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बड़ी घटना: सुसाइड नोट में मार्मिक बातें लिख छात्रा ने मौत को लगाया गले



बड़ी घटना: सुसाइड नोट में मार्मिक बातें लिख छात्रा ने मौत को लगाया गले

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लखनऊ में अलीगंज के सेक्टर के में रहने वाली हाईस्कूल छात्रा आशू सिंह (14) ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सोमवार को ही उसका परीक्षा परिणाम आया था जिसमें उसने 73.5 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम श्रेणी हासिल की थी। आशू मेधावी थी और मेरिट में न आने से दुखी थी। उधर, परिवारीजनों ने इस बारे में कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया। 


प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि आशू के पिता महेंद्र पाल सिंह मूलरूप से कन्नौज के रहने वाले हैं और यहां अलीगंज में अखिलेश त्रिपाठी के मकान में रहते हैं। महेंद्र पाल भारत तिब्बत सीमा पुलिस में मुख्य आरक्षी हैं।


आशू प्ले वे स्कूल में हाईस्कूल की छात्रा थी। सोमवार को परीक्षा का परिणाम आया, जिसमें उसे प्रथम श्रेणी मिली थी। उसने पढ़ाई में बहुत मेहनत की थी और उम्मीद थी कि मेरिट लिस्ट में नाम आ जाएगा। परीक्षा परिणाम आने के बाद उसकी उम्मीदें टूट गईं। मंगलवार सुबह मां सोनी नहाने के लिए बाथरूम गई थीं जबकि भाई अभय स्कूल गया था। सोनी नहाकर निकलीं तो आशू नजर नहीं आई। वह कमरे में पहुंची तो नजारा देखकर होश उड़ गए।


बेटी का शव फंदे से लटका हुआ था। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और फंदा काटकर आशू को अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर आई पुलिस को आशू के हाथों लिखा सुसाइड नोट बरामद हुआ है। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि सुसाइड नोट में छात्रा ने मेहनत करने के बाद भी मेरिट में नाम न आ पाने से दुखी होकर खुदकुशी करने की बात लिखी है। हालांकि, परिवारीजन इस बारे में साफ तौर पर कुछ भी नहीं कह रहे।


मां तुम सबके सामने डांटती हो, अकेले में प्यार करती हो
आशू ने बहुत ही मार्मिक सुसाइड नोट लिखा था। आशू ने अपनी मां को संबोधित करते हुए लिखा, ‘मां, आई लव यू। तुम सबके सामने डांटती हो और अकेले में प्यार करती हो।’ प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि उसके इन शब्दों से लग रहा था कि वह मां के व्यवहार से खुश नहीं थी। छात्रा ने यह भी लिखा कि मां परिवार के अन्य लोगों को ज्यादा चाहती हैं और उसे कम। उसने अपने सुसाइड नोट में रिजल्ट को लेकर भी असंतोष जताया है।


खरगोश नहीं दिलाया तो नाराज हो गई थी बेटी
महेंद्रपाल सिंह का कहना है कि बेटी कई दिन से खरगोश लाने की जिद कर रही थी। परीक्षा परिणाम आने के बाद भी खरगोश नहीं आया तो उसने खुदकुशी कर ली।


कम नंबर हैं तो क्या हुआ, बेहतर की गुंजाइश खत्म नहीं होती
- रिजल्ट में जिनके नंबर अच्छे हैं उन्हें बधाई और जिनके नंबर थोड़े से कम हैं, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं। यह हमेशा याद रखिए कि शैक्षिक उपलब्धि से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं आप।
- यदि किसी वजह से थोड़े कम नंबर आ भी गए तो क्या हुआ। यह अंत नहीं। जितना आपने प्रयास किया उतना मिला। उससे ज्यादा की अपेक्षा न करें और हमेशा ध्यान रखिए, बेहतर की गुंजाइश कभी खत्म नहीं होती। 
-असफलता कुछ नहीं होती। यह महज एक परिणाम है, अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें। संभावनाओं की कमी नहीं। और बेहतर के लिए आगे फिर कोशिश कीजिए। 
- जिद, गुस्सा और चिंता हमेशा नुकसान ही पहुंचाते हैं। छोटी-छोटी बातों के लिए नकारात्मक सोच रखना गलत है। 



 


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