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तेल के बारह अचूक टोटके जिससे बदल जायेगा आपका भाग्य आज रात करिए



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डेस्क-तेल शनि देव से संबंधित पदार्थ है। तेल का हमारे जीवन में बहुत बड़ा योगदान है। तेल के कई फायदे भी हैं और नुकसान भी।


चमेली का तेल
चमेली का तेल को हर मंगलवार या शनिवार को सिन्दूर और चमेली का तेल अर्पित करना चाहिए। नियमित रूप से हनुमानजी को धूप-अगरबत्ती लगाना चाहिए। हार-फूल अर्पित करना चाहिए। हनुमानजी को चमेली के तेल का दीपक नहीं लगाया जाता बल्कि तेल उनके शरीर पर लगाया जाता है। ऐसा करने पर सभी तरह की मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।


सरसों का तेल
एक कटोरी में सरसों का तेल लेकर उसमें अपनी छाया देखकर उसे शनिवार के दिन शाम को शनिदेव के मंदिर में रख आएं। इसके अलावा आप अलग से शनिदेव को तेल चढ़ा भी सकते हैं। इस उपाय से आपके ऊपर शनिदेव की कृपा बनी रहेगी।


तिल का तेल
तिल के तेल का दीपक 41 दिन लगातार पीपल के नीचे प्रज्वलित करने से असाध्य रोगों में अभूतपूर्व लाभ मिलता है और रोगी स्वस्थ हो जाता है। भिन्न-भिन्न साधनाओं व सिद्धियों को प्राप्त करने के लिए भी पीपल के नीचे दीपक प्रज्वलित किए जाने का विधान है।


शारीरिक कष्ट दूर करने के लिए
शनिवार को सवा किलो आलू व बैंगन की सब्जी सरसों के तेल में बनाएं। उतनी ही पूरियां सरसों के तेल में बनाकर अंधे, लंगड़े व गरीब लोगों को यह भोजन खिलाएं। ऐसा कम से कम 3 शनिवार करेंगे तो शारीरिक कष्‍ट दूर हो जाएगा।


दुर्भाग्य से पीछा छुड़ाने का टोटका
सरसों के तेल में सिंके गेहूं के आटे व पुराने गुड़ से तैयार सात पूए, सात मदार (आक) के फूल, सिन्दूर, आटे से तैयार सरसों के तेल का दीपक, पत्तल या अरंडी के पत्ते पर रखकर शनिवार की रात में किसी चौराहे पर रखकर कहें- हे मेरे दुर्भाग्य, तुझे यहीं छोड़े जा रहा हूं, कृपा करके मेरा पीछा ना करना। सामान रखकर पीछे मुड़कर न देखें।

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