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डीएम के आदेश से बेपरवाह बीएसए गोण्डा ने जांच की फाइल को ही दबा दिया  



डीएम के आदेश से बेपरवाह बीएसए गोण्डा ने जांच की फाइल को ही दबा दिया   

बीएसए को की गई शिकायत

 पीड़ित के अधिवक्ता ने बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीराम पर लगाया विपक्षियों से धन उगाही का आरोप



गोंडा । जनपद के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो गई है जो विभाग को बिल्कुल खोखला बना चुकी है विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अपने भ्रष्ट कार्यशैली के कारण निरंकुश हो चुके हैं जिन पर शासन व प्रशासन के आदेशों निर्देशों का कोई असर नहीं पड़ता है ।


बेसिक शिक्षा अधिकारी व शिक्षा माफियाों/ दलालों की मिलीभगत से विभाग में फर्जी शिक्षक की नियुक्ति मानक विहीन संसाधनों का खरीदारी करवाना आदि चर्चा का विषय बना हुआ है तथा कुछ मामले उच्च न्यायालय में विचाराधीन चल रहे हैं । इसी तरह एक नया मामला प्रकाश में आया है


क्या है पूरा प्रकरण


मामला पारसिया रानी विकास खंड कटरा बाज़ार जनपद गोंडा का है जँहा के निवासी भग्गन प्रशाद ने ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा प्रंधानमंत्री आवास योजना वितरण में धांधली तथा मनरेगा मजदूरी भुगतान में की गयी व्यापक वित्ती़य अनियमितताओं की जांच कराये जाने समन्धी शिकायती पत्र शपथ पत्र के साथ में दिनांक 30-10-2018 को जिलाधिकारी गोंडा के समक्ष प्रस्तुत किय़ा था जिसमें जिलाधिकारी गोंडा ने आदेश दिनांकित 26-11-2018 पारित करके बेसिक शिक्षा अधिकारी गोंडा को जांच अधिकारी नामित करके एक माह के भीतर सुस्पष्ट आख्या उपलब्ध कराये जाने समन्धी आदेश पारित किय़ा है , जिसमें अथक प्रयास करने के बावज़ूद भी जांच अधिकारी ने आज तक जांच सम्पादित नहीं किय़ा है ।



क्या कहते हैं मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता पंकज कुमार दीक्षित


मामले की पैरवी कर रहे युवा सक्रिय अधिवक्ता ने बताया की उक्त के संबंध में परियोजना निदेशक तथा मुख्य विकास अधिकारी महोदय से मिलकर अनुस्मारक पत्र भी दिया जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने तत्परता से संज्ञान लेकर फोन पर कई बार BSA को अबिलम्ब जांच करने का निर्देश दिया तथा आवश्यकतानुसार विभाग के अधिकारिओ को भेज कर सहयोग प्रदान करने की भी बात कहीं उसके बावज़ूद दिनांक 18-01-2019 को जांच हेतु समय दिया था जँहा पर सैंकङों शिकायतकर्ता अपना काम काज छोड़ कर जांच अधिकारी का इंतज़ार करतें रहे परंतु निराशा ही हाथ लगी, जिससे शिकायतकर्ता व ग्रामीणवाशी हताश निराश होकर अपने अपने घर चले गये ।


 पीड़ित के अधिवक्ता ने बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीराम पर लगाया विपक्षियों से मोटी धन उगाही का आरोप



अधिवक्ता पंकज कुमार दीक्षित ने बताया कि इससे य़ह प्रतीत हो रहा है की जांच अधिकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीराम ने विपक्षियो से मोटी धन उगाही करके जांच में रुचि न लेकर उच्चाधिकारिओ के आदेश की अवहेलना कर रहे है , य़ह कोई पहला प्रकरण नहीं है इसके पूर्व में जिलाधिकारी ने उक्त जांच अधिकारी को उक्त गांव के जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी जिसमें भी आजतक कोई भी जांच नहीं की ।
सू़त्रों की यदि माने तो पिछली जांच में उक्त जांच अधिकारी ने मोटी रकम लेकर जांच को शिथिल करके पत्रावली को दबा दिया था जिससे जांच सम्पादित करने के लिय जांच अधिकारी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है , ऐसे अधिकारी से निष्पक्ष जांच की उम्मीद भी नहीं की जा सकती है ।


बीएसए बोले हम नही कर सकते जांच


इस बारे में बीएसए मनीराम सिंह ने बताया कि उनके  पास पहले से ही विभाग का काम काफी ज्यादा है रोज contempt of court के ही मामले इतने लगे रहते हैं कि और कोई काम करना संभव नही है । यह पूछे जाने पर कि डीएम के आदेश का क्या हुआ तो उन्होंने कहा कि हम जांच कर पाने में सक्षम नही हैं और डीपीआरओ को मैने बता दिया है । डीएम को इस बारे में कोई सूचना दी है या नही इस बारे में उन्होंने कोई जवाब नही दिया ।


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