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इस मंदिर में जाम से जाम टकराते नजर आते हैं बन्दर



इस मंदिर में जाम से जाम टकराते नजर आते हैं बन्दर

मंदिर में शराब चढाते हुए श्रद्धालु

मंदिर रोजाना सैकड़ो  लीटर शराब प्रसाद के रूप में भक्तो के द्वारा चढ़ाई जाती है


सीतापुर-  हमारे  देश  में  मंदिरों  की  पवित्रता और  भक्तो की आस्था जगजाहिर है , लेकिन अगर हम आप से ये कहे की  एक मंदिर ऐसा भी है जहा अंधविश्वास के चलते मंदिर  की पवित्रता तो  अपना वजूद खो ही  रही है वही  भक्त भी आस्था के नाम स्वयं भगवान का अपमान करने में जुटे है .


आप सुनकर चौक जायेंगे . जी हां ये मंदिर स्थित  है सीतापुर जनपद के पिसावा क्षेत्र इस मंदिर में भक्त प्रसाद के रूप में ने सिर्फ शराब चढाते है बल्कि उसका सेवन स्वयं करने के साथ साथ वह मौजूद सैकड़ो बंदरो को भी इसका सेवन कराते है , आखिर  कहा है ये मंदिर रुपी मयखाना  आप स्वयं ही देख लीजिये ..............


ये  है  सीतापुर  जनपद  के पिसावा थाना छेत्र में स्थित बाबा खबीश नाथ जी का मंदिर . इस मंदिर की इस छेत्र में काफी लोकप्रियता है . यहाँ पर सैकड़ो की संख्या में भक्त रोजाना दर्शन के लिए आते है . प्रसाद भी वितरित किया जाता है लेकिन प्रसाद फल या मिठाई न होकर शराब होती है . जिसे यहाँ आने वाले भक्त बड़ी श्रधा के साथ लाते है और मंदिर में चढाते है . मंदिर रोजाना सैकड़ो  लीटर शराब प्रसाद के रूप में भक्तो के द्वारा चढ़ाई जाती है .

 

लेकिन प्रसाद चढाने के बाद जो वाकया घटित होता है वो काफी चौकाने वाला होता है . मंदिर में प्रसाद चढाने के बाद भक्त यहाँ पर मौजूद सैकड़ो बंदरो के लिए शराब के गिलास रखते है . और ये बन्दर बड़े शौक के साथ शराब पीते है . यहाँ आने वाले भक्तो का मानना है की बाबा खबीश नाथ जी को शराब का प्रसाद चढ़ाने से सभी मनोकामना  पूरी हो जाती है .  

मंदिर के प्रत्ति भक्तो की आस्था तो काफी  हद तक ठीक है लेकिन इस आस्था के नाम पर बेजुबान जानवरों के साथ ये मजाक क्या जायज है , शायद आप इस बात से सहमत नहीं होंगे , और होना भी नहीं चाहिए क्योकि यदि कल यही जानवर शराब के सेवन के बाद हिंसात्मक हो जायेंगे तो निश्चय ही दुष्परिणाम सामने  आयेंगे जो की किसी भी द्रष्टिकोण से ठीक नहीं होगा . 

रिपोर्ट सुमित बाजपेयी

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