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बेटियो के संसाधनों में कटौती कहीं बजट के बंदरबांट का खेल तो नहीं



बेटियो के संसाधनों में कटौती कहीं बजट के बंदरबांट का खेल तो नहीं

जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय

कस्तूरबा विद्यालयों में विभागीय मनमानी बेटियों पर पड़ रहा भारी


विद्यालय में फल अंडा दूध तो दूर मीनू के अनुसार भोजन भी नसीब नहीं


विद्यालयों में अव्यवस्था नोडल अधिकारी के निरीक्षण में हो चुकी है उजागर


बलरामपुर अविनाश पाण्डेयबेसिक शिक्षा विभाग की मनमानी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों पर भारी पड़ रही है विभाग भले ही शिक्षक कार्मिकों पर शिकंजा कसने के लिए बायोमेट्रिक मशीन लगाकर अपने कर्तव्यों का इतिश्री कर दिया हो लेकिन बेटियों के संसाधनों मैं कटौती व मेनू के अनुसार नाश्ता भोजन ना देना शासनादेश का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन किया जा रहा है ।


जिले में गरीब निरसित असहाय परिवार के बेटियों के लिए प्रत्येक विकासखंड में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का संचालन सरकार ने कर रखा है इस विद्यालय में संबंधित ब्लॉक की पढ़ाई छोड़ चुकी य पांचवी पास घर बैठे बेटियों को छठवीं से आठवीं तक निशुल्क आवासीय शिक्षा की व्यवस्था है ।जिले में 11 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित है इन स्कूलों में 1100 अध्ययनरत हैं जिन्हें आवासीय शिक्षा दिया जा रहा है ।सरकार ने भले ही इन विद्यालयों के छात्राओं को मीनू के अनुसार भोजन नाश्ता सहित कॉपी किताब ड्रेस जूता मोजा व अन्य आवासीय संसाधन देने की व्यवस्था कर रखी हो लेकिन बेसिक शिक्षा महकमा सरकारी बजट को स्कूलों की बेटियों पर समुचित ढंग से खर्च करने में मनमानी करने की चर्चा है ।सूत्रों की मानें तो बेटियों के संसाधनों सहित खाद्यान्न में भारी भरकम बजट होने के बाद भी कटौती विभाग के मूक सहमत पर सवालिया निशान पैदा कर दिया है ।



फल दूध और अंडा बेटियों के लिए बना सपना

जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में बेटियों को भोजन व नाश्ता के लिए मीनू की व्यवस्था की गई है। सूत्रों की मानें तो शायद ही किसी स्कूल में कभी भी मीनू के अनुसार भोजन व नाश्ता छात्राओं को दिया गया हो चर्चा यह है कि सालों साल बीत जाता है ।लेकिन छात्राओं को रोज फल अंडा दूध मिलने की व्यवस्था सपना बना हुआ है ।वहीं छात्रों को मिलने वाले अन्य सामग्रियों में भी व्यापक पैमाने पर कटौती की जा रही है। अभिभावकों मैं बेटियों को स्कूलों में समुचित संसाधन व भोजन नाश्ता में कटौती पर काफी नाराज हैं। कुछ अभिभावक जल्द ही जिला प्रशासन सहित मुख्यमंत्री को भी स्कूलों की व्यवस्था की सिरे से जांच कराने की मांग करने की बात कही है।



नोडल अधिकारी के सामने भी अव्यवस्था का हो चुका है खुलासा


बीते माह जिले के दौरे पर आई माध्यमिक शिक्षा सचिव व प्रभारी नोडल अधिकारी संध्या तिवारी ने बेसिक शिक्षा कार्यालय कैंपस में संचालित केजीबीवी नगर का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में व्यापक पैमाने पर कमियां उजागर हुई थी। बेटियों को ढाई साल से दूध अंडा फल नसीब ना होने का मामला उजागर हुआ था इतना ही नहीं अव्यवस्था व अनियमितता के बीच बेटियों को आवासीय शिक्षा मिल रही थी। कई बेटियां बीमार मिली व उनको नियमित रूप से मिलने वाली चिकित्सा व्यवस्था दूर-दूर तक ना मिलने की बात सामने आई थी भोजन व संसाधनों में कटौती की भी वह पर व्यापक पैमाने पर मामला उजागर हुआ था। नोडल अधिकारी ने शिक्षा अधिकारियों पर काफी नाराजगी जताते हुए वार्डन व लेखाकार को कड़ी चेतावनी दी थी ।लेकिन स्थिति आज भी स्कूलों की जस की तस बने होने की चर्चा है ।सूत्रों की मानें तो बेटियों को भोजन में वही दाल चावल रोटी सब्जी या फिर कई कई दिन सब्जी चावल खिलाकर बजट का बंदरबांट की जाने की चर्चा है ।



बेटियों का बायोमेट्रिक हाजिरी ना लगाकर शासनादेश का हो रहा उल्लंघन


जिले के 11 कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में भले ही विभाग ने शिक्षकों पर शिकंजा कसने के लिए बायोमेट्रिक मशीन लगा दी हो लेकिन दूसरी तरफ बेटियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक से ना लेना शासनादेश का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन है ।चर्चा यह भी है कि स्कूलों में बेटियों की संख्या कम होती है वह उपस्थिति शत-प्रतिशत दिखाने पर खाद्यान्न सहित अन्य सामग्रियों का बंदरबांट बायोमेट्रिक अटेंडेंस शुरू होने पर खत्म होने की आशंका से छात्राओं को इस सिस्टम से दूर रखा गया है। कस्तूरबा कार्मिकों ने विभाग से बेटियों का भी बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने की मांग की है।


अधिकारी के बोल


देवीपाटन मंडल की सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक मृदुला आनंद ने कहा है कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में शासन के मंशा अनुरूप भोजन नाश्ता व सामग्री देने की व्यवस्था है। बेटियों को भोजन नाश्ता व संसाधनों में कटौती की जांच कराई जाएगी। कमियां पाए जाने पर संबंधित अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे ।


 


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