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शिव खोड़ी गुफा का क्या है रहस्य जानिए



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प्राचीन मंदिरों के कई अवशेष अब भी इस क्षेत्र में बिखरे पड़े


डेस्क-भारत देश में कई स्थान आज भी इसे है जो चमत्कारी बने हुए है। कही जाना संभव है तो कही जाना असंभव,इन स्थानों की धार्मिक और पौराणिक मान्यताये है। आज हम जिस स्थान की बात कर रहे है वो एक जम्मू की गुफा शिव खोड़ी है। कहते है इसमे संहारक शिव का वास है। जो भी इस गुफा में आज तक गया है वो पुनः लौट कर नही आया है। वो सीधे शिवधाम को प्राप्त हुआ है।


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  • शिव खोड़ी शिवालिक पर्वत शृंखला में एक प्राकृतिक गुफा है, जिसमें प्रकृति-निर्मित शिव-लिंग विद्यमान है।

  • शिव खोड़ी तीर्थ स्थल पर महाशिवरात्रि के दिन बहुत बड़ा मेला आयोजित होता है

  • जिसमें हजारों की संख्या में लोग दूर-दूर से यहां आकर अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं

  • और आयोजित इस मेले में शामिल होते हैं।


शिव खोड़ी की यात्रा बारह महीने चलती है। अति प्राचीन मंदिरों के कई अवशेष अब भी इस क्षेत्र में बिखरे पड़े हैं। शिव खोड़ी शिवभक्तों के लिए एक महान तीर्थ स्थल है। शिव खोड़ी शिव तीर्थ का कोई प्रामाणिक इतिहास आज तक उपलब्ध नहीं हो पाया है। लोक श्रुतियों में कहा गया है कि स्यालकोट (वर्तमान में यह स्थान पाकिस्तान में है) के राजा सालवाहन ने शिव खोड़ी में शिवलिंग के दर्शन किए थे और इस क्षेत्र में कई मंदिर भी निर्माण करवाए थे, जो बाद में सालवाहन मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुए।


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  • इस गुफा में दो कक्ष हैं। बाहरी कक्ष कुछ बड़ा है, लेकिन भीतरी कक्ष छोटा है।

  • बाहर वाले कक्ष से भीतरी कक्ष में जाने का रास्ता कुछ तंग और कम ऊंचाई वाला है

  • जहां से झुक कर गुजरना पड़ता है। आगे चलकर यह रास्ता दो हिस्सों में बंट जाता है

  • जिसमें से एक के विषय में ऐसा विश्वास है कि यह कश्मीर जाता है।

  • यह रास्ता अब बंद कर दिया गया है। दूसरा मार्ग गुफा की ओर जाता है, जहां स्वयंभू शिव की मूर्ति है।

  • गुफा की छत पर सर्पाकृति चित्रकला है, जहां से दूध युक्त जल शिवलिंग पर टपकता रहता है।

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