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SIP के हैं बड़े फायदे इन जगह करें mutual fund में निवेश 



SIP के हैं बड़े फायदे इन जगह करें mutual fund में निवेश 

Share market

इस तरह से करें Mutual Fund investment


Bussiness Desk -म्यूच्यूअल फण्ड(Mutual fund) में सिप(SIP Full Form) Systmatic Investment Plan(SIP Meaning) के बारे में तो हम सभी ने सुना है या फिर जानते है लेकिन आज हम बताने जा रहे है स्टॉक सिप (Stock SIP)के बारे में. सिप का मतलब है सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP what is)यानि के इक निश्चित राशि किसे निश्चित समय अंतराल के लिए निवेश करनाऔर ये निश्चित राशि 500 से 5 लाख राशि तक की भी हो सकती है.



निश्चित समय अंतराल साप्ताहिक,मासिक या तीन माह का भी हो सकता है.सिप(SIP) दो तरीके से होता है एक निश्चित समय अंतराल और दूसरा लगातार।
इक निश्चित समय अंतराल में सिप ६ महीने,१ साल ,२,३,५ या इससे ज्यादा साल के लिए हो सकता है..और दूसरा स्थिति यानि की लगातार सिप में हम जब चाहे अपनी सिप को रोक सकते है. किन्तु अब प्र्शन ये उठता है की क्या हमे सिप(SIP) करना चाहिए। तो अगर हमारा उद्देशय लम्बी अवधी के लिए निवेश करना है,तो सिप एक बहुत ही अच्छा विकल्प है.



शेयर (Share Market) के मूल्य में उतार चढ़ाव आते रहते है. किन्तु जब हम सिप (How to Invest in Mutual Fund) करते है तो हम हर बढे घटे मूल्य में उस शेयर(Share Market) को एक निश्चित समय अंतराल में खरीदते रहते है.



इस तरह से करते हैं SIP(Systematic Investment Plan) में Investment माना की 2000 की राशि हम हर महीने सिप में डालते है तो हर महीने २००० में जितने भी शेयर आएंगे वो हमे खरीदते जाना है। शेयर के मूल्य में उतार चढ़ाव के कारण खरीदे गए शेयर के संख्या कभी कम भी हो सकती है और कभी ज्यादा भी और जिस निश्चित अवधि के लिए हमने निवेश किया था उस समय शेयर के मूल्य और खरीदे गए शेयर की संख्या के अनुसार हमे लाभ के प्राप्ति होती है.


किन्तु अब प्रश्न ये उठता है के आखिर हम स्टॉक सिप(Stock SIP) कैसे कर सकते है तो यहाँ हमे ये जान लेना चाहिए की म्यूच्यूअल फण्ड में(Investment in mutual fund SIP) सिप हमेशा फण्ड मैनेजर (Fund Manager) के द्वारा होती है. लेकिन स्टॉक सिप जिसे इ सिप (E SIP)भी कहते है में निवेश खुद ही करना होता है या फिर ब्रोकर (broker)के द्वारा कराया जा सकता है.



कितने राशि के शेयर कितनी समयावधि में खरीदने है ये ब्रोकर को बता देना होता है और ब्रोकर उस निश्चित राशि के शेयर्स तय निश्चित समयांतराल में खरीद लेते है.स्टॉक सिप या इ सिप किसी एक शेयर या फिर शेयर के समूह २,३,४,५ या इससे ज्यादा शेयर के लिए भी किया जा सकता है स्टॉक सिप करते समय ये बात ध्यान रखनी चाहिए की सिप हमेशा अच्छे स्टॉक यानि के जो फ़ण्डामेंटली मजबूत शेयर है.. उन्ही में करे.और म्यूच्यूअल फण्ड की ही तरह विविध करे.यानि की सारे पैसे एक ही शेयर में निवेश न करे बल्कि अलग अलग सेगमेंट के शेयर में करे।
स्टॉक सिप के फायदे-
१. एक छोटी सी राशि में निवेश कर के इस राशि को बड़ा बनाया जा सकता है यानि की कतरा कतरा जमा कर के हम पूरा आशिया तैयार कर सकते है.
२. एक बड़े आर्थिक उद्देशय को सिप के द्वारा पूरा किया जा सकता है।
३.चुकी निवेश के राशि कम होती है तो जोखिम भी कम हो जाता है.
४.पैसे के जब कभी आकाशमीक जरुरत आन पड़े अपने खरीदे गए शेयर्स को बेच कर पैसे निकले जा सकते है...
५.सिप के सबसे बड़े फायदे कम्पौंडरी यानि की ब्याज पर भी ब्याज पर हम स्टॉक सिप में वंचित रहते है किन्तु फिर भी इ सिप में म्यूच्यूअल फण्ड सिप से ज्यादा रिटर्न मिलता है. और इसका एक सबसे बड़ा उदहारण hdfcbank,bajajfinance का है.


Courtesy Astha 


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