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जानिए क्या रहस्य भगवान शिव शंकर की तीसरी आँख का



जानिए क्या रहस्य भगवान शिव शंकर की तीसरी आँख का

भगवान के शिव के तीसरी रहस्य

डेस्क- आज हम आपको भगवान के शिव के तीसरी रहस्य के बारे में बताने जा रहे है भगवान शंकर का एक नाम त्रिलोचन भी है। त्रिलोचन का अर्थ होता है तीन आंखों वाला क्योंकि एक मात्र भगवान शंकर ही ऐसे हैं जिनकी तीन आंखें हैं। पुराणों में भगवान शंकर के माथे पर एक तीसरी आंख के होने का उल्लेख है। उस आंख से वे वह सबकुछ देख सकते हैं जो आम आंखों से नहीं देखा जा सकता।


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जब वे तीसरी आंख खोलते हैं तो उससे बहुत ही ज्यादा उर्जा निकलती है। एक बार खुलते ही सब कुछ साफ नजर आता है, फिर वे ब्रह्मांड में झांक रहे होते हैं। ऐसी स्थिति में वे कॉस्‍मिक फ्रिक्‍वेंसी या ब्रह्मांडीय आवृत्‍ति से जुड़े होते हैं। तब वे कहीं भी देख सकते हैं एक बार पर्वती भगवान से विवाह करना चाहती थी|


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लकिन भगवान से शिव ध्यान में थे लेकिन पर्वती बहुत कोशिश की लेकिन शिव भगवान ने अपनी ध्यान से नंही हटे , तभी कामदेव पर्वती दया खाकर प्रेम बाण छोड़ देते है| भगवान शिव तभी अचानक अपनी तीसरी आंख खोल देते है जिसे कामदेव भस्म हो जाते है|


- प्रेम कुमार



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