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आपकी राशि पर पड़ने जा रहा बड़ा असर देवगुरु वृहस्पति का तुला राशि से वृश्चिक राशि मे प्रवेश का होगा असर



आपकी राशि पर पड़ने जा रहा बड़ा असर देवगुरु वृहस्पति का तुला राशि से वृश्चिक राशि मे प्रवेश का होगा असर

ब्रहस्पति राशि

आइये जाने देवगुरु वृहस्पति का तुला राशि से वृश्चिक राशि मे प्रवेश के शुभ अशुभ परिणाम ....







 भारतीय वेदिक ज्योतिष में बृहस्पति अथवा गुरु ग्रह का एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है। नवग्रहों मे बृहस्पति शुभ ग्रह माने जाते हैं तथा इन्हे देवताओ का गुरु माना जाता है जिस कारण हमारी धरती पर यह आशावाद,उन्नति,महानता तथा ज्ञान का प्रतीक माने जाते हैं |

 

गुरु ग्रह का गोचर जातक को सफलता,भाग्य की उन्नति,धन की प्राप्ति तथा सांसारिक सुख प्रदान करता है इसके उचित रूप से शुभ परिणाम पाने के लिए जातक को बहुत ज्यादा मेहनत के साथ साथ दूसरों को सम्मान देते हुये लक्ष्य निर्धारित करके ईश्वर पर आस्था रखनी चाहिए |

 

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार जब भी बृहस्पति किसी की कुंडली में शुभ अवस्था में होता है तो ऐसा जातक धार्मिक व आध्यात्मिक जगत से जुड़ा हुआ होता है इस गुरु ग्रह की पांचवीं,सातवी तथा नवी दृष्टि जिस भाव पर भी पड़ती है उस भाव से संबंधित बहुत ही अच्छे फल जातक को मिलते हैं यह बृहस्पति जब चंद्र राशि से 2,5,7,9 और 11 भाव में होते हैं तो यह बड़े शुभ माने जाते हैं |ज्योतिषशास्त्र में गुरु ग्रह को धर्म, ज्ञान और सुख-समृद्धि का कारक ग्रह माना गया है। 

 

गुरु गोचर वैदिक ज्योतिष में महत्वपूर्ण माना जाता है। क्योंकि गुरु जीवन में उन्नति का कारक होता है और वैदिक ज्योतिष में गुरु को अत्यंत शुभ ग्रह माना जाता है। बृहस्पति को देव गुरु कहा जाता है और यह ज्ञान, कर्म, धन, पुत्र और विवाह का कारक होता है। बृहस्पति के प्रभाव से जातक का मन धर्म एवं आध्यात्मिक कार्यों में अधिक लगता है। इसके अलावा जातक को करियर में उन्नति, स्वास्थ्य लाभ, मजबूत आर्थिक स्थिति, विवाह एवं संतानोत्पत्ति जैसे शुभ फल प्राप्त होते हैं। यदि कुंडली में बृहस्पति बलवान है तो अन्य ग्रहों की स्थिति ठीक नहीं होने पर भी कोई कष्ट या हानि नहीं होती है। बृहस्पति के बलवान होने पर उक्त जातक का परिवार, समाज और हर क्षेत्र में प्रभाव रहेगा।तशास्त्री के अनुसार ज्योतिष मे साम: यह  हैं कि जिन राशियों को बृहस्पति अथवा गुरु दे

 

ज्योतिर्विद पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया कि 11 अक्टूबर 2018 रात्रि 8:29 पर बृहस्पति अथवा गुरु तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। जहां से यह अतिचारी अवस्था में 30 मार्च, 2019 यानि शनिवार को रात 3.11 को धनु राशि मे प्रवेश करेंगे 10 अप्रैल 2019 से वक्री होकर 22 अप्रैल 2019 को वापस वृश्चिक राशि मे लौटेंगे जहां से 11 अगस्त 2019 को मार्गी होकर 5 नवंबर 2019 को वृश्चिक राशि छोड़कर धनु राशि मे प्रवेश करेंगे |

 

पिछले 1 वर्ष से गुरु शुक्र की तुला राशि में रहे तथा उन्होंने शुक्र के क्षेत्र खासतौर फिल्म इंडस्ट्री को बहुत से नुकसान प्रदान किए इस तुला राशि से अब यह गुरु मंगल की जुनूनी,मेहनती व रहस्यमय राशि वृश्चिक में प्रवेश कर रहे हैं जहां यह 5 नवंबर 2019 तक रहेंगे |

 

गुरु ग्रह का स्वभाव ज्ञानी महात्मा के समान होता है इनका मंगल की वृश्चिक राशि में प्रवेश गुप्तता लिए हुये होगा क्यूंकी गुरु जहां बहुमुखी तथा विस्तार करना पसंद करते हैं वहीं वृश्चिक राशि गुप्त रहने वाली तथा अपने में मग्न रहना पसंद करती है वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल स्थिर स्वभाव,अग्नि तत्व तथा जलीय राशि का है वृश्चिक राशि काल पुरुष की अष्टम भाव में आने के कारण नकारात्मक प्रभाव की मानी जाती है यहां पर यह गुरु विशाखा,अनुराधा और ज्येष्ठा नक्षत्र से गुजरेंगे क्योंकि वृश्चिक राशि गुरु की मित्र राशि है तो यहाँ यह कालपुरुष के अष्टम भाव का प्रभाव भी देंगे जिससे कोई संक्रामक रोग जो कि जल से संबंधित हो सकता हैं धरती पर फैल सकता है 1981 से 1982 के बीच जब गुरु वृश्चिक राशि से गुजरा थे तो पूरी दुनिया में एड्स नामक बीमारी फैली थी |

 

जब गुरु इस वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे तब वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल अपनी ऊंच राशि मकर में केतु के साथ होगा | इस दौरान गुरु 10 अप्रैल 2019 से 11 अगस्त 2019 के बीच वक्री अवस्था में होंगे जिसके प्रभाव से प्राकृतिक आपदाएं तथा आतंकवाद का प्रभाव बढ़ेगा | गुरु 17 नवंबर 2018 से 11 दिसंबर 2018 के बीच अस्त अवस्था में रहेंगे,27 नवंबर 2018 को इनकी सूर्य से समान अंशो मे युति बनेगी जिसके धरती पर सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव में प्रत्यक्ष रूप से देखने को मिलेंगे |

 

यह गुरु स्वतंत्र भारत के कुंडली के सप्तम भाव से व चन्द्र कुंडली से पंचम भाव से गुजरेगे तथा काल पुरुष के अष्टम भाव से गुजरेंगे जिस कारण भारत मे आध्यात्मिक वृद्धि तथा धार्मिक स्थानों का दोबारा से बनाया जाना जैसे परिणाम प्राप्त होंगे | 

 

पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार भारत की कुंडली के तीसरे भाव पर दृष्टि होने के कारण पड़ोसी देशों से अच्छे संबंध बनाने में मदद करेंगे,संचार तथा शोध से संबंधित कई कार्यो में योजनाएं बनवाएंगे,लग्न पर दृस्टी होने से राज्य पक्ष को लाभ,विदेशो से मान सम्मान,अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा आदि बढ़ाएँगे तथा एकादश भाव मे दृष्टि होने से सरकार के राजकीय कोष मे वृद्धि,व्यापार और अर्थव्यवस्था में सुधार करेंगे |

 

अपने इस गोचर मे यह गुरु वृश्चिक राशि के विशाखा,अनुराधा व ज्येष्ठा नक्षत्र से गुजरेंगे जब यह विशेष रूप से अनुराधा नक्षत्र मे प्रवेश करेंगे तब टैक्स चोरी करने वालों को दंड देने हेतु सरकारी योजनाएं सिरे चढ़ेंगी तथा फौज को मजबूती मिलेगी परंतु प्राकृतिक घटनाओं जैसे बाढ़ और भूकंप से देश को नुकसान भी होगा |

वृहस्पति के इस राशि परिवर्तन से मुख्य रूप से देखे तो भारत मे निम्न प्रभाव देखने को मिलेंगे ---

 

देश मे 2019 मे “एनडीए” की सरकार ही आएगी क्यूंकी सप्तम भाव से गुरु का गोचर होगा जो विरोधियो को हानी देगा जिस कारण महागठबंधन नहीं बन पाएगा |

 

भारत खेलो मे बड़ा नाम करेगा विशेषकर क्रिकेट का विश्वकप भारत इस वर्ष जीत सकता हैं |

 

कई प्रसिद्द व्यक्तियों विशेषकर स्त्रीयों का विवाह इस वर्ष होगा जिसके बाद वह अपने अपने क्षेत्र से विदा ले लेंगी इनमे प्रमुख दीपिका पादुकोण,प्रियंका चोपड़ा व सानिया नेहवाल हैं |

 

विपक्ष के कुछ बड़े नेता या तो अपना पद छोड़ देंगे या मृत्यु को प्राप्त होंगे |

 

 आइये जानते है ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री से कि देव गुरु बृहस्पति के तुला राशि से वृश्चिक राशि में परिवर्तन से जीवन के विभिन्न क्षेत्रों यथा धन, भाई-बंधू, माता-पिता, परिवार, शिक्षा, व्यवसाय, वैवाहिक जीवन इत्यादि का कितना प्रभाव पड़ेगा।  इस राशि में गुरु सबसे पहले गुरु के विशाखा नक्षत्र में भ्रमण करेंगे उसके बाद  शनि तथा बुध के नक्षत्र में परिभ्रमण करेंगे। वही नवांश में  कर्क राशि से लेकर मीन राशि तक क्रमशः परिभ्रमण करेंगे। गुरु का अपने मित्र राशि में आने से मांगलिक कार्य होने के संकेत मिलता है।

 

आपको बता दें कि यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित हें। यहां लग्न तथा चंद्र राशि को आधार मानकर, गुरु का द्वादश राशियों पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है कि विस्तृत विवेचना की जा रही है। जन्म कुंडली में चन्द्रमा जिस राशि में होता है उसे ही राशि या चन्द्र राशि कहते है। 

 

मेष राशि

आपके नवम और द्वादश भाव के स्‍वामी बृहस्‍पति देव हैं और आपकी राशि से अष्‍टम भाव में गोचर करेंगें। आपके लिए यह गोचर ज्‍यादा शुभ नहीं है। भाग्‍य का साथ नहीं मिलेगा। गुरु की वंदना करते हुए प्रयास करते रहें। अनचाही यात्राएं करनी पड़ सकती हैं।

 

रिसर्च से जुड़े लोगों को लाभ होगा। साइंस या अध्‍ययन में लगे लोगों को अपने काम में सफलता मिलेगी।

इस गोचर में काला जादू करने वाले लोगों को बहुत काम मिलने वाला है। खगोलविदों, न्‍यू‍कलियर वैज्ञानिक कोई नया शोध या आविष्‍कार कर सकते हैं।

शनि और बुध के नक्षत्र में आने पर बेहतर परिणाम मिलेंगें।

शनि के नक्षत्र में आने पर आपके प्रयासों में सफलता मिलेगी। भाग्‍य का साथ मिलने से प्रसन्‍न रहेंगें और सफलता प्राप्‍त होगी।

कानूनी मसले आपके पक्ष में रहेंगें। यात्रा सफल होगी। लेखन से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी।

 

वृषभ राशि

वृषभ राशि से सप्‍तम भाव में बृहस्‍पति गोचर करेंगें। जीवनसाथी की ओर से खुशियां मिल सकती हैं। दांपत्‍य जीवन में मधुरता आएगी। साझेदारी से व्‍यापार में लाभ होगा। नौकरी, व्‍यवसाय और पैसों से जुड़े मामलों में सोच-समझकर फैसला लें।

 

करियर में परेशानियां आएंगीं। वजन बढ़ सकता है। जंक फूड और वसायुक्‍त आहार से दूर रहें। लिवर और पैंक्रियाज़ का ध्‍यान रखें।

गुरु के इस गोचर के दौरान आपको मिलेजुले परिणाम मिलेंगें।

शनि के नक्षत्र में परिस्थिति और भी ज्‍यादा खराब हो जाएगी क्‍योंकि शनि आठवें भाव में है।

वैवाहिक जीवन भी खराब रहेगा, सेहत संबंधित परेशानियां भी आ सकती हैं। प्रयासों में सफलता नहीं मिलेगी।

बिजनेस में बहुत प्रयास और मेहनत करने के बाद भी आप अपने प्रतिद्विंदियों को हरा नहीं पाएंगें।

छात्रों को परीक्षा में सफलता नहीं मिलेगी। कोई दोस्‍त धोखा दे सकता है।

 

मिथुन राशि

मिथुन राशि से गुरु षष्‍ठम भाव में गोचर करेंगें। इस दौरान शत्रु और विरोधी परेशान कर सकते हैं। भाई-बहनों के साथ मतभेद हो सकते हैं। सेहत को लेकर सावधान रहें। कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

 

अच्‍छी नौकरी मिल सकती है साथ करियर में भी सफलता के योग बने हुए हैं। वैवाहिक जीवन में समस्‍याएं आ सकती हैं और पार्टनर से दूर भी रहना पड़ सकता है। कानूनी मामले भी परेशान कर सकते हैं।

नौकरी में किसी तरह के आरोप का सामना करना पड़ सकता है। सरकारी नौकरी करने वाले जातकों को सावधान रहने की जरूरत है। अपने जीवनसाथ के साथ शांत होकर बात करें।

शनि के नक्षत्र में आपको असफलता का सामना करना पड़ सकता है। भाग्‍य का साथ नहीं मिलेगा। प्रयास भी सफल नहीं हो पाएंगें। सेहत संबंधित या अन्‍य समस्‍याएं उभर सकती हैं।

दोस्‍त आगे बढ़ जाएंगें और आप खुद को पीछे महसूस करेंगें। काम, व्‍यापार या पढ़ाई आदि के क्षेत्र में ऐसा हो सकता है।

नौकरी या व्‍यापार के कारण कहीं दूर यात्रा पर जाना पड़ सकता है लेकिन आपकी ये यात्रा सफल नहीं हो पाएगी। पिता या घर के किसी बड़े सदस्‍य के साथ अनबन हो सकती है।

 

कर्क राशि

कर्क राशि से पंचम भाव में गुरु गोचर करेंगें। घर में कोई नन्‍हा मेहमान आ सकता है। संतान सुख की प्राप्‍ति होगी। किसी उच्‍च अधिकारी की मदद मिल सकती है। अच्‍छे लोगों की संगत में रहेंगें।

 

इस समय आप खूब मौज-मस्‍ती करेंगें और आपका अ‍धिकतर समय मनोरंजन में ही बीतेगा।

भाग्‍य पर ज्‍यादा भरोसा करेंगें। कभी-कभी स्‍टॉक मार्केट में फायदा हो सकता है लेकिन कोई बड़ा निवेश करने से बचें और अपनी लालसा पर नियंत्रण रखें।

गुरु के शनि के नक्षत्र में आने पर आपको थोड़ी-बहुत समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है। रोमांटिक लाइफ में भी परेशानियां रहेंगीं और आपका निजी जीवन भी इससे प्रभावित होगा।

हर क्षेत्र में आपको शनि के कारण समस्‍याओं का सामना करना पड़ेगा। बुरी आत्‍माएं परेशान कर सकते हैं। कई कारणों से आपका निजी जीवन भी प्रभावित होगा।

अपनी प्रतिभा को उजागर कर पाने में असमर्थ महसूस करेंगें। कोई सेहत संबंधी परेशानी हो सकती है। खर्चों में बढ़ोत्तरी होगी। कुछ समय के लिए आपका जीवनसाथी आपको छोड़कर जा सकता है। आर्थिक नुकसान के भी योग बने हुए हैं।

 

सिंह राशि

सिंह राशि के चतुर्थ भाव में गोचर होगा। ये गोचर आपके लिए थोड़ा कष्‍टकारी हो सकता है। मित्रों और रिश्‍तेदारों के साथ मतभेद की संभावना है। अपमान सहना पड़ सकता है। घर में कोई शुभ कार्य संपन्‍न हो सकता है।

 

रोज़मर्रा की जिंदगी या रूटीन में थोड़ा बदलाव आ सकता है। स्‍टॉक मार्केट में नुकसान उठाना पड़ सकता है। लॉटरी आदि में पैसा ना लगाएं। नुकसान ही होगा।

आपको कुछ ऐसे सपने आ सकते हैं जो आगे चलकर सच हो जाएं।

आपको घटनाएं होने से पहले ही उनका आभास होने लगेगा। हॉस्‍पीटल या दवाओं पर पैसे खर्च हो सकते हैं। इस साल कोई बुरी खबर मिल सकती है।

शनि के नक्षत्र में आपकी सेहत खराब हो सकती है। आपका पार्टनर आपके ऊपर हुकुम चला सकता है। समय-समय पर प्रेम संबंधों में खटास आ सकती है।

उधारी का पैसा वापिस नहीं मिलेगा या देरी से मिलेगा। लोग लेने की सोच रहे हैं तो आपकी ये इच्‍छा आसानी से पूरी नहीं हो पाएगी।

 

कन्‍या राशि

कन्‍या राशि से तृतीय भाव में गोचर होगा। व्‍यापार में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। बिजनेस में किसी तरह का निवेश करने से बचें। लापरवाही की वजह से प्रमोशन रूक सकता है। मेहनत और लगन के साथ काम करें।

 

घर बदल सकते हैं। स्‍थानांतरण के योग बन रहे हैं।

कोई नया वाहन खरीद सकते हैं।

वैवाहिक जीवन में कोई शुभ समाचार मिल सकता है। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।

कम्‍यूनिकेशन बेहतर हो पाएगी। कोई नया मोबाइल, लैपटॉप या अन्‍य कोई कम्‍युनिकेशन गैजेट खरीद सकते हैं।

छोटे भाई-बहनों से मधुर संबंध रहेंगें। उनसे मदद भी मिल सकती है। पड़ोसियों के साथ अच्‍छे रिश्‍ते रहेंगें।

साझेदारी में किसी नए व्‍यापार की शुरुआत कर सकते हैं। व्‍यापार में कुछ अच्‍छा हो सकता है या व्‍यापार में सफलता मिलने के भी योग बने हुए हैं।

कानूनी मामले आपके पक्ष में रहेंगें।

 

तुला राशि

तुला राशि के द्वितीय भाव में गुरु का गोचर होगा। पैसों का संचय करेंगें और धन लाभ की भी संभावना है। निवेश कर सकते हैं। जल्‍दबाजी में कोई निर्णय ना लें। दूसरों को प्रभावित कर पाएंगें। प्रमोशन मिल सकती है।

 

इस दौरान आपके जीवन में बहुत कुछ अच्‍छा घटित हो सकता है। प्रतिद्वंदी आपका सामना करने में असमर्थ रहेंगें। कला और जादू-टोने से जुड़े लोगों के लिए अच्‍छा समय है।

इस समय मां की सेहत बिगड़ सकती है, उनका ध्‍यान रखें। छोटी सी बात को भी नज़रअंदाज़ ना करें। दवाएं देना ना भूलें।

बुध के नक्षत्र में आपको ईश्‍वर की कृपा प्राप्‍त होगी और आपकी रुचि धर्म औेर मोक्ष की ओर बढ़ेगी।

धर्म और धार्मिक क्रियाओं से लाभ होगा। जरूरतमंद लोगों की सहायता से भी आपको लाभ मिल सकता है।

आपकी लोकप्रियता में इजाफा होगा और आप जरूरतमंदों की सहायता कर पाएंगें। ईश्‍वर की कृपा रहेगी लेकिन सेहत संबंधित दिक्‍कते हो सकती हैं।

 

वृश्चिक राशि

इस राशि के प्रभम भाव में गोचर होगा। इस दौरान आपको कष्‍ट सहना पड़ सकता है। चुनौतियां और परेशानियां आ सकती हैं। निवास स्‍थान बदलने के योग हैं। खर्च अधिक होने की वजह से आपका बजट बिगड़ सकता है।

 

परिवार में किसी नए सदस्‍य का आगमन हो सकता है। इस साल नहीं तो अगले साल होगा। शादी या किसी बच्‍चे का जन्‍म हो सकता है। अगर आप सिंगल हैं तो आपके जीवन में किसी नए सदस्‍य का आगमन हो सकता है।

प्रेम संबंधों में सफलता मिलेगी। निजी जीवन में भी सब कुछ ब‍ढिया रहेगा। अपने अंह की वजह से परेशानी में पड़ सकते हैं।

वसायुक्‍त आहार लेने से वजन में बढ़ोत्तरी हो सकती है। इसकी वजह से आपको फैटी लिवर या अन्‍य कोई समस्‍या हो सकती है। अपनी खानपान की आदतों का ध्‍यान रखें।

शनि के नक्षत्र में चीज़ें संभलती नज़र आएंगीं। रिश्‍तेदारों से लाभ के योग बन रहे हैं। घर से मुनाफा कमाएंगें। रियल एस्‍टेट, वाहन, माइन, ज्‍योतिष, इतिहास और भूमि आदि से संबंधित लोगों को खूब पैसा कमाने का मौका मिलेगा।

 

धनु राशि

इस गोचर के दौरान बृहस्‍पति आपकी राशि से द्वादश भाव में प्रवेश करेगा। मानसिक तनाव बढ़ सकता है। बेवजह तनाव से बचें। धैर्य और संयम रखें। पैसों के लेन-देन में सतर्क रहें। निवेश के लिए सही समय नहीं है।

 

आपको कई नई जगहों पर जाना या यात्रा करना पड़ सकता है लेकिन ये सभी व्‍यर्थ रहेगा। इस समय घर बदलना पड़ सकता है। वृश्चिक राशि में गुरु के गोचर के कारण आपको अपने जन्‍मस्‍थान से दूर जाना पड़ सकता है।

सेहत और मानसिक रूप से बीमारी रह सकते हैं। आपको इनसोमनिया, बुरे सपने, पुरानी यादें याद आना, किसी मृत व्‍यक्‍ति का सपने में आने जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

अपने गलत निर्णयों को सही करने का प्रयास कर सकते हैं। गुरु के इस गोचर में आप खुद को सुधारने की कोशिश भी कर सकते हैं। धोखाधड़ी से पैसों का नुकसान हो सकता है।

शनि के नक्षत्र में आर्थिक नुकसान के योग बन रहे हैं। व्‍यर्थ की यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। नज़दीकी संबंधों में खटास आ सकती है। अपने वादों को पूरा नहीं कर पाएंगें।

 

मकर राशि

मकर राशि के एकादश भाव में गुरु का गोचर होगा। प्रोफेशनल लाइफ में उन्‍नति मिलेगी। ऑफिस में प्रमोशन मिल सकती है। नया व्‍यवसाय शुरु कर सकते हैं। संतान सुख की प्राप्‍ति हो सकती है।

 

भाई-बहन से लाभ हो सकता है। दोस्‍तों और मनोरंजन पर पैसा खर्च करना पड़ सकता है।

घर के छोटे सदस्‍यों से आपको मदद मिलेगी। इस समय फिजूलखर्चे पर नियंत्रण रखें। बवासीर की बीमारी हो सकती है।

शनि के नक्षत्र में आपको कोई बुरी खबर मिल सकती है। गुरु बारहवें भाव को देख रहा है और इस वजह से आपको नुकसान, असफलता, शक, बदला, तनाव झेलना पड़ेगा। व्‍यापारियों को कोई बड़ा नुकसान होने की संभावना है।

करियर के लिए भी ये अच्‍छा समय नहीं है। नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है या फिर नई नौकरी ढूंढ रहे हैं तो आपको इस समय अच्‍छी नौकरी नहीं मिल पाएगी।

बुध के नक्षत्र में अचानक परिस्थिति बेहतर होने लगेगी। सभी परेशानियां अपने आप सुलझने लगेंगी और आपको अपनी मंजिल नज़र आएगी।

करियर में नए अवसर प्राप्‍त होंगें। व्‍यापारियों को नए अवसर मिलेंगें और आपको कई तरफ से मुनाफा कमाने का मौका मिल सकता है।

 

कुंभ राशि

गुरु आपकी राशि से दशम भाव में गोचर करेंगें। सहकर्मियों से मतभेद हो सकते हैं। सेहत पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। मानसिक तनाव हावी रहेगा। कड़ी मेहनत और आत्‍मबल के साथ देर से ही सही लेकिन सफलता जरूर मिलेगी।

 

करियर के लिए बहुत बढिया समय है और आप इस समय को खूब इंजॉय करेंगें। नई नौकरी आपका इंतज़ार कर रही है और आपको नए अवसर प्राप्‍त होंगें।

व्‍यापार में भी आपको फायदा होगा और आप दूसरों से बेहतर काम कर पाएंगें।

ऑफिस में महत्‍वपूर्ण कार्यों के लिए दूसरों की जगह आपको वरीयता मिलेगी। दशाभुक्‍ति अंतरा के सकारात्‍मक होने पर आपको ना केवल इस साल बल्कि अगले साल भी सब कुछ बढिया मिलने वाला है।

शनि के नक्षत्र में आप कोई नई डील कर सकते हैं या फिर नौकरी, पैसे का भी लाभ होगा। सेहत थोड़ी खराब रह सकती है। कम प्रयास से ही सफलता मिलेगी और दोस्‍तों की सहायता भी मिलेगी। इस समय कोई बड़ी मुसीबत आपके रास्‍ते में नहीं आएगी।

बुध के नक्षत्र में प्रेम संबंधों में सफलता मिलेगी और आध्‍यात्‍मिक कार्यों के प्रति आपका रुझान बढ़ेगा। अपने लक्ष्‍य को पाने के लिए आप जादू-टोने का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

 

मीन राशि

गुरु आपकी राशि से नवम भाव में गोचर करेगा। प्रमोशन और सैलरी में बढ़ोत्तरी हो सकती है। जीवन में खुशहाली आएगी। धार्मिक और आध्‍यात्मिक कार्यों में रूचि बढ़ेगी। पिता की सलाह से लाभ हो सकता है।

 

शनि के नक्षत्र में आपको अधिकतर अच्‍छे परिणाम ही मिलेंगें लेकिन शनि बारहवें भाव का स्‍वामी भी है।

आपके साथ अच्‍छा और बुरा दोनों ही एकसाथ होगा। आप अपने साथ-साथ दूसरों के लिए भी प‍रिस्थिति को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगें।

आपके मान-सम्‍मान में बढ़ोत्तरी होगी और आप इस समय का आनंद लेंगें।

आपको अपनी सीमा में रहना और दोस्‍तों के साथ घूमने-फिरने या खर्चों पर लगाम रखें वरना आप अपने जीवन की किसी बड़ी मुश्किल में फंस सकते हैं।

बुध के नक्षत्र में वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी। जीवनसाथ के साथ प्रेम बढ़ेगा। रियल एस्‍टेट से लाभ होगा और प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद खत्‍म होंगें।


 

 



 




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