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ज्योतिषी का दावा 'आएगा तो मोदी ही ' इस काल मे नामांकन से मोदी के जीत की संभावनाएं बढ़ी



ज्योतिषी का दावा 'आएगा तो मोदी ही ' इस काल मे नामांकन से मोदी के जीत की संभावनाएं बढ़ी

मोदी के जीत की संभावनाएं

डेस्क -कल 26-4-2019 को 11-30 बजे वाराणसी मे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने Loksabha Election 2019 में अपना नामांकन पत्र भरा।


आइये जानते है की नामांकन के समय विशेष की स्थितियाँ क्या कहती है ??


मोदी जी के जितने की सम्भावनों में हुई वृद्धि..

वाराणसी में नरेन्द्र मोदी जी ने राहुकाल में किया पर्चा दाखिल।
नामांकन भरते समय राहुकाल होने से उनकी जीत जबरदस्त होगी।
ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री बताते हैं की नामांकन के समय गोचर मे १०’०० की स्थिति पर कर्क लग्न, यह लग्न पुष्य नक्षत्र के ३ चरण मे होने से यह लग्न सप्तमेश-अष्टमेश शनि, चतुर्थेश-एकादशेश शुक्र से पूर्ण प्रभावित है जबकि लग्नेश चन्द्र जो की कृष्ण पक्ष की सप्तमी का होने से उत्तरोतर बली ही है और पुन: लग्न को देखने से उत्तम फल करने वाला है | लग्नेश का लग्न से पूर्ण संबंध होने के कारण यह लग्न बली है और जिस शनि के नक्षत्र मे यह लग्न उदित हुआ है वह शनि स्वयम अष्टमेष होकर षष्ठ चले जाने से सरल नामक विपरीत राजयोगकारक है |


लग्नेश चन्द्र सप्तम भाव मे उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के ३ चरण मे होने से सूर्य से पूर्ण प्रभावित और सूर्य कुंडली के दशम भाव मे दिगबली होने से अत्युत्तम | अत: लग्न-लग्नेश यहाँ पर पूर्ण रूप से उत्तम स्थिति मे सिद्ध हुए |


सूर्य द्वितीयेश रूप मे दशम भाव मे अपनी उच्च राशि मे दिगबली होकर अश्विनी नक्षत्र के ४ चरण मे होने से केतू से प्रभावित और केतू गोचर मे उच्च का भ्रमण कर रहा है, सूर्य मंगलराशि अधिष्ठित और मंगल एकादश भाव मे स्थित होकर सप्तम दृष्टि से पुन: अपने भाव को देख रहा है, अपने भाव दशम से द्वितीय और मुख्य बात यह मंगल रोहिणी नक्षत्र के ४ चरण मे होने से लग्नेश चन्द्र/द्वितीयेश दशमस्थ उच्च सूर्य/पंचांस्थ वक्री गुरु से प्रभावित है |


वही नवम भाव मे बुध+शुक्र की परस्पर युति है, प्रथम तो बुध-शुक्र का “ मालव्य योग “ वही बुध यहाँ पर गुरु की राशि मे रेवती नक्षत्र के १ चरण मे होने से बुध/बुध/गुरु से पूर्ण प्रभावित वही शुक्र उ॰भा॰ के ३ चरण मे होने से शनि के नक्षत्र मे है, विशेष बात यहाँ पर बुध का नीच भंग होना है, पंचम भाव के गुरु पुन: पंचम दृष्टि से बुध-शुक्र को देख रहे है जो की इस योग को और शुभता प्रदान कर रहा है |


सूर्य विशुद्ध राजनैतिक वर्चस्व का जबकि शनि विशुद्ध कूटनीतिक फलो को देने वाले ग्रह है, शनि सप्तम-अष्टम भावाधिपति होकर कुंडली के छठे भाव मे पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के ४ चरण मे शुक्र से प्रभावित होकर केतू से युति कर रहा है, जहां सप्तम भावाधिपति होकर छठे चले जाने से सप्तम के कुछ फलो मे कमी अवश्य दिखती है किन्तु अष्टमेश शनि के छठे चले जाने से सरल विपरीत राजयोग भी बनाता है और केतू के उच्च की शनि युति भी फलो मे तेजी ही लाने वाली है | गुरु राजनैतिक नीतियो एवं उसके दूरगामी परिणामो से होने वाले प्रभावों को दर्शाता है, गुरु पंचम भाव मे २९’५१ की ज्येष्ठा नक्षत्र की ४ चरण की स्थिति से बुध से प्रभावित हो रहा है और पुन: दृष्टि भी अपने भाव पर डाल रहा है, बुध तो राशिस्थ होने से पहले ही संबंध बना चुके है अत: गुरु अपने अच्छे प्रभाव देगा इसमे संशय नहीं बचता |


पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया कि श्री नरेंद्र भाई मोदी ने कल
तिथि- सप्तमी-
वार- शुक्रवार-
योग -आनंद नाम योग-
राशि - मकर के चन्द्र मे-
एवम अभिजीत मुहूर्त मे अपना नामाकंन किया |

प्रतिपक्ष पार्टी की नाम राशि लग्न से द्वादश भाव मे उच्च के राहू से युत है, राहू द्वादश भाव मे पुनर्वसु नक्षत्र के २ चरण मे होने से गुरु से प्रभावित किन्तु राहू-गुरु परस्पर षडाष्टक, हालांकि गुरु वक्री होने से छठे का परिणाम भी देगा, ऐसे मे फिर राहू लग्न का देगा, अत: गुरु की सहायता मिल पाना मुश्किल लगता है जिससे प्रतिपक्ष का कुछ भला हो |

निष्कर्ष रूप मे नामांकन के समय का गोचर श्रेष्ठ, बली लग्न, दशमस्थ सूर्य, नवमस्थ बुध-शुक्र युति इत्यादि श्रेष्ठ परिणाम देने वाले रहे, गोचर अनुसार नरेंद्र भाई मोदी की विजय श्री की LokSabha Election 2019 मेंं अनुकूल स्थितियाँ है और में ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूँ को आप उत्तम शुभ विजय प्राप्त करे और सम्पूर्ण आर्यावर्त की सेवा करे |
उल्लेखनीय हें की स्वतंत्र भारत की कुण्डली भी इसी समय की है अर्थात राहुकाल की।
भारत के लग्न में राहु स्थित हैं।


पंडित दयानंद शास्त्री 


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