सामने बने शौचालय में हमेशा ताला लगा रहता है !


क्या है पूरा मामला और क्यों लगता है ताला


सदर तहसील भवन के प्रथम तल पर स्थित उपजिलाधिकारी सदर के कार्यालय के सामने दो शौचालय स्थित हैं मैडम को गन्दगी का अहसास न हो इसलिए इनपर हमेशा के लिए ताला जड दिया गया है।
ध्यान देने वाली बात तो यह है कि तहसीलदार और एसडीएम जैसे अधिकारियों के कार्यालय में उनके निवृत होने के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था होने के चलते उन्हें न तो कर्मचारियों और न ही आम जनता को होने वाली इस समस्या और इस समस्या के चलते होने वाली गन्दगी से ही कोई सरोकर रहता है।


क्या कहते हैं उप जिलाधिकारी अर्चना वर्मा


शर्मनाक बात तो यह है कि जब इस गन्दगी और जनता को होने वाली इस अति आवश्यक समस्या पर उपजिलाधिकारी सदर अर्चना वर्मा से बात की गयी तो उन्होनें इस समस्या को बेहद ही हल्के अंदाज में लेते हुए बताया कि यहां के लोगों ने बताया कि दरवाजे के सामने शौचालय होने से अगर यह खुलेगा तो आप बैठ नहीं पायेगीं इसलिए उस में ताला लगवा दिया गया है ,कुछ दिनों पहले ही इसे खुलवाया गया था अब फिर से खुलवा दिया जायेगा, उनके कहने का मतलब यह था कि कुछ दिनों पूर्व बाहर बने मूत्रालयों को साथ करवाया गया था फिर साफ करवा दिया जायेगा, अब तहसील परिसर में बाहर की ओर बने मूत्रालयों के देखने से ही यह साफ मालूम होता है कि मैडम एसडीएम का कहना कितना सही है और कितना गलत और ये जिम्मेदार अधिकारी प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत के मुहिम को किस तरह पलीता लगा रहे है।


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