aapkikhabar aapkikhabar

कर्ज माफी के लिए करें अंगारक विनायकी चतुर्थी की पूजा



कर्ज माफी के लिए करें अंगारक विनायकी चतुर्थी की पूजा

अंगारक विनायक चतुर्थी

 


अंगारक विनायकी चतुर्थी और चैत्र नवरात्रि के विशेष शुभ संयोग पर करें अंगारकयोग का विशेष उपाय *
क्या करें आज "अंगारकी चतुर्थी" पर ऋण मुक्ति हेतु...
(9 अप्रेल 2019-मंगलवार को)..


आपकी कुंडली में यदि अंगारक योग है तो अंगारक विनायकी चतुर्थी और चैत्र नवरात्रि का विशेष शुभसंयोग आपको इस योग से कर देगा मुक्त करें ये उपाय....


*अंगारक विनायकीचतुर्थी और चैत्र नवरात्रि का विशेष शुभ संयोग इस बार कई वर्षों बाद आज 9 अप्रैल 2019 दिन (मंगलवार) को संयोगवश ये शुभ योग बन रहा है। जो जातक को धन-धान्य और सुख-समृद्धि से मालामाल कर देगा।*


धर्म ग्रंथों के अनुसार, हर माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान श्रीगणेश को प्रसन्न करने के लिए विनायकी चतुर्थी का व्रत किया जाता है। यदि यह व्रत मंगलवार को आता है, तो इसे अंगारक विनायकी चतुर्थी कहते हैं। लेकिन इस तो चैत्र नवरात्रि अंगारक विनायकी चतुर्थी होने से आपको अपने जीवन के अनेक कष्टो को दूर कर देगा


*जन्म कुंडली में अंगारक योग क्या होता ?*
(कैसे बनता हें अंगारक योग)..
जब किसी जातक की जन्म कुंडली में राहु अथवा केतु में से किसी एक के साथ अथवा दृष्टि से मंगल ग्रह का संबंध बन जाए तो उस कुंडली में अंगारक योग का निर्माण होता है।


कुंडली में अंगारक योग के अशुभ फल तभी प्राप्त होते हैं जब इस योग का निर्माण करने वाले मंगल, राहु या केतु दोनों ही अशुभ स्थान में हों। पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार यदि कुंडली में मंगल तथा राहु-केतु में से कोई भी शुभ स्थान में है तो जातक के जीवन पर अधिक नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।


*कैसे होते हैं अंगारक दोष से प्रभावित जातक*


अंगारक योग की पहचान जातक के व्यवहार से ही की जा सकती है। इसके प्रभाव में जातक अत्यधिक क्रोध करने लगता है।
वह अपना कोई भी निर्णय लेने में असक्षम होते हैं लेकिन यह जातक न्यायप्रिय होते हैं।
स्वभाव से यह जातक सहयोगी होते है। जातक सरकारी पद पर नियुक्त अथवा प्रशासनिक अभिकर्ता बनता है।


जानिए अंगारक दोष के प्रभाव--
अंगारक योग, जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है यह अग्नि का कारक है। ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री जी ने बताया जी किसी भी जातक की जन्म कुंडली में इस योग के बनने पर जातक क्रोध और निर्णय न कर पाने के असमंजस में फंसा रहता है। अंगारक योग के कारण क्रोध, अग्निभय, दुर्घटना, रक्त से संबंधित रोग और स्किन की समस्याएं मुख्य रूप से होती हैं।


अंगारक योग शुभ और अशुभ दोनों तरह का फल देने वाला होता है। कुंडली में इस योग के बनने पर जातक अपने परिश्रम से नाम और पैसा कमाता है। इस योग के प्रभाव में व्यक्ति के जीवन में कई उतार-चढ़ाव आते हैं।


* जानिए अंगारक योग से क्या हानि होती है ?*


अंगारक योग के कारण जातक का स्वभाव आक्रामक, हिंसक तथा नकारात्मक हो जाता है तथा इस योग के प्रभाव में जातक के अपने भाईयों, मित्रों तथा अन्य संबंधियों से अनबन रहती है। अंगारक योग होने से धन की कमी रहती है। इसके प्रभाव में जातक की दुर्घटना की संभावना होती है। वह रोगों से ग्रस्त रहता है एवं उसके शत्रु उन पर काले जादू का प्रयोग करते हैं। व्यापार और वैवाहिक जीवन पर भी अंगारक योग का बुरा प्रभाव पड़ता है।


*जानिए कैसे करें अंगारक विनायकी चतुर्थी व्रत...*


सुबह स्नान आदि करने के बाद अपनी इच्छा के अनुसार सोने, चांदी, तांबे, पीतल या मिट्टी से बनी भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।


संकल्प मंत्र के बाद श्रीगणेश की षोड़शोपचार पूजन-आरती करें। गणेशजी की मूर्ति पर सिंदूर चढ़ाएं। गणेश मंत्र (ॐ गं गणपतयै नम:) बोलते हुए 21 दूर्वा दल चढ़ाएं।


बेसन/बूंदी के 21 लड्डुओं का भोग लगाएं। इनमें से 5 लड्डू मूर्ति के पास रख दें तथा 5 ब्राह्मण को दान कर दें। शेष लड्डू प्रसाद के रूप में बांट दें।


इस दिन पूजा में श्रीगणेश स्त्रोत, अथर्वशीर्ष, संकटनाशक स्त्रोत आदि का पाठ करें। ब्राह्मणों को भोजन कराएं और उन्हें दक्षिणा देने के बाद शाम को स्वयं भोजन ग्रहण करें।


संभव हो तो उपवास करें। इस व्रत का आस्था और श्रद्धा से पालन करने पर भगवान श्रीगणेश की कृपा से मनोरथ पूरे होते हैं और जीवन में निरंतर सफलता प्राप्त होगी।


*इन उपाय से होगा लाभ:-*
ऋण मुक्ति के लिये मङ्गल की आराधना महादेव जी पर 108 बार ॐ ऋण मुक्तेश्वराय नमः बोलते हुए लाल मसूर की दाल चढ़ाएं।
बंदरो को गुड़ चना या केले खिलाएं
व्यापार वृद्धि हेतु लक्ष्मी जी की आराधना करें गणेश जी के साथ - लक्ष्मी प्रदत्त गणेश स्त्रोत के 21 पाठ करें ।
 इस योग के प्रभाव को कम करने के लिए इस अंगारक विनायकी चतुर्थी के दिन व्रत रखने से लाभ होगा।
इसके साथ इस दिन भगवान शिव के पुत्र कुमार कार्तिकेय की आराधना करें।
इस दिन हनुमान जी की आराधना करने से ये दोनों ग्रह पीड़ामुक्त होते हैं। यह एक उत्तम उपाय है।
 राहु के बीज मंत्र का उच्चारण करना लाभकारी होगा।
 मंगल और राहु की शांति के लिए निर्दिष्ट दान करना लाभकारी होगा।
आवारा कुत्तों को मीठी रोटी खिलाएं।
लघर पर राहु और मंगल ग्रह की शांति हेतु पूजा रखें।
 इस दिन बटुक भैरव की पूजा और चालीसा का पाठ करें।
इस दिन जातक को ध्यान साधना से लाभ होगा एवं किसी भी प्रकार के विवाद दूर होगें।
 इस दिन सत्संग का आयोजन करें और अपने गुरु को घर पर बुलाएं।
किसी वृद्ध आश्रम में जाकर वृद्धों की सेवा करें।
 इस दिन गले में चांदी की चेन धारण करने से लाभ होगा।
इस दिन हनुमानजी या गणेशजी के मंदिर में 108 सरसों के तेल से दिया जलाने से लाभ होगा।


-



सम्बंधित खबरें



खबरें स्लाइड्स में


खबरें ज़रा हट के