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कमाल का है सेंधा नमक Rock Salt ,ऐसे ही नही किया जाता है इसे व्रत fast में खाने की सलाह



कमाल का है सेंधा नमक Rock Salt ,ऐसे ही नही किया जाता है इसे व्रत fast में खाने की सलाह

Rock Salt सेंधा नमक

जानें ओर समझें सेंधा नमक (rock salt)के लाभ और उपयोग के बारे में – 


 

(rock salt)सेंधा नमक सबसे शुद्ध नमक माना जाता है, क्योंकि इसमें मिलावट और रसायन नहीं होते हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि यह नमक सिर्फ एक मसाला नहीं है बल्कि इसमें सारे तत्व शामिल है जो एक शरीर की जरुरत होते हैं। जैसे की लोहा, कैल्शियम, पोटेशियम, जिन्क और भी बहुत कुछ सेंधा नमक में मौजूद होता हैं। 

 

 

सेहत के हिसाब से ज्यादा नमक खाना कई बीमारियों की वजह बन सकता है. लेकिन आपको जानकर बहुत हैरानी होगी कि आयुर्वेद में सेंधा नमक को स्वास्थ के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है।

 


सेंधा नमकrock salt)का रासायनिक नाम सोडियम क्लोराइड (sodium chloride) है। इसे आमतौर पर तेलुगू में 'रती अपपू', तमिल में 'इंटुपू', मलयालम में 'कल्लू अपपू', कन्नड़ में 'कल्लुपू', 'शेंडे लोन' मराठी में, गुजराती में 'सिंधलुन' और बंगाली में 'साइनधाव लावन' कहा जाता है। सेंधा नमक अधिकतर रंगहीन या सफ़ेद होता है, हालांकि इसमें मौजूद अशुद्धियों के कारण यह हल्के नीले, गहरे नीले, लाल, नारंगी या पीले रंग का भी हो सकता है।

 

सेंधा नमक (rock salt) सभी नमक के प्रकारों में सबसे अच्छा माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार इसे दैनिक उपयोग में लेने की सलाह दी जाती है। यह आम नमक से अपने गुणों, उपयोग और स्वास्थ्य लाभ के कारण काफी अलग है। 

 

इसे संस्कृत में सैंधवा, शीतशिवा (क्योंकि यह प्रकृति में शीतल है), सिंधुजा (क्योंकि यह पंजाब के सिंध क्षेत्र में पाया जाता है), नादेया (क्योंकि यह नदियों के किनारे में पाया जाता है) भी कहा जाता है।


 

सेंधा नमक में पाए जाने वाले मिनरल्स हमें कई तरह की बीमारियों से बचाने का काम करते हैं. यह नमक पाचक रसों का निर्माण करता है, इसलिए यह पाचन को दुरुस्त रखने का काम भी करता है।

 

Salt Lamp के फायदे 

इसके साथ ही हिमालयन Salt Lamp घर में लगाने से सेहत सम्बन्धी फायदे होते हैं। यह साल्ट लैंप वास्तु दोष तो दूर करता ही है। यह बढ़िया नाईट लैंप भी है। Salt Lamp क्या होता है। इस लैंप में हिमालय क्षेत्र में पाए जाने वाले प्राकृतिक सेंधा नमक का एक बड़ा टुकड़ा होता है, जिसके अंदर एक छोटा बल्ब लगा होता है. साल्ट लैंप जलाने से एकाग्रता बढ़ती है।

 

इसे आप खाने में मिलाकर भी खा सकते हैं या फिर बाजार में सप्लीमेंट्स, पाउडर और पिल्स मौजूद होती है जिसे आप ले सकते है। 

 

जरा सोचिए अगर आपने खाने में नमक ना हो तो खाना कितना बेस्वाद लगेगा।

 

जी हां, नमक ना सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के काम आता है बल्कि ये सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है।

 

हम आपको बता दें कि आम नमक के बजाय हिमालयन सॉल्ट को सेहत के लिए सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है. क्योंकि इसमे करीब 92 फीसदी खनिज तत्व पाए जाते हैं।

 

सेंधा नमक की तासीर -


सेंधा नमक की तासीर ठंडी होती है। यह शरीर की गर्मी को दूर करने में सहायता करता है। सेंधा नमक की तासीर ठंडी होने की वजह से यह पित्त दोष को दूर करता है।



 



सेंधा नमक के प्रकार - 

यह पंजाब की खानों से उपलब्ध है। यह दो किस्मों का होता है -

 

श्वेत सैंधवा - (सफेद रंग का सेंधा नमक)

रक्त सैंधवा - (लाल रंग का सेंधा नमक)

इनमें से किसी को भी सेंधा नमक कहा जा सकता है। दोनों स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं और आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल होते हैं।

 

अन्य सभी प्रकार के सेंधा नमक (हल्के या गहरे नीले, गुलाबी, बैंगनी या लाल, भूरे, काले, नारंगी और पीले रंग वाले सेंधा नमक) सबसे अच्छे प्रकार के सेंधा नमक नहीं माने जाते हैं। काला नमक भी सेंधा नमक का ही एक प्रकार है, जिसमें सोडियम क्लोराइड के अलावा सल्फर सामग्री भी शामिल है। आयुर्वेद के अनुसार, यह सफेद सेंधा नमक के बाद भोजन में प्रयोग करने के लिए दूसरा सबसे अच्छा नमक है।



 


चलिए हम ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री जी से जानते हैं हिमालयन सॉल्ट (सेंधा नमक) के इस्तेमाल से होनेवाले फायदे, जिसे जानकर आप इस नमक को अपने किचन का हिस्सा जरूर बनाना चाहेंगे। तो फिर बिना देरी किए आइए सेंधा नमक के सेहत से जुड़े फायदो के बारे में जानते हैं। जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे…

 

अगर आप अपने शरीर के वजन को कंट्रोल में रखना चाहते हैं तो फिर ये नमक आपके लिए एक बेहतर विकल्प है. इसके सेवन से मसल्स के कामकाज में सुधार आता है और उन्हें मजबूती मिलती है. इतना ही नहीं इससे मांशपेशियों की ऐंठन भी कम होती है.

 

हिमालयन साल्ट के पानी से नहाने से हड्डियों और नसों की सूजन को कम करने में मदद मिलती है. इससे मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा होता है. इतना ही नहीं इससे शरीर की खुजली और अनिद्रा की शिकायत भी दूर होती है.

 

हिमालयन सॉल्ट वेरिकॉज वेन्स, कमर दर्द, टखनों व पैरों की सूजन के रोकथाम में मदद करता है. इसे खाने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का सही संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है.

 

हिमालयन सॉल्ट से कुल्ला करने पर ओरल हेल्थ में सुधार होता है. सर्दी-खांसी से पीड़ित लोगों को इससे कुल्ला करने से बलगम से राहत मिलती है और फेफड़े साफ होते हैं.

 

हिमालयन साल्ट आपके तनाव को कम करता है और आपको मानसिक शांति प्रदान करता है. इस पानी से स्नान करने के बाद आप ज्यादा शांत, खुश और तरोताजा महसूस करते हैं.

 

हिमालयन साल्ट में मैग्नीशियम, कैल्शियम, ब्रोमाइड, सोडियम जैसे मिनरल और पोषक तत्व पाए जाते हैं जो सेहत और त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होते हैं.

 

मिनरल्स से भरपूर इस नमक को खाने से नर्व कंडक्टिविटी और कम्युनिकेशन में सुधार होता है. इससे शरीर को स्ट्रेस और टेंशन से राहत मिलता है.

 

मिनरल्स और पोषक तत्वों से भरपूर इस हिमालयन सॉल्ट के सेवन से आप ना सिर्फ हेल्दी और फिट रहेंगे बल्कि इस नमक के पानी से नहाकर आप अपने शरीर की कई तकलीफों से भी निजात पा सकते हैं।

 

- सेंधा नमक खराब पाचन के उपचार में काफी प्रभावी होता है। ये एक औषधि की तरह काम करता है जिससे पाचन में सुधार आता है। ये आपके भूख और गैस में भी राहत देता हैं।

 

रोजाना सेंधा नमक खाने से आपके शरीर के खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स को फिर से भरता है और पीएच स्तर को नियंत्रित रखता है। ये रक्त परिसंचरण को उत्तेजित करता है और शरीर में मौजूदा गंदगी और टॉक्सिक मिनरल्स को बहार निकाल देता है।

 

ये आपके रक्तचाप के स्तर का संतुलन बनाए रखता है।

 

सेंधा नमक कई दाद और कीड़े के काटे हुए और गाठिया के दर्द से रोगों के उपचारो से निजात दिलाता है। ये हर भारतीय घरों में पाया जाता हैं।

 

आप शायद इस तथ्य को जानकर चौंक जाएं कि सेंधा नमक वजन कम करने में मदद करता हैं। ये शरीर के फैट सेल्स को कम कर देता है।

 

जब सेंधा नमक नींबू के रस के साथ लिया जाता है तो पेट के कीड़ो से आराम मिलता है और उल्टियों को भी रोकता है।

 

सेंधा नमक की बनी हुई नमकीन और झरने का पानी जीर्ण गाठिया, पथरी से राहत प्रदान करता है।

 

 महंगे सी सॉल्ट बाथ खरीदने की बजाय आप बिना रुपय खर्च किए खुद भी बना सकते है अपना सी सॉल्ट बाथ,इसे बनाने के लिए अपने नहाने वाले पानी में 1 चम्मच सेंधा नमक मिला लें और फिर उस पानी को नहाने के लिए इस्तेमाल करे । इस पानी से नहाने से आपको राहत मिलेगा, ये गले की मांसपेशियों को शांत करता है, आपके शरीर को डिटॉक्सीफाय करता है। इसके साथ ही आपके रक्त चाप को नियंत्रित रखता है।

 

अगर अक्सर आपके मांसपेंशियों में ऐंठन होती है तो सेंधा नमक आपको राहत पहुंचा सकता है। इसके लिए एक गिलास पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक मिला कर पिएं।

 

जो लोग साइनस और सांस की समस्या से पीड़ित है उन्हें रोजाना सेंधा नमक का सेवन करना चाहिए। सेंधा नमक से गार्गिल करने से गले में सूजन, दर्द, सूखी खांसी और टॉन्सिल से राहत मिलती है। जो लोग ब्रोंकाइटिस, दमा या सांस की अन्य समस्याओं के शिकार है वो सेंधा नमक की भाप ले सकते हैं।

 

सेंधा नमक जरुरी मिनर्लस प्रदान करता है और आपके इम्यून सिस्टम को सुधारता हैं। इसके अलावा ये संचार, श्वसन और तंत्रिका तंत्र को एक हद तक सुधारता है।

 

सेंधा नमक आपके दातों को सफेद करता और मुंह के फ्रेशनर के तौर पर इस्तेमाल होता है। आप खराश के लिए इस नमक से गार्गिल भी कर सकते है।

 

सेंधा नमक प्रभावी ढंग से पाचन और लार के रस को स्वस्थ बनाए रखता है। आप सामान्य नमक की बजाय अपने खाने में सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकते है।

 

नमक को और प्रभावी बनाने के लिए आप तांबे के बर्तन में स्टोर कर सकते है जब तक वो लाल ना हो जाए।

 

सेंधा नमक हड्डियों और टीशूज को मजबूत बनाता है

 

सेंधा नमक को खूबसूरती बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके इस्तेमाल से आपके शरीर की मृत त्वचा से छुटकारा मिलता है।

 

 आप अपने शरीर को पोषण पहुंचाने के लिए भी सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकते है।

 

चेहरे को साफ करने के अलावा सेंधा नमक आपके त्वचा के टीशूज को मजबूत बनाता है और आपको जवां दिखाने में मदद करता है।

 

सेंधा नमक को आप पैरों के स्क्रब के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते है। इसके लिए बस आपको आधी बाल्टी गुनगुने पानी में 2 चम्मच सेंधा नमक मिलाना है और उसमें अपने पैरों को ड़ाल दें। इस पानी में अपना पसंदीदा कोई सा भी तेल ड़ाल सकते हैं।

 

इसके अलावा आप अपने क्लींनजर की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकते है जिसमें क्लीनजर के गुण समाए हुए है। सेंधा नमक जमी गंदगी और अतिरिक्त तेल बहार निकाल देते है। क्लींनजर बनाने के लिए आप अपने क्लींनजर में सेंधा नमक को मिला लें और साफ करने के बाद अपने चेहरे को धो लें।

 

 अगर आपके नाखून पीले पड़ गए हैं या फिर उसके रंग में बदलाव आ गया है तो आप सेंधा नमक की मदद से अपने खोए हुए रंग को पा सकते है। इससे आपके नाखूनों की खोई हुई चमक भी वापस आ जाएगी।

 

अगर आप स्केल्प की परेशानी के शिकार है जैसे कि आपके सर में खुजली या फिर डैंड्रफ है तो आप सेंधा नमक से छुटकारा पा सकते है। इसके एक्सफोलिएटिंग गुण के कारण आप स्केल्प की मृत त्वचा से छुटाकार पा सकते है। इसके लिए आप अपने शैम्पू की बोतल में 1 कप समुद्री नमक मिला कर रख दें और फिर उसी शैम्पू से अपना सर धो लें। इसके इस्तेमाल से आपको अपने डैंड्रफ में फर्क नजर आएगा।


 



सेंधा नमक खाने का सही तरीका - 

आयोडीनयुक्त नमक की तरह, सेंधा नमक का भी उपयोग खाना पकाने के लिए किया जा सकता है। अपने स्वाद के अनुसार सेंधा नमक को खाने में मिलायें। सेंधा नमक को शुद्ध माना जाता है इसलिए इसका उपयोग अनेक धार्मिक क्रियाओं के दौरान खाना पकाने के लिए किया जाता है।



 

 


ध्यान रखें -- लेकिन आप इसे बिना डॉक्टर के सुझाव के ना लें ।यह हाई बीपी, शोथ (edema) से पीड़ित लोगों को नहीं लेना चाहिए। बहुत अधिक मात्रा में लेने से यह ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है।

 

इस नमक में आयोडीन की मात्रा काफ़ी कम होती है। लेकिन आवश्यक खनिजों की उपयुक्त राशि होने के कारण इसे नियमित रूप से खाने की सलाह दी जाती है। आयोडीन की मात्रा कम होने के कारण अधिकतम स्वास्थ्य लाभ के लिए सेंधा नमक को आयोडीन युक्त नमक के साथ मिश्रित करने का सुझाव दिया जाता है। आप बराबर अनुपात में दोनों नमक को मिश्रित कर खाना बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं।

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