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क्या आप भी हकलाते हैं, तो करे ये आसन 



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हकलाहट और तुतलाहट ऐसी चीजें हैं जो व्यक्ति का अमूनन जन्म के साथ ही मिलती है।


डेस्क-अक्सर देखा जाता है कि दवाओं के सेवन के बावजूद लोगों की यह समस्या सही नहीं होती है। लेकिन भ्रमण प्राणायाम एक ऐसा तरीका है जिसके अभ्यास से हकलाहट की समस्या को सही किया जा सकता है।


यह मन को शांत कर तनाव को भी दूर करता है।
इससे शारीरिक कमजोरी दूर होती है|
हकलाहट और तुतलाहट ऐसी चीजें हैं जो व्यक्ति को जन्म के साथ ही मिलती है। जो लोग हकलाते हैं उन्हें एक समय पर समाज में या अपने दोस्तों से बात करने में शर्म भी आती है और कई कमेंट्स का सामना भी करना पड़ता है। अक्सर देखा जाता है कि दवाओं के सेवन के बावजूद लोगों की यह समस्या सही नहीं होती है। लेकिन भ्रमण प्राणायाम एक ऐसा तरीका है जिसके अभ्यास से हकलाहट और तुतलाहट की समस्या को सही किया जा सकता है। यह प्राणायाम का सबसे सरल रूप है। इसमें व्यक्ति अपनी सांस को विशेष प्रकार से अन्दर की ओर लेता है और फिर उसे बाहर की तरफ छोड़ता है।


भ्रमण प्राणायाम कैसे करें



  • भ्रमण प्राणायाम करते हुए शरीर को सीधा रखें और सांस धीरे-धीरे लें।

  • सांस लेते हुए मन में 1 से 4 तक की गिनती करें और पूर्ण रूप से सांस लेने के बाद ही सांस छोड़ें।

  • मन में संख्या की गिनती करें। इस प्राणायाम में सांस लेने से अधिक समय सांस छोड़ने में लगाना चाहिए।

  • इस क्रिया में पहले चलते हुए सांस को 4 से 5 कदम तक रोक कर रखें और फिर छोड़ें।

  • इसके बाद धीरे-धीरे सांस रोकने की क्षमता को बढ़ाते हुए 10 से 15 बार तक करें।

  • शुरूआत में इस क्रिया का अभ्‍यास आघे घंटे तक कीजिए।

  • इसके बाद समय को बढ़ाते हुए 4-4 मिनट पर 3 बार करें।


 


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