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जानिए क्या है विशेष योग वर्ष 2019 की पहली शनि अमावस्या



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वर्ष 2019 का पहला शनिवार धार्मिक रूप से काफी शुभ है क्योंकि पांच जनवरी को शनि अमावस्या का योग बन रहा है यह योग बेहद फलदाई सिद्ध होगा।


डेस्क- इस वर्ष की पहली अमावस्या संयोग से शनिवार पांच जनवरी को पड़ रही है। यह अमावस्या शुक्रवार चार जनवरी की आधी रात 4:58 बजे से लगेगी जो रविवार 6 जनवरी को सुबह 6:58 बजे तक रहेगी।


पौष माह की स्नान दान की अमावस्या 5 जनवरी 2019 को है। इस दिन शनिवार होने से शनिश्चरी अमावस्या है। अमावस्या के दिन पितरों को तर्पण देने, गरीबों को दान देने और गंगा जी या पवित्र नदियों में स्नान करने से पुण्य प्राप्त होता है और पूर्वजों को मोक्ष मिलता है। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि अमावस्या के दिन व्रत रखने से भी कष्टों और संकट से मुक्ति मिलती है। जिन लोगों पर कालसर्प दोष होता है इस दिन उपाय करने से उन्हें भी मुक्ति मिलती है।


इस अवसर पर भक्तगण स्नान दान श्राद्ध जैसे कर्म शनि अमावस्या पर कर सकते हैं। शनि अमावस्या पर शनिदेव की विधि विधान से पूजा करने पर सुख समृद्धि प्राप्त होती है और शनि ग्रह के दोषों से निजात मिलता है। उज्जैन के ज्योतिषशाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया कि शनि अमावस्या पर पित्र दोष की शांति और कालसर्प दोष का निवारण उज्जैन के सिद्ध घाट एवम रामघाट पर विशेष रूप से लाभकारी होता है। शनिदेव जो कि कर्मफल दाता हैं, उनकी दृष्टि से कोई नहीं बच सकता। शनिदेव जब प्रसन्न होते हैं तो व्यक्ति को ढेर सारी खुशियां देते हैं, लेकिन जब कोई कुछ गलत करता है, तो उसे भी छोड़ते नहीं है।


वर्ष 2019 का पहला शनिवार धार्मिक रूप से काफी शुभ है क्योंकि पांच जनवरी को शनि अमावस्या का योग बन रहा है यह योग बेहद फलदाई सिद्ध होगा। इस वर्ष की पहली अमावस्या शनिवार को पड़ रही है। जिससे शनि देव के शुभ दिन अर्थात शनिवार को ही अमावस्या की पूजा विधि विधान से करने पर शनि दोषों से मुक्ति मिलेगी। शनिश्चरी अमावस्या का दिन शनि से संबधित परेशानियों जैसे शनि की साढे-साती और ढैय्या से मुक्ति पाने के लिए बहुत ही अच्छा है। साथ ही इस दिन पितृ दोष आदि से भी छुटकारा पाया जा सकता है। आठ इस शनिश्चरी अमावस्या के दिन आप शनि संबंधी इन सारी परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं



  • पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया कि शनि अमावस्या पर शाम के समय पश्चिम दिशा की ओर मुंह करके दान करने से शनिदेव का आशीर्वाद मिलता है।

  • ऐसा करने से शनि ग्रह की उत्तम स्थिति से ऐश्वर्य और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है साथ ही समस्त भौतिक सुख मिलते हैं।

  • शनि अमावस्या पर पीपल के पेड़ की 108 परिक्रमा करने पर रोगों से छुटकारा और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।


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इस अवसर ओर जानिए की कैसे करें शनिदेव को प्रसन्न



  • ज्योतिर्विद पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया कि बताया कि वृषभ और कन्या राशि पर शनि ग्रह की अढ़ैया चल रही है जबकि वृश्चिक, धनु और मकर राशि पर शनि के साढ़ेसाती का प्रभाव है।

  • इस दिन व्रत रखकर सायंकाल में शनि पूजन और शनि की वस्तुओं के दान और शनि के मंत्र जैसे ‘‘ऊं शं शनैश्चराय नमः। ‘‘प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः के जाप से शनि प्रसन्न होते है।

  • वर्तमान में शनि की साढ़े साती मकर, धनु, वृश्चिक राशि पर चल रही है और शनि की ढैया वृषभ और कन्या राशि में चल रही है।

  • इन राशियों के जातकों पर शनि अमावस्या का कठिन और विषम प्रभाव पड़ने वाला है जिसमें मौसम में परिवर्तन और अप्रत्याशित विषम घटनाएं घटित हो सकती हैं।

  • इस दिन शनि देव को काले रंग की वस्तुएं ही चढ़ाएं जैसे काला वस्त्र, काला साबुत उड़द, काला तिल, सरसों का तेल या तिल का तेल, लोहे का बर्तन चढ़ाना लाभकारी सिद्ध होगा। इसी क्रम में शनिदेव के मंदिर में सरसों के तेल से उनका अभिषेक करें और अखंड ज्योति जलाएं।


इन पांच मंत्रों का करें जाप
1- ॐ शं शनैश्चराय नमः
2- ॐ प्रां प्रीं प्रौ सः शनये नमः
3- ॐ प्रां प्रीं प्रौ सं शनैश्चराय नमः
4- ॐ नमो भगवते शनैश्चराय सूर्यपुत्राय नमः
5- ॐ ऐं ह्रीं श्रीं शनैश्चराय नमः


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ग्रहण के दिन बना शनैश्चरी अमावस्या का योग


साल का पहला सूर्य ग्रहण भले ही भारत में नजर नहीं आएगा लेकिन इस दिन शनैश्चरी अमावस्या होने की वजह से यह दिन बेहद खास होगा। शनैश्चरी अमावस्या के दिन ग्रहण होने के कारण इस दिन दान, जप-पाठ, मंत्र एवं स्तोत्र-पाठ, मंत्र सिद्धि, तीर्थस्नान, ध्यान, हवन आदि का महात्मय और भी बढ़ जाता है।

शनि अमावस्या पर करें यह उपाय-


ग्रहण काल के समय अगर शिव जी का पूजन किया जाए तो जिन पर शनि की साढ़े साती अथवा ढैया चल रही हो उसकी सभी विपत्ति दूर हो जाएंगी। ऐसे जातक जिनकी कुंडली में सूर्य और राहु या सूर्य शनि का संबंध हो तो उन्हें शिव जी की पूजा अवश्य करनी चाहिए। इस दिन गन्ने के रस, शहद और केसर मिश्रित दूध से शिव जी का पूजन करें। इस दिन शमी वृक्ष का पूजन भी अवश्य करना चाहिए, जिससे सभी रोगों से मुक्ति मिल जाती है।

अमावस्या के दिन शनि संबंधी परेशानियों से छुटकारा पाने और साथ ही उनकी कृपा से अपने काम बनाने के लिए ज्योतिषशाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री से जानिए विशेष उपाय--


अगर आपका कोई कोर्ट केस अटका हुआ है या आपको न्याय मिलने में देरी हो रही है, तो आज के दिन आपको एक नीले रंग का फूल लेकर गंदे नाले में प्रवाहित करना चाहिए। साथ ही शनि के इस मंत्र का 51 बार जप करना चाहिए।


मंत्र है –ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:।


 


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