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Haealthy Heart Treatment के लिए Cyclothon का आयोजन



Haealthy Heart Treatment के लिए Cyclothon का आयोजन

Cyclothon

हेल्दी हार्ट(Heart Desease Treatment) के  प्रति जागरूकता फैलाने के  लिए  पारस अस्पताल(Healthy Heart Clinic) ने  साइक्लोथॉन का आयोजन किया



  • पारस हॉस्पिटल और  डॉ सुनील डबास के साथ मिलकर लोगों को हेल्दी हार्ट के लिए टिप्स दिए

  • 550 साइकिलिस्ट ने इस जागरूकता साइक्लोथॉन में हिस्सा लिया


गुरुग्राम:- विश्व हृदय दिवस 2019 मनाने के उद्देश्य से,  पारस अस्पताल गुरुग्राम (Healthy Heart Clinic )ने एक स्वस्थ हृदय रखने के महत्व के लिये जागरूकता बढ़ाने के लिए साइक्लोथॉन का आयोजन किया। साइकिल रेस पारस ट्रिनिटी, सेक्टर -63 में शुरू हुई।


सुबह 5:30 बजे साइक्लोथॉन को रवाना किया गया और 550 से अधिक साइकिल प्रेमियों ने भाग लेते हुए इस जागरुकता शिविर का समर्थन किया। साइक्लोथॉन को विभन्नि श्रेणियों (5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और  20 किलोमीटर ) के बीच विभाजित किया गया था। इसका उद्देश्य लोगों को इस बात से अवगत कराना था कि आहार, शारीरिक निष्क्रियता और तनाव जैसे रोकथाम वाले जोखिम कारक बड़े पैमाने पर हृदय रोग के खतरे को कैसे बढ़ाते हैं।


पुरुषों और महिलाओं दोनों में  जोखिम के साथ युवा पीढ़ी के बीच हृदय रोग कैसे बढ़ता जा रहा है। इस आयोजन में भाग लेने वालों ने एक अच्छे और सर्वहितकारी कार्य के प्रति जागरूकता के लिये उत्साह दिखाया। इतना ही नहीं दिल के रोगों से प्रभावित लोगों को रोगों से लड़ने और स्वस्थ रहने के संदेश भी दिया ।


डॉ. डी के झाम्ब, डायरेक्टर एंड एचओडी,  कार्डियोलॉजिस्ट,  पारस हॉस्पिटल्स, गुड़गांव ने कहा कि “विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, हर साल लगभग 1.7 मिलियन भारतीयों के दिल धड़कना बंद कर देते हैं। इसलिए, यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि हम भारत में स्वस्थ हृदय बनाए रखने के बारे में जागरूकता पैदा करें। हृदय रोग से मृत्यु के प्रमुख कारणों में वृद्धि, आलसी जीवन शैली के कारण होती है। शारीरिक निष्क्रियता से हृदय रोग, टाइप 2 मधुमेह और मोटापे का खतरा दोगुना हो जाता है। यह हाई ब्लड प्रेशर, लिपिड के स्तर में असंतुलन और चिंता के खतरों को भी बढ़ाता है, जो व्यक्तिगत रूप से हृदय रोग में योगदान करते हैं. ”


साइक्लोथॉन एक विशेष रूप से चलने वाला जागरूकता शिविर का अनुभव है और यह आयोजन भारत के सबसे बड़े साइक्लोथॉन में से एक है। साइक्लोथान विजेताओं [भानु (5 किलोमीटर), सूरज ( 10 किलोमीटर) और नज़ीर (20 किलोमीटर)] को पुरस्कार दिए गए और इस समारोह में भाग लेने वाले सभी लोगों को उपहार दिए गए।


डॉ सुनील डबास, पूर्व कोच राष्ट्रीय महिला कबड्डी टीम ने कहा कि “हम इन दिल की बीमारियों को काफी करीब से देखते हैं। दिल की बीमारियाँ भारत में हर साल भारी तादाद में लोगों की जान ले लेती हैं। 25-60 आयु वर्ग के भारतीयों के बीच सबसे ज्यादा होने वाला रोग हृदय रोग हैं , कार्डियेक अरैस्ट, दिल का फेल होना, कोरोनरी हृदय रोग, हृदय रोग और स्ट्रोक भी भारतीय लोगों का जीवन दुखदायी बनाते हैं।


पारस अस्पताल के बारे में-


पारस अस्पताल गुड़गांव, पारस हेल्थकेयर(Heart Desease Treatment) का 250 बिस्तर वाला फ्लैगशिप अस्पताल है, जो 35,0000 वर्ग फुट और 4 मंजिलों में फैला है। अस्पताल में 9 सेंटर्स ऑफ एक्सिलेंस और 55 सुपर स्पेशियलिटीज हैं। 64 क्रिटिकल केयर बेड, 7 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं हैं। पूरी तरह से सुसज्जित कार्डियक कैथ लैब, अत्याधुनिक कैंसर केंद्र, डायलिसिस और एंडोस्कोपी सूट और एक व्यापक ब्लड बैंक है। अस्पताल की स्थापना और प्रबंधन डॉक्टर-उद्यमियों की एक टीम द्वारा किया गया है और यह भारत में स्वास्थ्य सेवा के स्वरूप बदलने के लिए समर्पित है।


पारस अस्पताल, गुड़गांव,(Healthy Heart Clinic ) हरियाणा का पहला एनएबीएच मान्यता प्राप्त कॉर्पोरेट अस्पताल भी है। यह एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला होने वाला क्षेत्र का पहला अस्पताल है।


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