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गरीब बच्चों के निवाले पर शिक्षा विभाग का डाका



गरीब बच्चों के निवाले पर शिक्षा विभाग का डाका

बलरामपुर बेसिक शिक्षा विभाग

शिक्षको पर निगरानी छात्राओं पर मेहरबानी यह है बेसिक शिक्षा की कहानी


कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में बेटियों की नहीं लग रही बायोमेट्रिक हाजिरी


स्कूलों में शत प्रतिशत छात्राओं की संख्या छिपाने के लिए शासनादेश का नहीं हो रहा पालन


बलरामपुर(अविनाश पाण्डेय) शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा महकमा ने भले ही कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में बायोमैट्रिक मशीन लगाकर शिक्षकों पर निगरानी रखने की पहल की हो लेकिन हकीकत में आज भी बेटियों का मशीन पर अंगूठा ना लगना उनकी कम उपस्थिति के साथ साथ खाद्यान्न व उनके संसाधनों में घोटाले की ओर इशारा कर रहा है ।मशीन पर अंगूठा ना लगने से विद्यालय में 100 की छात्र संख्या प्रत्येक स्कूलों में रोज के अंकना होने की बात कहीं जा रही है जबकि हकीकत इसके विपरीत होने की चर्चा है 


जिले में 11 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित है गरीब निराश्रित असहाय परिवार के लोगों के बेटियों को आठवीं तक निशुल्क आवासीय शिक्षा देने के लिए केंद्र सरकार ने स्कूलों का संचालन प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय पर कर रखा है जिले में तीन महिला सामाख्या से एक बेसिक शिक्षा विभाग व 7 स्वयंसेवी संस्थाओं से कस्तूरबा गांधी विद्यालय संचालित है प्रत्येक विद्यालय में 100 छात्राओं का दाखिला है इनमें अल्पसंख्यक सामान्य पिछड़ा वर्ग अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए 25 25 परसेंट छात्रों के लिए आरक्षित है ।


हाल ही में बेसिक शिक्षा विभाग में सभी कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में बायोमैट्रिक मशीन लगाकर शिक्षक शिक्षिकाओं सहित कर्मचारियों पर निगरानी रखने की पहल शुरू की है लेकिन छात्राओं की बायोमेट्रिक पर अंगूठा ना लगना चर्चा का विषय बना हुआ है विभागीय सूत्रों की मानें तो शासनादेश में छात्राओं के साथ साथ शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारियों का अंगूठा लगाया जाना है बॉक्स शिक्षक कर्मचारियों पर शिकंजा छात्राओं पर मेहरबानी विभाग की बनी कहानी जिले की 11 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में बायोमेट्रिक लगाकर मशीन से हाजिरी लगाने की शुरुआत हो गई है जानकारों की मानें तो शासनादेश में छात्राओं का भी हाजिरी बायोमैट्रिक मशीन से होना है लेकिन विभाग ने अभी तक किसी भी स्कूल में बेटियों की उपस्थिति मशीन पर सुनिश्चित नहीं करा सका है ।


चर्चा यह है कि प्रत्येक स्कूलों में छात्राओं की संख्या 100 से काफी कम है लेकिन कागजों में रोज ही हंड्रेड दर्शा कर अनुपस्थित छात्रों के हिस्से का खाद्यान्न संसाधन हजम कर सरकार की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास किया जा रहा है विभाग के इस रवैया से शिक्षक कर्मचारी में आक्रोश है शिक्षकों की मानें तो जहां अनियमितता सरेआम की जा रही है उनको बायोमैट्रिक मशीन से छूट दे दिया गया है और शिक्षक कर्मचारी रोज स्कूल में उपस्थित रहते हैं उन पर विभाग ने बायोमेट्रिक का अंकुश लगाने का दिखावा दिखाकर सरकार के उद्देश्यों पर पानी फेरने का काम किया है कस्तूरबा शिक्षक शिक्षिकाओं ने विभाग से प्रत्येक विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति भी बायोमैट्रिक से लेने की मांग बेसिक शिक्षा अधिकारी से की है



कस्तूरबा स्कूलों में छात्राओं को नहीं मिल रहा है दूध फल अंडा


शासन भले ही कस्तूरबा विद्यालयों में मैन्यू जारी कर उसके अनुरूप नाश्ता भोजन देने का फरमान जारी कर रखा हो लेकिन स्कूलों में छात्राओं को शायद ही कभी दूध फल अंडा सहित मेनू के अनुसार भोजन खाने को मिला हो सूत्रों की मानें तो विभाग को सारी जानकारी होने के बाद भी कोई कड़ा कदम नहीं उठाना उनके निष्पक्ष कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है



नोडल अधिकारी के दौरे में केजीबीवी नगर में उजागर हो चुकी है अनियमितता


बेसिक शिक्षा कार्यालय के नाक के नीचे संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नगर क्षेत्र में हाल ही में जिले की नोडल अधिकारी व माध्यमिक शिक्षा सचिव संध्या तिवारी के औचक जांच में तमाम कमियों का पर्दाफाश हुआ दो 2 साल से छात्राओं को फल अंडा दूध तो दूर मेनू के अनुसार भोजन संसाधन नसीब नहीं हुआ इतना ही नहीं बद से बदतर स्थिति में स्कूल की बेटियों की हालत मिली है वार्डन लेखाकार सहित विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई और कार्रवाई की चेतावनी भी दे गई इसके बाद भी स्कूलों की हालत जस की तस बनी हुई है जब विभाग के नाक के नीचे कस्तूरबा विद्यालय की हाल है तो अन्य कस्तूरबा स्कूलों का क्या हाल होगा इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है


जिला अधिकारी बोले


जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका के संसाधनों व छात्राओं मिलने वाले मेनू के अनुसार भोजन आदि की जांच टीम गठित कर कराई जाएगी कमियां मिलने पर संबंधित अधिकारी वह विद्यालय वार्डन सहित संचालक बख्शे नहीं जाएंगे बेटियों की शिक्षा स्वास्थ्य सुरक्षा की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी


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