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महोत्सव के दूसरे व तीसरे दिन स्थानीय कलाकारों ने मचाया धमाल



महोत्सव के दूसरे व तीसरे दिन स्थानीय कलाकारों ने मचाया धमाल

गोण्डा महोत्सव

गोण्डा -जनपद की गंगा-जमुनी तहजीब तथा जनपद की विरासत को संजोए हुए एवं स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हुए गोण्डा महोत्सव अपने उत्कर्ष पर पहुंच रहा है। महोत्सव के दूसरे भी दिन एक ओर जहंा जिले की प्रतिभाओं को अपना हुनर दिखाने का मौका मिला वहीं बाहर से आए हुए कलाकारों की प्रस्तुतियों ने महोत्सव में चार चांद लगा दिए और दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।


दूसरे दिन स्थानीय कलाकारो में अविका सुरभित,दिया ठक्कुर,मयंक श्रीवास्तव, सोयम सोनी, हेमंत कनौजिया, दीक्षा अवस्थी, एश्वर्या, मंजली सिंह,अमित कुमार,शिप्रा मिश्रा,सन्नी जयसवाल,हर्षिता,चेतना कालानी,आशीष कशौधन,शगुन श्रीवास्तव प्रज्ञा गिरी, मोनिका सिंह, अक्षरा दूबे,प्रशस्ति पाण्डेय,शुभम शुक्ला,मोहर्रम अली, उमेश गुप्ता, ममता,अंशिका श्रीवास्तव, पवन कुमार, विश्व दीप त्रिपाठी,नैंसी अवस्थी, मोहित श्रीवास्तव, वंशिका सिंह, प्रीति, रेशमा, सीमा साहू,हर्ष यादव,साक्षी सिंह,शिवम उपाध्याय,अलनदीम,खुशी कौशल, रवि कुमार, जावेद शाह, उमाशंकर गिरि,अमरजीत तिवारी,,सुनील सोनी,मानसी मिश्रा,रतना सिंह,दिव्यांशु पाण्डेय,राकेश आर्या ने शानदार नृत्य प्रस्तुत किय तो वहीं तीसरे दिन भी स्थानीय कलाकारों ने महोत्सव के मंच पर अपना जलवा बिखेरा।


तीसरे दिन नृत्य व गायन प्रस्तुत करने वाले स्थानीय कलाकारों में सचिन गोस्वामी बसंत गोस्वामी, शिव पूजन कनौजिया, प्रदीप परवाना, आदर्श पटवा,मनीषा दूबे, अमित कौशल ,रंजीत राव, संजय श्रीवास्तव, दुर्गेश तिवारी,प्रमोद यादव, शमीरूद्दीन,हिमांशु मिश्रा,शिवांश मिश्रा,काका नागेन्द्र,सिमरन, आतिफ असलम ने शानदार प्रस्तुती दी। इसके बाद बांसुरी वादन राजेश मिश्र एडवोकेट व बांसुरी वादन दीपेन्द्र लखनऊ द्वारा बांसरुी वादन ने लोगों का मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई विशाल एवं भव्य व्रदर्शनी को अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व जनसामान्य ने खूब सराहा।


उज्ज्वल खरे व प्राची खरे के गीतों पर जमकर थिरके लोग


लिटिल चैम्प निष्ठा शर्मा , आव्या व अनुग्रह ने भी महोत्सव के दूसरे दिन खूब शनदार प्रोग्राम प्रस्तुत किया। अनुग्रह अग्निहोत्री ने जिया हो बिहार के लाला, जिया तू हजार साला गाकर खूब तालियां बटोरीं। वहीं अनुग्रह व आव्या के ड्यूट सांग ने तो पण्डाल में मौजूद सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। निष्ठा शर्मा ने सत्यम शिवम सुन्दरम गाया तो उज्जवल खरे व प्राची खरे एंड पार्टी बालीवुड सिंगर के गीतों व नृत्य पर जमकर झूमे लोग। उज्जवल खरे ने ‘‘के पग घुंघरू बंध मीरा नाची थी’’ व मेरी सामने वाली खिड़की में इक चांद का टुकड़ा रहता है’’ गाकर जनसमूह को झूमने पर मजबूर कर दिया।


विशाल कवि सम्मेलन में नामचीन कवियों की रचनाओं से ओतप्रोत हुए लोग


गोण्डा महोत्सव की दूसरी शाम देश के नामचीन कवियों के नाम रही। कलम की धनी गोण्डा की सरजमीं पर भव्य कवि सम्मलेन का आयोजन गोण्डा महोत्सव के मंच पर हुआ जिसमें लखनऊ की मशहूर कवयित्री कविता तिवारी, ओमपाल सिंह निडर, रामकिशोर तिवारी बाराबंकी, कमलेश द्विवेदी कानपुरर, छिवया नेहा छत्तीसगढ़, मानसी द्विवेदी, अशोक सुन्दरानी सतना मध्यप्रदेश, अंकुर टण्डन मुम्बई, पदमिनी शर्मा दिल्ली, सुरेन्द्र्र सिंह झंझट, सुरेश मोकलपुरी, रमेशचन्द्र पाण्डेयग गोण्डा, चन्दन तिवारी गोण्डा व समीशा आर्या गोण्डा ने अपनी कविताओं से शमां बांध दी। कवि सम्मलेन का शुभारम्भ कवयित्री कविता तिवारी की सरस्वती वन्दना सारी धरा तुम्हारे ही गीत गा रही है से हुई। कविता तिवारी ने ओजपूर्ण रचना बिना मौसम हृदय काकिल से भी कूका नहीं जाता, जहां अनुराग पलता हो वहां दूजा नहीं जाता, विभाीषण राम जी के भक्त हैं ये जानते सब हैं, मगर जो देशद्रोही हो उसे पूजा नहीं जाता सुनाकर खूब वाहवही लूटी। सचंालन कर रहे राम किशारे तिवारी ने यह यज्ञ यहीं पर पूर्ण हुआ, युग-युग तक गाये बसुन्धरा, वह नर पुंगव बलिदानी था आजाद जिया आजाद मरा, इसी प्रकार डा0 कमलेश द्विवेदी ने हास्य व्यंग मैंने कहा चच्चा अस्सलाम अलैकुम, चच्चा बोले राम-राम बच्चा सुनाकर लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया।


लखीमपुर के पधारे बीररस के मशहूर कवि अनिल अमल ने ’’कवि विपक्ष की कुर्सी पर ही सदा विराजित होता है, कोई जीते कोई हारे लेकिन वो अपराजित होता है। उसको आशाीर्वाद मिला है सरस्वती बरदानी का, संरक्षण का गुण पाया है गंगा मइया के पानी का’’ प्रस्तुत किया। गोण्डा के कवि रमेश पाण्डेय ने दोनो दिल एक हैं फिर ये जुबां चुप क्यों है, हीरा सिंह मधुर द्वारा ‘‘ फूट उालकर राजकरो इस तरह नीति थी गोरों की, उसी तरह से नीति आज है राजनीति के चोरों की’’ ओमपाल सिंह निडर द्वारा भारत मंे रहना है तो भारत से प्यार करो, शिवाकान्त मिश्र विद्रोही द्वारा ’’समन्दर को नदी के बाढ़ की चिन्ता नहीं होती सिंह को गधों के चिग्घाड़ की चिन्ता नहीं होती’’ दिव्या नेहा दूबे द्वारा तुम आ जाओ पास मेरे, मैं दिल से गीत सुनाऊंगी, तुम जीवन का पुष्ठ बनो मैं महाकाव्य रच जाऊंगी’’ मानसी द्विवेदी द्वारा ‘‘मेरी कविता किसी दुष्यन्त के उस प्यार तक पहुंचे, मेरी कविता स्वयं चलकर श्रमिक के द्वारा पहुंचे, मेरी कविता का लेखन सार्थक होगा उस दिन जब कि बेवा भी सुने तो सोलहों श्रृंगर तक पहुंचे ’’सुरेश मोकलपुरी ने लोकतंत्र का नाश तो अब लगता बहुत उबाऊ है, नोट तंत्र है भारी सब पर हर इक वोट बिकाऊ है’’ सतीश आर्य द्वारा बेटी से जुड़ी रचना ‘‘तनमय रहती है सारा सामान संजोने में, शिव का धनुष उठाकर रख देती है कोने में। घर आंगन बुहारती है जब-जब सीता लगती है, सचमुच मेरी बेटी बड़ी पुनीता लगती है’’ सुनाकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।


सुरेन्द्र सिंह झंझट द्वारा ‘‘गुण्डो का नहीं है दलालों का नहीं, डण्डों का नही है हवालों का नही है, यह देश है हमारे शहीदों की अमानत यह देश देश बेचने वालों का नहीं है’’ मुम्बई के कवि अंकुर टन्डन द्वारा अशोक सुन्दरानी द्वारा जूते ने कहा हमने सर्दी की चुभन, गर्मी की पतन दोनों का सहकर लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया, हम उतरे प्रभु श्रीराम के चरणों से तो अयोध्य का शासन चैदह बरस तक हमी ने चलाया’’ सुनाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।


13 मार्च समापन के दिन महोत्सव में होने वाले कार्यक्रम


गोण्डा महोत्सव के संयोजक जानकी शरण द्विवेदी ने बताया कि महोत्सव का समापन के दिन शानदार बालीवुड नाइट, पद्मश्री लोकगाकिा मालिनी अवस्थी के गीतों व कुलहिन्द मुशायरे के साथ होगा। चैथे और अन्तिम दिन 05.00 बजे सायं पुरस्कार वितरण आयोजन समिति द्वारा, 06.00 बजे रात्रि सांस्कृतिक कार्यक्रम मोहित कपूर डांस पार्टी द्वारा, 06.45 बजे सायंलिटिल चैम्प प्रस्तुति फरहा नाज, 07.15 बजे रात्रि लोक गायन विक्रम विष्ट एण्ड पार्टी तथा 07.45 बजे रात्रि से लोक गायन लोक गायिका मालिनी अवस्थी द्वारा लोकगीतों की झमाझम प्रस्तुति होगी। इसके बाद रात्रि 9ः15 बजे से कुलहिन्द मुशायरे का अयोजन होगा जिसमें जनाब मुनव्वर राणा नई दिल्ली, श्रीमती सबा बलरामपुरी बलरामपुर, जनाब जौहर कानपुरी कानपुर, जनाब अशोक साहिल दिल्ली, जनाब हाशिम फिरोजाबादी फिरोजाबाद, जनाब वसीम रामपुरी रामपुर, जनाब काबिश रुदौलवी फैजाबाद, श्रीमती शबीना अदीब कानपुर, जनाब रुखसार बलरामपुरी लखनऊ, जनाब अली बाराबंकवी बाराबंकी, जनाब विकास बौखल बाराबंकी, जनाब पीके धुत्त एटा, जनाब नदीम फर्रूख शिरकत करेगें। मुशायरे का संचालन जनाब नदीम फर्रूख द्वारा किया जाएगा।


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