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अगर आप भी बनाना चाहते है  धनवान तो करे ये उपाय 



अगर आप भी बनाना चाहते है  धनवान तो करे ये उपाय 

धन


जब ब्रह्म जी उत्पन्न हुए थे। तब उनके मुख से ॐ महाशब्द का उच्चारण हुआ था। यह ओमकार शब्द परमब्रह्म है। और यही भगवान सूर्य नारायण का शरीर है।


 डेस्क-यदि आपको ऐसा लग रहा है कि आपकी कुंडली में सूर्य की दशा अच्छी नहीं चल रही है तो आपको इसके लिए सुबह सुबह एक मंत्र का उच्चारण करना होगा। फिर देखिए यह मंत्र आपको अपना कैसा चमत्कार दिखाता है।

 

किसी भी व्यक्ति की आर्थिक‌ ‌स्थिति कैसी होगी यह सब उस इंसान के कुंडली पर निर्भर करता है। इंसान की कुंडली में सूर्य की दशा उसकी आर्थिक‌ स्तिथि को प्रभावित करती है। जिस किसी भी व्यक्ति के कुंडली में सूर्य गृह मजबूत होता है तो उस इंसान का भाग्य भी मजबूत होता है। और जिसकी कुंडली में सूर्य की दशा अच्छी नहीं चल रही हो तो उन लोगों के साथ भाग्य भी अपना खेल खेलने लग जाता है।

 

 आइए जानते है सूर्य मंत्र और इसका जाप करने की विधि

 


  • आपको सबसे पहले सुबह उठकर भगवान सूर्य को जल अर्पित करना होगा। इस प्रक्रिया को आप हर रोज़ करे।

  • जब भी भगवान सूर्य नारायण को जल अर्पित कर रहे हो तो आप उस जल में लाल गुलाब का फूल, सिंदूर और गुड़ को डाल ले।

  • फिर उसके बाद भगवान को जल अर्पित करे। भगवान सूर्य नारायण को जल चढ़ाते समय इस मंत्र का जाप जरूर करे।


 ऊॅं सूर्याय नमः”

 

भगवान सूर्य नारायण से जुड़ी कुछ विशेष बाते भी जाने

 


  • जब ब्रह्म जी उत्पन्न हुए थे। तब उनके मुख से ॐ महाशब्द का उच्चारण हुआ था। यह ओमकार शब्द परमब्रह्म है। और यही भगवान सूर्य नारायण का शरीर है।

  • जगत के रचिता ब्रह्म जी के चार मुखों में से चार वेद आविर्भूत हुए और ओंकार के तेज से मिलकर जो रूप उत्पन्न होता है वह भगवान सूर्य नारायण हैं।

  • सारे जग में सबसे पहले भगवान सूर्य प्रकृत हुए थे। इसलिए इनका नाम आदित्य पड़ा।

  • भगवान सूर्य को सविता नाम से भी जानते है। सविता का अर्थ होता है, सृष्टि करने वाला। इन्हीं से यह दुनिया उत्पन्न हुई और यही परमात्मा है।




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