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गौ आश्रम की स्थिति से नाराज हुए संत, सौंपा प्रशासन को ज्ञापन



गौ आश्रम की स्थिति से नाराज हुए संत, सौंपा प्रशासन को ज्ञापन

जिलाधिकारी गोण्डा व उपजिलाधिकारी को सन्त व समाजसेवी लोग सौपते ज्ञापन

गौ आश्रय केंद्रों की ब्यवस्था से नाराज दर्जनों लोगों ने सौपा जिला प्रशासन को ज्ञापन


भ्रष्टाचार की भेट चढ़ी गौ आश्रय केंद्रों की ब्यवस्था से नाराज सन्तों ने दिया अल्टीमेटम


गोंडा ! प्रदेश सरकार ने छुट्टा पशुओं से किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने व आये दिन इन पशुओं की वजह से सड़क दुर्घटनाओं में तथा इनके हमलों से होने वाले जानमाल की क्षति से निजात दिलाने के लिए करोणों रुपयों का बजट पानी की तरह बहा कर सभी जनपदों में गौ आश्रय केंद्रों का निर्माण तो कराया गया मगर परिणाम आज भी सिफर के बराबर है।


न तो किसानों को इन पशुओं से निजात मिल पाई है और न ही सड़कों पर इनकी तादात में कोई कमी पाई जा रही है।


जैसे तैसे चल रही गौ आश्रय केंद्र की लचर ब्यवस्था में जिन पशुओं को शरण मिली है उनकी दैहिक स्थिति सड़क पर घूमने वाले पशुओं से अधिक दयनीय देखी जा रही है न तो उनके चारे की समुचित ब्यवस्था है न ही इलाज की बेहतर सुविधा मिल पा रही है जिसके कारण आश्रय केंद्र में रखे गए पशुओं की स्थिति में गिरावट आते आते अंततःदर्द नाक मृत्यु को प्राप्त हो रही हैं।



कैसा चल रहा है जनपद में गौ आश्रय केंद्रों की व्यवस्था की एक बानगी


 


नजीर के तौर पर जनपद गोंडा के मुज़ेहना ब्लॉक के ग्राम रुद्रगढ़ नौसी में बनी प्रदेश की प्रथम मॉडल गौ आश्रय केंद्र में सैकड़ों गायों और गौ वंशों की मौत को ले कर इससे पूर्व में भी स्थानीय लोगों के साथ कुछ सन्तों ने आक्रोश प्रकट करते हुए जांच और जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही की मांग की गयी थी किन्तु न तो ब्यवस्था में कोई सुधार आया और न ही पशुओं की भारी तादात में हुयी मौतों की जिम्मेदारी तय करके किसी पर कार्यवाही की गयी आश्रय केंद्र से सम्बंधित शिकायतों का निस्तारण मजाकिया लहजे में करके सरकार की साख पर बट्टा लगाने में भी कोई कसर नही छोड़ा जा रहा है बात किसी एक आश्रय केंद्र की नही है हाल तकरीबन सभी आश्रय केंद्रों का एक जैसा ही है।।


समय से नहीं मिलता को गौआश्रय केन्द्रों में कार्य करने वाले मजदूरों की मजदूरी



मजदूरी करके अपनी बाल बच्चों की परवरिश करने वाले मजदूरों का श्रमिक भुगतान में अनियमित्ता भी किसी से छुपी नही है आश्रय केंद्रों में कम करने वाले श्रमिकों का पारिश्रमिक नियमित न होना भी आश्रय केंद्रों की अब्यवस्था की वजह बनती रही है।


व्यवस्था से नाराज दर्जनों लोगों ने जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन


सोनबरसा पोखरा स्थिति ज्वाला देवी मन्दिर के संरक्षक महंत छोटे बाबा जी सिंघवापुर मेहनवन स्थित गौ सेवा धाम हॉस्पिटल संचालन सन्तोषी दास महराज दिनेश कुमार तिवारी जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद मिडिया प्रभारी प्रदीप शुक्ला सहित दर्जनों लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर 15 दिनों के भीतर सभी आश्रय केंद्रों का सुचारू संचालन सुनिश्चित कराने के साथ यातायात मार्गों को पशुओं से मुक्त कराये जाने की मांग की है जिसमे कहा गया है की समयावधि व्यतीत होने तक यदि ब्यवस्था में कोई सुधार नही आता है तो जनपद में साधू सन्तों के साथ आमजन मानस का एक बृहद जनांदोलन किया जाएगा!
इस बड़ी जनसमस्या से अवगत करा कर लौट रहे लोगों में गुसबुशाहट रही की जिलाधिकारी नितिन बंसल ने कुर्सी पर बैठे बैठे बिना देखे ज्ञापन लिया और सिर हिला कर जाने को कहा उनके इस बर्ताव से लोग खासा नाराज दिखे वहीं दूसरी तस्वीर उपजिलाधिकारी सदर से मुलाक़ात करते समय निराश लोगो को सम्मान प्राप्त हुआ।


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